Facebook Pixel कबीर के शब्दों में कबीर | Sadhana Path - health - Lees dit verhaal op Magzter.com

Poging GOUD - Vrij

कबीर के शब्दों में कबीर

Sadhana Path

|

June 2024

कबीर पर लिखना या बोलना। कठिन ही नहीं असंभव जैसा है। यह ऐसे ही है जैसे सागर पर कुछ लिखना हो, सूरज पर कुछ लिखना हो। इन पर लिखने के लिए इन्हें उनके जितना जानना या नापना जरूरी है और सागर की गहराई और सूरज की आग-नापने का अर्थ है खुद का न बच पाना, खुद को खो देना। इन्हें खोजने वाले कभी खुद नहीं बचे। खोजने वाला स्वयं लुप्त हो जाता है।

- कुमोदकर कुमार

कबीर के शब्दों में कबीर

यही सागर की, सूर्य की परिभाषा है, यही सत्य है। कबीर शब्दों का महासागर हैं, ज्ञान का सूरज हैं। जितना भी कहो थोड़ा है। सच तो यह है बूंद-बूंद में सागर है और किरण-किरण में सूरज। कबीर के भी शब्द-शब्द में जीवन की गहराई है, सच का तेज है जिसे आंकना या कह पाना कठिन है। कबीर ने इतना कहा है कि वह स्वयं शब्द रूप ही हो गए हैं। इसलिए कबीर को समझना हो तो उन्हीं के शब्दों का सहारा लेना पड़ता है।

कबीर के ज्ञान के आगे शास्त्र भी फीके हैं। वेदों में भी इतना ज्ञान नहीं जितना कबीर की वाणी में है। वेदों को महा पंडितों, ज्ञानियों, भाषा एवं व्याकरण के जानकारों ने रचा है फिर भी वह कबीर के ज्ञान के आगे बौने लगते हैं। कबीर की वाणी में विरोधाभास है, क्रांति है। उन्हें किताबों के माध्यम से नहीं हृदय के माध्यम से समझा जा सकता है। जिसे कानों से सुनना या आंखों से पढ़ना संभव नहीं। कबीर को समझने के लिए अनुभव, आत्मानुभव बहुत जरूरी है। प्रेम, भक्ति और समर्पण, कबीर इन सारे शब्दों का शब्दकोश हैं। जैसे ही इंसान इन तीनों शब्दों के अनुभव में आता है तब उसे स्वतः ही कबीर समझ में आ जाते हैं। सच तो यह है उसे कबीर ही नहीं, यह जीवन, आत्मा-परमात्मा आदि का भेद एवं समानता दोनों नजर आ जाते हैं। फिर कबीर की उल्टी बातें भी उल्टी नहीं लगती। सीधी-सीधी दिल में उतरती है जैसे कबीर कहते हैं-

पानी बिच मीन पियासी, मोहि सुनि-सुनि आवत हांसि।

बिन घन परत फुहार या धरती बरसै अम्बर भीजे,

ढाई आखर प्रेम का पढ़े सो पंडित होए, या बिन नैना दीदार दिखावे

आदि ऐसे अनेक उदाहरण कबीर की वाणी में मिल जाते हैं जो आत्मज्ञान के बाद ही समझ आते हैं। हैरानी की बात तो यह कि कबीर को व्यवहारिक शिक्षा या ज्ञान का कोई इल्म नहीं था, वह अनपढ़ थे। तभी तो उन्होंने कहा है-

'मसि कागद छूयो नहीं, कलम गहि नहीं हाथ'

संत तो बहुत हुए हैं परंतु कबीर की बात ही और है। कबीर ने जो कुछ कहा वह अपने अनुभव के आधार पर कहा। बाकी साधु-संतों ने, गुरुओं ने, ऋषि-मुनियों ने किताबों को पढ़कर कहा। इसी ओर ईशारा करती है कबीर की साखी की ये पंक्ति।

'तू कहता कागद की लेखी, मैं कहता आंखन की देखी।'

