Facebook Pixel चौंसठ तीर्थों का महातीर्थ-तिरुपति | Sadhana Path - health - Read this story on Magzter.com
Go Unlimited with Magzter GOLD

Go Unlimited with Magzter GOLD

Get unlimited access to 10,000+ magazines, newspapers and Premium stories for just

$149.99
 
$74.99/Year

Try GOLD - Free

चौंसठ तीर्थों का महातीर्थ-तिरुपति

Sadhana Path

|

June 2024

भारत के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक है तिरुपति मंदिर। भक्तों की आस्था है कि यहां दर्शन करने से उनकी हर मनोकमना की पूर्ति हो जाती है। इसीलिए इस लेख के माध्यम से हम आपको ले जा रहे हैं तिरुपति मंदिर की यात्रा पर।

- विजय कुमार सिंह

चौंसठ तीर्थों का महातीर्थ-तिरुपति

श्रीवेंकटेश्वर के देवस्थानम पर भक्तों के मेले नित्य प्रति बढ़ते जा रहे हैं। तिरुमल तिरुपति देवस्थानम के दर्शन की यात्रा सारा साल चलती रहती है। माना जाता है कि कलियुग में प्रभु वेंकटेश्वर ही साक्षात् भगवान विष्णु हैं और तिरुपति ही भूलोक स्वर्ग। यह महातीर्थ आंध्रप्रदेश के चित्तूर जिले के चंदगिरी तालुका में स्थित है। यह समुद्र तल से 2800 फुट की ऊंचाई पर है। छोटे-बड़े सात पर्वतों को पार करके भक्त देवस्थानम पहुंचकर, नारायण के दर्शन करके धन्य हो जाते हैं। प्रतिदिन औसतन एक लाख भक्त और खास त्योहारों पर दो से पांच लाख भक्त प्रभु के साक्षात् दर्शन करते हैं। यहां प्रतिघंटा दस हजार भक्तों को दर्शन करवाने की व्यवस्था है। भक्तों की बढ़ती तादाद के मद्देनजर, देवस्थानम् का बाहरी प्रतीक्षा कक्ष अपने किस्म का देश में अकेला कक्ष है। लगभग 800 फुट क्षेत्र में फैला बाहरी प्रतीक्षा कक्ष घुमावदार है। यह दो बैठकों, बरामदों, जलपान गृह वगैरह मिलाकर 17 कक्षों में विभाजित है।

कैसे पहुंचे तिरुपति?

चैन्ने का सड़क, रेल और हवाई मार्ग से सीधा संपर्क है। आगे सड़क या रेल द्वारा 'तिरुपति पूर्व' पहुंच सकते हैं। तिरुपति से ही वास्तविक तीर्थ यात्रा शुरू होती है। सात पर्वतों को पार करके भगवान के सान्निध्य में पहुंचने के दो मार्ग हैं - पैदल पथ और सड़क मार्ग। पैदल सफर साढ़े चौदह किलोमीटर है, जबकि बस द्वारा उन्नीस किलोमीटर रास्ता तय करना पड़ता है। अगर शक्ति सामर्थ्य हो तो पैदल चढ़ाई चढ़ने में ही आनंद आता है। पथ के पास अत्यन्त मनोहरी प्राकृतिक छटाएं हैं। रास्ते में झरने, घाटियां और जंगल लुभावने लगते हैं। तिरुपति पूर्व रेलवे स्टेशन से देवस्थानम की विशेष बसें भी सरलता से मिलती हैं।

imageतिरुपति के दर्शनीय स्थल

MORE STORIES FROM Sadhana Path

Sadhana Path

Sadhana Path

हिंदुत्व की पहचान संस्कार

संस्कार से ही व्यक्तित्व का निर्माण होता है। हमारे वेद पुराणों में भी कई संस्कारों का वर्णन है और यह सभी संस्कार वैज्ञानिक आधारों पर निर्मित हैं। कौन-कौन से हैं संस्कार तथा क्या है इन संस्कारों का महत्त्व ? आइए जानते हैं।

