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गोस्वामी तुलसीदास की जन्मतिथि: एक गवेषणा
Jyotish Sagar
|August 2023
रामचरितमानस के लेखक एवं महान् संत गोस्वामी तुलसीदासजी का यशोगान समस्त हिन्दू धर्मावलम्बियों के घरों में किया जाता है, परन्तु ऐसे महान् संत की जन्मतिथि के सम्बन्ध में अभी भी निश्चित रूप से कुछ नहीं कहा जा सकता।
तुलसीदासजी की कृतियों में भी कोई ऐसा साक्ष्य नहीं है, जिसकी सहायता से हम किसी भी हद तक निश्चय के साथ उनकी जन्मतिथि निर्धारित कर पाते। राम मुक्तावली में आई एक पंक्ति के आधार पर हिन्दी के विद्वान् जगन्मोहन वर्मा का कहना था कि तुलसीदासजी 120 वर्ष तक जीवित रहे और इसलिए उनकी जन्मतिथि विक्रम संवत 1560 होनी चाहिए, परन्तु तुलसीदास जी के जीवन चरित एवं उनकी रचनाओं पर दशकों तक शोधकार्य करने वाले डॉ. माता प्रसाद गुप्त का कहना है कि राममुक्तावली की शैली, विचारधारा तथा छन्द योजना आदि के आधार पर इसे गोस्वामी की जी कृति नहीं माना जा सकता। फिर भी जिस पंक्ति के आधार पर जगन्मोहन वर्मा ने यह अनुमान निकाला था, वह इस प्रकार है:
पवनतनय मो सन कहियो ।
पांच बीस अरु बीस।।
‘पाँच बीस' अर्थात् पाँच बार बीस अर्थात् 100 'अरु बीस' अर्थात् अतिरिक्त 20 इस तरह 120 वर्ष उन्होंने अनुमान लगाया, परन्तु विद्वान् इस व्याख्या से सहमत नहीं हैं। उनका कहना है कि यह संख्या 45 है। डॉ. माताप्रसाद गुप्त भी इसे 45 की संख्या मानते हैं। इसके अतिरिक्त उनका कहना है कि “45 संख्या ही अधिक समीचीन है, क्योंकि अन्यथा यदि 120 की अवस्था का घटना का उल्लेख कवि (तुलसीदासजी) इस पंक्ति में कर रहा है, तो अवश्य ही यह पंक्ति 120 की अवस्था के बाद लिखी गई होगी।”
This story is from the August 2023 edition of Jyotish Sagar.
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