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विमान सुरक्षा : तकनीक, जिम्मेदारी और राष्ट्रीय प्रतिष्ठा का सवाल
Aaj Samaaj
|June 16, 2025
एयर इंडिया के एक बोइंग विमान की हालिया दुर्घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस हादसे में जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया, उनके दुख की कोई कल्पना नहीं की जा सकती। परंतु यह त्रासदी केवल निजी पीड़ा तक सीमित नहीं है; इसने भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा, नागरिक उड्डयन की साख, और यात्रा सुरक्षा मानकों पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह दुर्घटना संभवतः अपने प्रकार की पहली घटना है, जिसमें अत्यंत दुर्लभ और गंभीर तकनीकी
विफलता सामने आई है। यद्यपि अंतिम निष्कर्ष तो विस्तृत जांच और ब्लैक बॉक्स विश्लेषण के बाद ही सामने आएगा क यदि जांच के दौरान यह सामने आता है कि सुरक्षा जांच में कोई ढिलाई हुई, उपकरणों की समय-समय पर समीक्षा नहीं हुई तो यह चिंता और गहरी हो जाती है। वर्तमान विमानन व्यवसाय में प्रतिस्पर्धा इतनी तीव्र हो गई है कि एयरलाइंस अब 'टर्नअराउंड टाइम' कम करने की होड़ में लगी हैं यानी एक विमान को जितनी बार संभव हो, उड़ान पर भेजा जाए ताकि राजस्व अधिक हो। परंतु इस प्रक्रिया में तकनीकी निरीक्षण, रखरखाव और स्टाफ की थकान जैसे आवश्यक पहलुओं की अनदेखी घातक सिद्ध हो सकती है। यह सही है कि अधिक उड़ानों का सीधा संबंध मुनाफे से होता है, परंतु इस मुनाफे की होड़ में यदि सुरक्षा से समझौता किया गया, तो यह न केवल गैर-जिम्मेदाराना है बल्कि आपराधिक लापरवाही भी कहलाएगी। प्रत्येक उड़ान यात्रियों की जान की ज़िम्मेदारी के साथ जुड़ी होती है, और इस जिम्मेदारी को हल्के में नहीं लिया जा सकता। उक्त विमान की उम्र को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। यदि यह विमान वर्षों पुराना था और फिर भी वह नियमित रूप से उड़ान भर रहा था, तो यह एक गंभीर चिंता का विषय है। विमान चाहे किसी भी तकनीकी रूप से उन्नत देश में बना हो, उसका नियमित रखरखाव, पार्ट्स का अपग्रेडेशन और उड़ान के लिए उपयुक्तता का परीक्षण अनिवार्य होता है। एक पुराना विमान यदि समय-समय पर ठीक से मेंटेन न किया जाए तो वह एक 'फ्लाइंग रिस्क' बन जाता है। इसलिए यह आवश्यक है कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय एक स्वतंत्र, पारदर्शी और जवाबदेह प्रणाली विकसित करे, जो पुराने विमानों की स्थिति, उनकी एयरवदीर्नेस रिपोर्ट, और उड़ान अनुमति को सार्वजनिक करे। यदि कोई विमान उम्रदराज हो चुका है और उसमें ल
Dit verhaal komt uit de June 16, 2025-editie van Aaj Samaaj.
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