Poging GOUD - Vrij
पत्तों की सोहबत में
Aha Zindagi
|May 2025
हर बदलते मौसम के साथ पत्तियों का बदलता रंग-रूप एक कहानी गढ़ता है। एक ऋतु उनमें मासूमियत भर देती है तो अगली ही ऋतु कठोरता ले आती है। अंत में पत्तियां कमज़ोर होकर गिर पड़ती हैं। प्रकृति का रचा ये चक्र अपने ही क्रम से चलता रहता है।
जब भी ख़ूबसूरत शहर चंडीगढ़ में होता हूं इसके मूल वास्तुकार और प्रकृति प्रेमी प्रशासकों को बार-बार याद करते हुए शुक्रिया अदा करता हूं। उन्होंने हर सेक्टर में सात तरह की सड़कों के अलावा पार्क, क़िस्म-क़िस्म के छायादार, फूलदार, औषधीय वृक्ष लगवाए जिनकी वजह से यहां की जलवायु बेहतर रहती है। मेहनत से सजाए और संवारे, हरे-भरे गोल चक्कर, हरियाली भरे दर्जनों पार्क स्थानीय वासियों और पर्यटकों के लिए आकर्षण हैं।
कुदरत ने इंसानों का असीम ख़याल रखा है। हज़ारों-लाखों क़िस्म के वृक्ष प्रकृति का उपहार हैं। मां प्रकृति ने एक नज़र में मोह लेने वाले पत्तों की रचना भी ख़ूब की है। आमतौर पर फूल और फल देने वाले पौधों और वृक्षों की तरफ़ ज़्यादा ध्यान जाता है लेकिन इससे सिर्फ़ पत्तों वाले पेड़-पौधों की ज़रूरत और महत्ता कम नहीं होती। साथ-साथ चलने वाले, पतझड़ और वसंत के मौसम में पत्तों का अंदाज़ कुछ अलग ही होता है। मौसम के अनुसार दर्जनों क़िस्म के परिंदे भी पत्तों के मोहल्लों में रहने आते हैं। वह बात दीगर है कि आम इंसान वृक्षों और पत्तों का कैसा और कितना उपयोग करता है। हां, प्रकृति प्रेमियों और कलाकारों के लिए ज़रूर ये पत्ते आकर्षण बने रहते हैं। उनकी अलग-अलग तरह की सुंदर बनावट, उनमें उभरे दिलकश रंग कमाल के होते हैं। कुदरत ने पत्तों में अनेक आकर्षक बनावट भी की है। वृक्षों में लगे अनेक प्रकार के फूल तो कुछ समय या दिन बाद मुरझा जाते हैं लेकिन पत्तों की उम्र लंबी होती है।Dit verhaal komt uit de May 2025-editie van Aha Zindagi.
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