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वास्तविक संजीवनी
Rishi Prasad Hindi
|May 2023
ईरान के बादशाह नशीखान ने संजीवनी बूटी के बारे में सुना। उसने अपने प्रिय हकीम बरजुए से पूछा : "क्या तुमने भी कभी संजीवनी बूटी का नाम सुना है ?"
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हकीम : "जी बादशाह सलामत ! यह हिन्दुस्तान की एक मशहूर बूटी है, जो मुर्दे को भी जिंदा कर देती है।"
"तुम हिन्दुस्तान जाकर उस बूटी को इस मुल्क में ले आओ।"
हकीम हिन्दुस्तान आकर संजीवनी की तलाश में खूब घूमा। कई जगह गया। यहाँ का रहन-सहन, सांस्कृतिक रीति-रिवाज, किसी भी जीव को दुःख न देने की भावना, आपसी सहयोग व परोपकार की भावना से ओतप्रोत व्यवहार ने उसे बहुत प्रभावित किया। उसे हिन्दुस्तान में जो-जो बेशकीमती लगा वह उसे ईरान ले जाने के लिए इकट्ठा करता गया।
This story is from the May 2023 edition of Rishi Prasad Hindi.
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