Try GOLD - Free
सदा सुहागन रहने का व्रत वट सावित्री व्रत
Sadhana Path
|June 2024
भारतीय संस्कृति में सावित्री एक ऐसी स्त्री हैं, जिनके अदम्य साहस के सामने यमराज को भी हारना पड़ा। दुनिया में कहीं ऐसी मिसाल देखने को नहीं मिलती कि स्त्री अपने पतिव्रत धर्म के पालन के बल पर मृत्यु को भी जीत ले।
वट सावित्री का पर्व विवाहिताओं के लिए अक्षत सुहाग की कामना का प्रतीक है। सीता और सावित्री की संस्कृति वाले देश में वट अमावस्या स्त्रियों के अदम्य साहस को भी दर्शाती है। वैवाहिक परंपरा में आज कितना ही अवमूल्यन क्यों न हो गया हो, लेकिन आज भी एकता का तार भारतीय विवाह परंपरा को मजबूती से बांधे हुए है। पाश्चात्य संस्कृति के बाद भी भारतीय परंपराएं पुरानी नहीं पड़ी हैं। इसी में एक परंपरा का द्योतक 'वट सावित्री अमावस्या' है।
सावित्री उन नारी शक्तियों में से एक है। जिनके आगे यमराज को भी हारना पड़ा। सावित्री का परिचय कराने की शायद ही कोई जरूरत हो, अगर मजबूत इरादे वाली नारी की बात हो रही हो तो पौराणिक कथाओं में सावित्री का नाम जरूर आता है। सावित्री ही वो स्त्री हैं, जिसने वट वृक्ष का पूजन और व्रत करके ही अपने सतीत्व और तप के बल से अपने मृत पति सत्यवान को धर्मराज से जीतकर पुनः जीवित कर लिया था। यही कारण है कि इस व्रत का नाम 'वट सावित्री' पड़ा। शास्त्रों में कहा गया है कि वट (बड़, बरगद) वृक्ष के मूल भाग में ब्रह्मा, मध्य में श्री विष्णु तथा अग्रभाग में महादेव का निवास होता है। कहा जाता है कि वट वृक्ष पर ही श्री कृष्ण मार्कंडेय ऋषि को अपने बाल रूप के दर्शन कराए थेI
This story is from the June 2024 edition of Sadhana Path.
Subscribe to Magzter GOLD to access thousands of curated premium stories, and 10,000+ magazines and newspapers.
Already a subscriber? Sign In
MORE STORIES FROM Sadhana Path
Sadhana Path
जीवन एक खेल है
अहंकार बहुत कटु और कठोर है।
2 mins
February 2026
Sadhana Path
ज्योतिष से पाएं पिछले और अगले जन्म का ज्ञान
पुनर्जन्म के बारे में भारतीय ज्योतिष ग्रंथ हमारा समुचित मार्गदर्शन करते हैं।
4 mins
February 2026
Sadhana Path
कृष्ण के जीवन का महत्त्व
गीता में भगवान श्री कृष्ण कहते हैं कि स्वर्ग के साम्राज्य को पाने के लिए वास्तव में मनुष्य को केवल कर्मों के फलों को त्यागने की आवश्यकता है।
2 mins
February 2026
Sadhana Path
जानिए चाय के कप से अपना भविष्य
प्रायः आप रोजाना चाय पीते हैं। दिन में कई बार चाय पीते हैं। कभी अकेले तो कभी किसी मित्र के साथ, घर में पत्नी के साथ या मेहमानों के साथ गपशप करते हुए। लेकिन क्या कभी आपने सोचा कि इस चाय के कप द्वारा आप अपने भविष्य के बारे में भी संकेत प्राप्त कर सकते हैं ? जी हां, ऐसा हो सकता है। यह संभव है। इसी विश्लेषण के बारे में जानिए इस लेख में।
7 mins
February 2026
Sadhana Path
ध्यान के अनगिनत तरीके हैं
क्रिया रूप से कौन? जिसमें हमने मन से कुछ किया, मन में एक संकल्प जगाया तो मन में एक वृत्ति उठी कि ये करना है।
2 mins
February 2026
Sadhana Path
मान आपका अपमान भोजन का
आजकल विवाह व अन्य समारोह में दिखावा करने का प्रचलन काफी बढ़ गया है। दिखावे की इस परंपरा में सबसे ज्यादा बर्बादी होती है खाने की। आइये जानते हैं कि किस प्रकार हम दिखावे व मेहमाननवाजी के चक्कर में कितनी ज्यादा मात्रा अन्न की बर्बादी कर रहे हैं।
4 mins
February 2026
Sadhana Path
7 लेग एक्सरसाइज जिन्हें घर पर आसानी से कर सकती हैं
हम सभी ये जानते हैं कि एक्सरसाइज करने से शरीर नियंत्रित रहता है। आइए जानते हैं कि घर पर आप कौन सी लेग एक्सरसाइज कर सकती हैं।
2 mins
February 2026
Sadhana Path
विदेशों में भी होती है शिव की आराधना
देवों के देव महादेव को न केवल हमारे देश में पूजा जाता है अपितु विदेशों में भी बड़ी श्रद्धा से उनकी पूजा- अर्चना की जाती है। शिव भक्ति में डूबे देशों के बारे में विस्तार से जानने के लिए पढ़ें यह लेख
5 mins
February 2026
Sadhana Path
हर रंग का है एक प्रसंग
क्या आप जानते हैं कि कुछ रंगों को पहनने पर आप सुखद, आराम देह, तनाव-मुक्त या चिंता क्यों अनुभव करते हैं? क्योंकि रंगों में इतनी ऊर्जा होती है जिससे हमारे स्वभाव पर भी असर पड़ता है। जो रंग हम पहनते हैं उसका प्रभाव हमारे रोमानी जीवन पर भी पड़ता है।
2 mins
February 2026
Sadhana Path
नाथों के नाथ भगवान शिव का मंदिर- केदारनाथ मन्दिर
जून 2013 के दौरान भारत के उत्तराखण्ड और हिमाचल प्रदेश राज्यों में अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन के कारण केदारनाथ सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र रहा।
11 mins
February 2026
Listen
Translate
Change font size

