Try GOLD - Free
कृत्रिम मेधा का महत्त्व और जोखिम
Jansatta Lucknow
|July 31, 2025
आज के दौर में कृत्रिम मेधा भले ही कई मायनों में फायदेमंद है, लेकिन इसके खतरे भी कम नहीं हैं। इस आधुनिक तकनीक के कारण दुनिया से खत्म होती नौकरियां और सोशल मीडिया मंचों पर नकली सामग्री की भरमार ने इसका अहसास करा दिया है।
पिछले करीब तीन दशकों में इंटरनेट ने दुनिया को जो गति और विस्तार दिया है, उसकी कल्पना शायद ही पहले की गई होगी। पूरे संसार को हमारे हाथों में मौजूद स्मार्टफोन में सिमटा देने वाली इस तकनीक को एक क्रांति के रूप में देखा जा रहा है।
तीन साल पहले वर्ष 2022 में 'चैटजीपीटी' की शक्ल में कृत्रिम मेधा (एआइ) ने इसमें वह सुविधा जोड़ दी, जिससे कई कई तरह के काम आसान हो गए हैं। सबसे बड़ी बात यह कि कोई भी काम अब पलक झपकते ही हो जाता है। निश्चित ही इसके कुछ फायदे हैं, पर खतरे उससे कई गुना ज्यादा। एआइ के कारण दुनिया से खत्म होती नौकरियों ने चिंता बढ़ा दी है। मगर शायद नुकसान इससे भी कहीं ज्यादा हैं। इसका अहसास तब हुआ, जब यूट्यूब (गूगल) और फेसबुक (मेटा) ने कृत्रिम मेधा से बनाई जा रही सामग्री की रोकथाम के उपायों को लागू करना शुरू किया। इन उपायों का एक उल्लेखनीय पहलू यह है कि कृत्रिम मेधा से युद्ध के लिए खुद कृत्रिम मेधा को ही सामने किया जा रहा है।
इंटरनेट कंपनियों ने हाल में कृत्रिम मेधा से पैदा होने वाली ऐसी सामग्री के खिलाफ मोर्चा खोला है, जिसे हजारों-लाखों लोग बना कर इनके मंचों (जैसे यूट्यूब, फेसबुक और इंस्टाग्राम) पर तस्वीरों और वीडियो की शक्ल में डाल रहे हैं और पैसे कमा रहे हैं। समस्या यह नहीं है कि इस तरकीब से हजारों लोग कमाई कर रहे हैं, बल्कि यह है कि इन नकलची लोगों के कारण उन्हें परेशानी हो रही है, जो मौलिक रूप से कोई रचनात्मक सामग्री तैयार करते हैं। साथ ही, समस्या है कृत्रिम मेधा के उपकरणों से बनी ऐसी नकली सामग्री की, जिसे यूट्यूब-फेसबुक आदि की निर्माता कंपनियां अपनी विश्वसनीयता के लिए खतरा मान रही हैं। खास बात यह है कि कृत्रिम मेधा की मदद से कोई सामग्री तैयार करने के उपाय खुद इन्हीं मंचों से सुझाए गए हैं, पर अब जिस तरह से नकली सामग्री की भरमार इन पर हो गई है, उससे असली-नकली का फर्क भी मिटता दिख रहा है।
This story is from the July 31, 2025 edition of Jansatta Lucknow.
Subscribe to Magzter GOLD to access thousands of curated premium stories, and 10,000+ magazines and newspapers.
Already a subscriber? Sign In
MORE STORIES FROM Jansatta Lucknow
Jansatta Lucknow
इंग्लैंड के खिलाफ मजबूत शुरुआत करने उतरेगा भारत
आज से शुरू हो रही पांच मैच की टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला
1 mins
July 01, 2026
Jansatta Lucknow
नीदरलैंड के टूर्नामेंट से बाहर होने के बाद पुलिस से भिड़े प्रशंसक
मोरक्को ने सोमवार रात नीदरलैंड को पेनल्टी शूटआउट में हराकर फुटबाल विश्व कप से बाहर कर दिया जिसके बाद द हेग में फुटबाल प्रशंसकों की पुलिस से झड़प हुई जबकि कासाब्लांका में जश्न मनाया गया।
1 min
July 01, 2026
Jansatta Lucknow
रेलवे ने 1131 करोड़ की परियोजनाओं को दी मंजूरी
बिहार राज्य सहित दो मंडल को फायदा होगा, लाइन की क्षमता बढ़ेगी
1 mins
July 01, 2026
Jansatta Lucknow
नए कानून लागू करने में हरियाणा नंबर एक पर, दिल्ली पीछे
देश के हाइटेक शहरों में शुमार दिल्ली नए आपराधिक कानूनों (भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता व भारतीय साक्ष्य अधिनियम) को लागू करने की प्रक्रिया में पीछे है।
1 mins
July 01, 2026
Jansatta Lucknow
कांग्रेस ने रक्षा मंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया
कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने मंगलवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के खिलाफ लोकसभा में विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया और आरोप लगाया है कि सिंह ने आपरेशन सिंदूर के दौरान सैनिकों के शहीद होने के संबंध में सदन को गुमराह किया।
1 min
July 01, 2026
Jansatta Lucknow
अदालत के निर्देश पर यथास्थिति बरकरार रहेगी
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कर्नाटक उच्च न्यायालय के उस आदेश के मामले में यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया, जिसमें 'एथेनाल आपूर्ति वर्ष' (ईएसवाई) 2025-26 के लिए एथेनाल आबंटन बढ़ाने का आदेश दिया गया था।
1 min
July 01, 2026
Jansatta Lucknow
'लेटरहेड पर नाम महत्त्वपूर्ण नहीं'
हिंद-प्रशांत कमान का नाम बदलने को लेकर उठे विवाद को गोर ने किया खारिज।
1 min
July 01, 2026
Jansatta Lucknow
इंडिया सेमीकंडक्टर के लिए 1.25 लाख करोड़ मंजूर
भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने की दिशा में वित्त मंत्रालय ने उठाया बड़ा कदम
1 min
July 01, 2026
Jansatta Lucknow
नाकआउट में सेनेगल के सामने बेल्जियम की चुनौती
पेप गुये पर टिकी हैं निगाहें
1 mins
July 01, 2026
Jansatta Lucknow
आइसीएमआर का बजट बढ़ा, पर तकनीक बिक्री से कमाई में फिसड्डी
चिकित्सा के क्षेत्र में स्वदेशी तकनीक को विकसित करने के मामले में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) पिछड़ता हुआ दिख रहा है।
1 mins
July 01, 2026
Listen
Translate
Change font size
