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गृहस्थ में रहने की कला

Rishi Prasad Hindi

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May 2022

जैसे बुलबुला पानी में है वैसे ही सब जीव-जगत ब्रह्म में ही है।

- पूज्य बापूजी

गृहस्थ में रहने की कला

(संत कबीरजी जयंती : १४ जून)

एक बार संत कबीरजी से गोरखनाथजी ने पूछा : "आपने तो सफेद कपड़ा पहना है, आपको पत्नी है, बेटी है, बेटा भी है, आप तो गृहस्थी हैं फिर आप महान संत कैसे ?''

कबीरजी बोले : ''भाई ! हम महान नहीं हैं, हम तो कुछ नहीं हैं।"

"नहीं, आप मुझे बताओ।"

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