time to read

9 mins

May 2026

Sadhana Path

Sadhana Path

विज्ञान से भी सर्वोपरि ज्योतिष शास्त्र

वर्तमान युग विज्ञान का युग है किंतु हम ज्योतिष को नकार नहीं सकते, या कहें विज्ञान से भी सर्वोपरि है ज्योतिष, कैसे ? आइए जानें इस लेख से।

time to read

5 mins

May 2026

Sadhana Path

Sadhana Path

हिन्दू संस्कृति में रीति रिवाजों का वैज्ञानिक महत्त्व

हम सदियों से विभिन्न परम्पराओं, रीति-रिवाजों को मानते चले आ रहे हैं पर शायद हममें से बहुत कम लोग ही इसके पीछे विद्यमान तथ्यों को जानते होंगे के हम इनका अनुसरण क्यों करते हैं ? आइए लेख के माध्यम से जानें इन परंपराओं एवं रीति-रिवाजों में निहित वैज्ञानिकता को।

time to read

14 mins

May 2026

Sadhana Path

Sadhana Path

भविष्य बताने वाले शुभ-अशुभ संकेत

कहते हैं जो होना है वो तो होकर रहेगा। सब कुछ पहले से ही लिखा जा चुका है, किन्तु फिर भी हमारे जीवन में हमें ऐसे कई संकेत मिलते हैं जिससे हम भविष्य में होने वाली शुभ और अशुभ घटनाओं को पहचान सकें। ऐसे ही कुछ शुभ और अशुभ संकेतों को आइए जानते हैं लेख से।

time to read

8 mins

May 2026

Sadhana Path

Sadhana Path

अध्यात्म की यात्रा

आत्मा - यह शक्ति पुंज, इतना शक्तिशाली, इतना सक्ष्म है कि पर्वत भी हिला दे। इस शक्ति को पहचानो।

time to read

2 mins

May 2026

Sadhana Path

Sadhana Path

पेट की सेहत को सुधारें इन टिप्स से

शरीर को स्वस्थ रखने के लिए आंतों को स्वस्थ रखना बेहद जरूरी है। आंतों को स्वस्थ रखने के लिए खान-पान में बदलाव करें।

time to read

2 mins

May 2026

Sadhana Path

Sadhana Path

कान के दर्द में बड़े काम आएंगे दादी मां के नुस्खे

कान व्यक्ति के शरीर का सबसे संवेदनशील हिस्सा है लेकिन फिर भी हम इसका पूरी तरह ख्याल नहीं रखते हैं, जिसके कारण अकसर हमें कान में दर्द या खुजली की समस्या होती है।

time to read

2 mins

May 2026

Sadhana Path

Sadhana Path

शांति के क्षण

सामान्य रूप से, मन सदा कार्य में लगा रहता है। सदा अस्थिर रहना ही इसकी प्रकृति है।

time to read

2 mins

May 2026

Sadhana Path

Sadhana Path

आत्मसंयम का अभ्यास

प्रायः हम देखते हैं कि परिवार में जीविका चलाने वाले-पिता या पुत्र, या कभी-कभी माता या पुत्री-मानसिक व्यसन की प्रवृत्ति को दर्शाते हैं, क्योंकि उनकी चेतना में है कि वे आदेश देने की स्थिति में हैं।

time to read

2 mins

May 2026

Sadhana Path

Sadhana Path

दोपहर की एक छोटी-सी झपकी रखती है सेहतमंद

अक्सर दोपहर का भोजन करने के उपरात गहरी नींद आती है, यदि इस समय आप कुछ देर विश्राम करते हैं तो निश्चित तौर पर आप हमेशा स्वस्थ रहेंगे। ध्यान रहे कि नींद केवल 30 से 45 मिनट तक की होनी चाहिए, अन्यथा आपको रात में नींद नहीं आएगी !

time to read

3 mins

May 2026

Listen

Translate

Share

-
+

Change font size