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कोरोना ने फिर से दे दी है दस्- हो जाइए सचेत तक
Sadhana Path
|June 2025
एक बार फिर से कोरोना वायरस तेजी से फैल रहा है। आइए जानते हैं कि कोराना का यह नया वैरिएंट कितना खतरनाक है और क्या इसकी वजह से एक बार फिर से देश में लॉकडाउन लगाने की जरूरत पड़ेगी ?
'कोरोना वायरस' का नाम सुनते ही हमारे दिमाग में साल 2020 से 2021 का वो खौफनाक मंजर याद आने लगता है, जब इसने चारों तरफ तबाही मचा रही थी। यह वायरस इतना ज्यादा खतरनाक है कि चले जाने के बाद भी थोड़े-थोड़े समय अंतराल पर अपना रूप बदलकर एक नए वैरिएंट के रूप में हमारे सामने आ जाता है। हर बार की तरह एक बार फिर से कोरोना वायरस ने दस्तक दे दी है और इस बार इसका नया वैरिएंट जेएन-1 है। आइए कोरोना के जेएन-1 वैरिएंट के बारे में और ज्यादा विस्तार से जानते हैं कि यह क्या है व कितना खतरनाक है? और इससे बचाव के लिए क्या-क्या करने की आवश्यकता है।
किन देशों में तेजी से फैल रहा है कोरोना का जेएन-1 वैरिएंट
कोरोना जेएन-1 वैरिएंट सिंगापुर, हांगकांग, थाईलैंड में काफी तेजी से फैल रहा है। यहां हर दिन इसके कई नए मामले सामने आ रहे हैं और अब इसने इन देशों के साथ-साथ भारत में भी दस्तक दे दी है। भारत में फिर से केरल, तमिलनाडु और महाराष्ट्र में कोरोना के नये मरीज तेजी से बढ़ने लगे हैं। अब तक मुंबई के केईएम हॉस्पिटल में दो कोरोना पॉजिटिव मरीजों की मौत होने के बाद शहर में कोरोना के प्रति सतर्कता काफी ज्यादा बढ़ा दी गई है और स्वास्थ्य विभाग भी अपनी तरफ से अलर्ट मोड़ पर आ गया है।
कोरोना जेएन-1 वैरिएंट क्या है
कोरोना का जेएन-1 वैरिएंट, ओमिक्रोन का ही एक नया वैरिएंट है और उसके सब-वेरिएंट्स एलएफ-7 और एनबी 1.8 को इस बार वायरस संक्रमण के लिए जिम्मेदार माना जा रहा है। जेएन-1 वैरिएंट ओमिक्रॉन बीए-2.86 वंश के परिवार का वायरस है। इस वैरिएंट की पहली बार पहचान अगस्त 2023 में की गई थी। इसमें तकरीबन 30 म्यूटेशन हैं। ये एडिशनल वन और टू म्यूटेशनन्स के जरिए बहुत ही आसानी से फैलने की क्षमता रखता है। यह वायरस संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने पर एक-दूसरे में सांस, आंख, नाक और मुंह के द्वारा शरीर में बहुत ही आसानी से प्रवेश करता है।
This story is from the June 2025 edition of Sadhana Path.
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