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कैसे दिखते थे भगवान् श्रीराम ?
Jyotish Sagar
|April 2025
अपने सद्गुणों के द्वारा श्रीराम वैसे ही शोभा पाते हैं, जैसे तेजस्वी सूर्य अपनी किरणों से सुशोभित होते हैं।
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मनुष्य रूप में जब भगवान् का श्रीराम का अवतार हुआ, तब वे कैसे दिखते थे? इसका वर्णन वाल्मीकिरामायण, विभिन्न पुराणों, श्रीरामचरितमानस एवं विभिन्न भाषाओं में लिखित रामचरित आधारित ग्रन्थों में मिलता है। इस सम्बन्ध में वाल्मीकिरामायण को सर्वाधिक प्राचीन होने के कारण प्रामाणिक स्रोत के रूप में देखा जाता है। वाल्मीकिरामायण में अनेक स्थानों पर श्रीराम के रंग-रूप, सौन्दर्य, रहन-सहन, दिनचर्या, गुण, व्यवहार आदि का वर्णन मिलता है।
ऐसे वर्णनों में नारद जी, अयोध्यावासी, दशरथ जी, हनुमान जी, सुग्रीव, मारीच आदि के कथनों में आए वर्णन महत्त्वपूर्ण हैं। इसी प्रकार के वर्णनों के आधार पर प्रस्तुत आलेख में भगवान् श्रीराम की रूप-छवि को वर्णित करने का एक छोटा प्रयास किया गया है।
ऐसे दिखते हैं प्रभु श्रीराम!वाल्मीकिरामायण में मिले विवरण के अनुसार भगवान् श्रीराम कामदेव के समान सौन्दर्यवान् तथा इन्द्र के समान तेजस्वी हैं। वे परम सुकुमार, महाबलशाली और राजोचित लक्षणों से युक्त हैं। उनका शरीर सुडौल था और वे मध्यम कद के थे अर्थात् न तो बहुत अधिक लम्बे और न ही बहुत अधिक नाटे कद के थे। उनकी लम्बाई 4 हाथ’ यानी लगभग 6 फुट’ थी! शरीर के सभी अंग समानुपाती थे। ठीक उसी प्रकार जैसे एक आदर्श पुरुष में होने चाहिए। वर्ण नीलकमल के समान श्याम है' और त्वचा स्निग्ध है।
This story is from the April 2025 edition of Jyotish Sagar.
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