Facebook Pixel वास्तु से पाएँ आरोग्यता! | Jyotish Sagar - religious-spiritual - Les denne historien på Magzter.com

Prøve GULL - Gratis

वास्तु से पाएँ आरोग्यता!

Jyotish Sagar

|

October-2023

घर का वास्तुसम्मत होना आपके जीवन को सौहार्दपूर्ण, हर्षित, स्वस्थ और समृद्ध रखेगा। ऐसे में अनुभव में पाया गया है कि जिस घर में वास्तुदोष होता है, उस घर में रहने वाले व्यक्तियों का स्वास्थ्य शीघ्र खराब होता है।

- रेखा कल्पदेव

वास्तु से पाएँ आरोग्यता!

अच्छे स्वास्थ्य को लेकर हम सभी प्रयासरत रहते हैं। इसके लिए यथासम्भव उपाय भी करते हैं। फिर वो चाहे अच्छा भोजन हो, नियमित जीवनशैली हो, व्यायाम हो या फिर प्रातः काल की सैर हो। आपके द्वारा किए गए इस प्रकार के सभी उपाय आपको नियमित रूप से करने पड़ते हैं। जहाँ आप इन उपायों का साथ छोड़ देते हैं, वहीं आपका स्वास्थ्य कमजोर पड़ जाता है। अब यह सवाल उठता है कि क्या वास्तव में स्वयं को स्वस्थ बनाए रखना इतना मुश्किल कार्य है?

देखने में आया है कि किसी परिवार में एक के बाद एक सदस्य किसी न किसी रोग का शिकार होता रहता है। वास्तु एक लौकिक विज्ञान एवं प्रकृति की लय है, जिसका उपयोग आपके जीवन में अच्छी तरह से होने की भावना को पेश करने के लिए करता है। बस अपने परिवेश को व्यवस्थित करके आप अपने जीवन को अच्छे स्वास्थ्य की ओर ले जा सकते हैं।

घर का वास्तुसम्मत होना आपके जीवन को सौहार्दपूर्ण, हर्षित, स्वस्थ और समृद्ध रखेगा। ऐसे में अनुभव में पाया गया है कि जिस घर में वास्तुदोष होता है, उस घर में रहने वाले व्यक्तियों का स्वास्थ्य शीघ्र खराब होता है। इस आलेख में हम आपको बताने जा रहे हैं कि स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले कौनसे वास्तुदोष होते हैं और उन्हें किस प्रकार दूर किया जा सकता है?

जिस घर अथवा कार्यस्थल के केन्द्र स्थान में बहुत से कमरे हों, उस घर अथवा कार्यस्थल में रहने वालों का स्वास्थ्य समय-समय पर खराब होता रहता है। घर या कार्यस्थल का केन्द्रस्थान वास्तु पुरुष का हृदय स्थान माना जाता है। इस स्थान पर किसी भी तरह का निर्माण होना प्रतिकूल फलदायक होता है। ब्रह्मस्थान घर का केन्द्रबिन्दु होता है। इसे केन्द्र इसीलिए कहा जाता है, क्योंकि इस स्थान पर विभिन्न दिशाओं के ऊर्जा बिन्दओं का मिलन होता है।

केन्द्र का अर्थ है ब्रह्मस्थान। यह घर के विभिन्न दिशाओं से सभी ऊर्जाओं का मिलन बिन्दु होगा। इस स्थान को स्वच्छ और भारमुक्त रखकर हम स्वास्थ्य को बेहतर कर सकते हैं।

इसके अलावा कुछ अन्य उपायों का पालन करके भी परिवार के सदस्यों को रोगमुक्त रख हैं। 

FLERE HISTORIER FRA Jyotish Sagar

Jyotish Sagar

Jyotish Sagar

सूक्ष्म शरीर की अदृश्य ऊर्जा!

सूक्ष्म शरीर की आकृति भी स्थूल शरीर के अनुरूप ही होती है। इसमें पंचभौतिक तत्त्व नहीं होने से इसको पोषण के लिए स्थूल पदार्थों की आवश्यकता नहीं होती है।

time to read

4 mins

July 2026

Jyotish Sagar

Jyotish Sagar

भगवान् शिव की पूजा क्यों? कैसे? कहाँ?

जानिए, स्वयं शिव के श्रीमुख से!

time to read

3 mins

July 2026

Jyotish Sagar

Jyotish Sagar

विभिन्न भावों में ग्रहों के 12 प्रकार से फल

नवम भाव में ग्रहों के 12 प्रकार से फल (भाग-9)

time to read

13 mins

July 2026

Jyotish Sagar

Jyotish Sagar

मृत संजीवनी तन्त्र सत्य अथवा कल्पना!

भारतवर्ष की तान्त्रिक परम्परा में ऐसे अनेक रहस्य छिपे हैं, जो सामान्य व्यक्ति के लिए कल्पना मात्र हैं, परन्तु साधकों के लिए यथार्थ से भी बढ़कर।

time to read

3 mins

July 2026

Jyotish Sagar

Jyotish Sagar

हॉस्पिटल, क्लीनिक एवं डॉक्टर के लिए वास्तु

चिकित्सा केवल दवाइयों, मशीनों अथवा आधुनिक तकनीक तक सीमित नहीं है।

time to read

5 mins

July 2026

Jyotish Sagar

Jyotish Sagar

नीचराशिस्थ बुध के फल

जन्मपत्रिका में नीचराशिस्थ ग्रहों के फल : एक विस्तृत अध्ययन (भाग-22)

time to read

13 mins

July 2026

Jyotish Sagar

Jyotish Sagar

घर के मन्दिर में भगवान् का मुख किस दिशा में हो?

घर के मन्दिर में भगवान् का मुख पश्चिम अथवा दक्षिण दिशा की ओर इसलिए रखा जाता है ...

time to read

2 mins

July 2026

Jyotish Sagar

Jyotish Sagar

क्या विश्वकप में फ्रांस को जिता पाएँगे एम्बाप्पे?

एम्बाप्पे की जन्मपत्रिका का विश्लेषण

time to read

4 mins

July 2026

Jyotish Sagar

Jyotish Sagar

कैसी रहेगी कर्नाटक में शिवकुमार की सरकार!

शपथग्रहण कुण्डली का विश्लेषण

time to read

2 mins

July 2026

Jyotish Sagar

Jyotish Sagar

कल्पवृक्ष है गुरु भोग से मुक्ति तक सब है सुलभ

राजा जनक ने अष्टावक्र से कई तरह की जिज्ञासाएँ की और अष्टावक्र ने अपने ज्ञान से उनका समाधान किया। जनक ने अष्टावक्र को गुरु के रूप में कल्पवृक्ष मान लिया।

time to read

4 mins

July 2026

Translate

Share

-
+

Change font size