Try GOLD - Free
तुलसीदास
Kendra Bharati - केन्द्र भारती
|Kendra Bharati September 2022
चित्रकथा
गंगा के किनारे बसा राजपुर नाम का एक गाँव था। स्वामी आत्माराम उसी गाँव में रहते थे। वह बादशाह अकबर के दरबार में एक उच्च पद पर कार्य करते थे। उनके पुत्र का नाम तुलसी था। कम आयु में भी उन्होंने छात्रवृत्ति में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया था। स्वामी आत्माराम ने तुलसी को बादशाह के दरबार में ले जाकर बादशाह से उसका परिचय करवाया।
आत्माराम ने राजा से कहा, "महामहिम, मैं बूढ़ा हो रहा हूँ। मैं अपने शेष दिन तीर्थयात्रा और विश्राम में बिताना चाहता हूँ।"
बादशाह ने आत्माराम से कहा, "ठीक है। तुम्हारी जैसी इच्छा है वैसा ही करो। मैं तुलसी को आपके पद पर नियुक्त करूंगा।"
तीर्थयात्रा पर जाने से पहले स्वामी आत्माराम ने अपने पुत्र तुलसी का विवाह ममता नाम की एक कुलीन लड़की से किया विवाह पश्चात् तीर्थयात्रा पर जाने से पहले पिता ने तुलसी और ममता से कहा, “बेटा तुलसी, तुम और तुम्हारी पत्नी को अपनी माँ की अच्छी देखभाल करनी चाहिए। बादशाह ने जो पद तुम्हें दिया है उससे तुम अच्छा नाम कमाओ। अब मुझे तीर्थयात्रा पर जाने की अनुमति दो।"
सम्राट के यहाँ नियुक्त होने के बाद तुलसी सम्पन्नता और किसी का नियंत्रण न होने के कारण बुरी आदतों में फंस गया। उसकी माँ की सारी सलाह भी व्यर्थ गई।
माँ ने तुलसी से कहा, “बेटा, बुरी आदतें तुम्हें शोभा नहीं देतीं। यदि तुम्हारे पिता को यह ज्ञात हो जाए तो उन्हें बहुत दुःख होगा। बादशाह ने तुम्हारे पिता पर ने इतना भरोसा रखा है, उस भरोसे के योग्य बनना तुम्हारा कर्तव्य है।"
तुलसी ने माँ से कहा, "मुझे यह नौकरी बिल्कुल पसंद नहीं है। में केवल पिताजी के लिए यह कर रहा हूँ।"
तीर्थयात्री आत्माराम को किसी तरह अपने बेटे की बुरी आदतों का पता चला। इसलिए वे अपनी यात्रा को आधा छोड़कर घर लौट आए। पिता ने तुलसी से कहा, "मैं बादशाह को तुम्हारी समस्या से अवगत कराऊंगा। कुछ समय के लिए तुम और तुम्हारी पत्नी अपने गांव राजपुर में रहो।"
तुलसी ने पिता आत्माराम से कहा, "मेरी भी यही इच्छा है।"
This story is from the Kendra Bharati September 2022 edition of Kendra Bharati - केन्द्र भारती.
Subscribe to Magzter GOLD to access thousands of curated premium stories, and 10,000+ magazines and newspapers.
Already a subscriber? Sign In
MORE STORIES FROM Kendra Bharati - केन्द्र भारती
Kendra Bharati - केन्द्र भारती
प्रेमकृष्ण खन्ना
स्थानिक विभूतियों की कथा - २५
6 mins
July 2023
Kendra Bharati - केन्द्र भारती
स्वस्थ विश्व का आधार बना 'मिलेट्स'
मिलेट्स यानी मोटा अनाज। यह हमारे स्वास्थ्य, खेतों की मिट्टी, पर्यावरण और आर्थिक समृद्धि में कितना योगदान कर सकता है, इसे इटली के रोम में खाद्य एवं कृषि संगठन के मुख्यालय में मोटे अनाजों के अन्तरराष्ट्रीय वर्ष (आईवाईओएम) के शुभारम्भ समारोह के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदीजी के इस सन्देश से समझा जा सकता है :
7 mins
July 2023
Kendra Bharati - केन्द्र भारती
जब प्राणों पर बन आयी
एक नदी के किनारे एक पेड़ था। उस पेड़ पर बन्दर रहा करते थे।
1 mins
July 2023
Kendra Bharati - केन्द्र भारती
देव और असुर
बहुत पहले की बात है। तब देवता और असुर इस पृथ्वी पर आते-जाते थे।
2 mins
July 2023
Kendra Bharati - केन्द्र भारती
हर्षित हो गयी वानर सेना
श्री हनुमत कथा-२१
4 mins
July 2023
Kendra Bharati - केन्द्र भारती
पण्डित चन्द्र शेखर आजाद
क्रान्तिकारियों को एकजुट कर अंग्रेजी शासन की जड़ें हिलानेवाले अद्भुत योद्धा
6 mins
July 2023
Kendra Bharati - केन्द्र भारती
भारत राष्ट्र के जीवन में नया अध्याय
भारत के त्रिभुजाकार नए संसद भवन का उद्घाटन समारोह हर किसी को अभिभूत करनेवाला था।
6 mins
July 2023
Kendra Bharati - केन्द्र भारती
समान नागरिक संहिता समय की मांग
विगत दिनों से समान नागरिक संहिता का विषय निरन्तर चर्चा में चल रहा है। यदि इस विषय पर अब भी कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो इसके गम्भीर परिणाम आनेवाली सन्तति और देश को भुगतना पड़ सकता है।
7 mins
July 2023
Kendra Bharati - केन्द्र भारती
शिक्षा और स्वामी विवेकानन्द
\"यदि गरीब लड़का शिक्षा के मन्दिर न आ सके तो शिक्षा को ही उसके पास जाना चाहिए।\"
5 mins
July 2023
Kendra Bharati - केन्द्र भारती
लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक
२३ जुलाई, जयन्ती पर विशेष
5 mins
July 2023
Translate
Change font size