MEER VERHALEN VAN Sadhana Path

Sadhana Path

Sadhana Path

आहार जो दिमाग और याददाश्त बढ़ाए

यदि कार्य या पढ़ाई के दौरान लगातार ऊर्जा मिलती रहे तो दिमाग तंदुरुस्त व उत्साहवर्धक बना रहता है।

time to read

8 mins

April 2026

Sadhana Path

Sadhana Path

क्या थायरॉइड है मां न बनने का कारण

मां बनना किसी भी महिला के जीवन की सबसे बड़ी खुशी होती है, लेकिन आजकल कई महिलाएं यंग एज में भी इस खुशी से दूर हैं। हाल के शोध से सामने आया है कि ज्यादातर वह महिलाएं संतान सुख से वंचित हैं, जिन्हें थायरॉइड की समस्या है।

time to read

3 mins

April 2026

Sadhana Path

Sadhana Path

इन 6 तरीकों से केले के छिलके से दूर करें मुंहासे

आमतौर पर केला खाने के बाद हम उसके छिलके को ऐसे ही फेंक देते हैं।

time to read

2 mins

April 2026

Sadhana Path

Sadhana Path

आपके लिए ये हैं प्रोटीन के बढ़िया विकल्प

प्रोटीन महत्वपूर्ण पोषक तत्वों में से एक है। हर मनुष्य को इसकी जरूरत होती है। एक स्वस्थ व्यक्ति को हर रोज अपने शरीर के वजन के प्रति किलोग्राम पर 0.8 ग्राम प्रोटीन के सेवन की जरूरत होती है। अंडा प्रोटीन का सबसे अच्छा स्रोत है। इसके अलावा ये खाद्य पदार्थ भी आपके शरीर में प्रोटीन की मात्रा बढ़ाते हैं ...

time to read

4 mins

April 2026

Sadhana Path

Sadhana Path

संवेदनाओं के प्रकार अनेक

संवेदनाओं का खेल तो सतत् चलता रहता है। तनिक ध्यान से देखें तो अनुभव होगा कि शरीर के रोम-रोम में ऊर्जा प्रवाहित होती ही रहती है।

time to read

2 mins

April 2026

Sadhana Path

Sadhana Path

विद्यार्थियों के लिए उपयोगी फेंगशुई

विभिन्न समस्याओं से मुक्ति पाने के लिए 'फेंगशुई' का प्रयोग आजकल बहुत तेजी से बढ़ा है लेकिन क्या आप जानते हैं 'फेंगशुई' का प्रयोग हम एकाग्रता बढ़ाने के लिए भी कर सकते हैं। कैसे ? जानते हैं इस लेख के माध्यम से।

time to read

1 min

April 2026

Sadhana Path

Sadhana Path

गेस्ट रूम के मानक नियम

प्रत्येक भवन अथवा प्रतिष्ठान में प्रायः अतिथि कक्ष (गेस्ट रूम) अवश्य बनवाया जाता है। इसका कारण यह है कि सभी परिवारों में उनके कुछ संबंधी, मित्र आदि अथवा प्रतिष्ठान से जुड़े लोग प्रायः दो-चार दिन के लिए किसी कार्य वश आते रहते हैं।

time to read

2 mins

April 2026

Sadhana Path

Sadhana Path

मद्यपान-दुखों की खान

दस रुपये से दस हजार रुपये तक रोज खर्च करने वाले करीब चालीस करोड़ से भी अधिक भारतीय शराब, सिगरेट, बीड़ी, तम्बाकू, गुटखा, गांजा, भांग, पान मसाला, ब्राउन शुगर, स्मैक, अफीम, चरस, हेरोइन जैसी चीजों के आदती हैं।

time to read

4 mins

April 2026

Sadhana Path

Sadhana Path

क्या बच्चे एनर्जी ड्रिंक ले सकते हैं ?

गले को ठंडक देने के लिए बच्चों के लिए एनर्जी ड्रिंक काफी नुकसानदायक हैं। यहां जान लें बच्चों के लिए हेल्दी ड्रिंक के ऑप्शन ।

time to read

2 mins

April 2026

Sadhana Path

Sadhana Path

ऐसे करें ब्रेस्ट कैंसर की जांच जानें लक्षण और उपचार

हर दिन की भाग दौड़ भरी जिंदगी में महिलाएं अपने ऊपर ध्यान नहीं दे पाती हैं, इसी कारण उन्हें कई स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है । आज के दौर में महिलाओं के लिए ब्रेस्ट कैंसर की समस्या भी बढ़ती जा रही है।

time to read

3 mins

April 2026

Listen

Translate

Share

-
+

Change font size