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उत्तराखंड के लिए इन्वेस्टर समिट बनेगा 'संजीवनी'
DASTAKTIMES
|December 2023
● देहरादून में 8 व 9 दिसंबर को होगा ऐतिहासिक ग्लोबल इन्वेस्टर समिट का आयोजन, पहली बार प्रदेश में होगा 2 लाख करोड़ का रिकॉर्ड निवेश ● लंदन, यूएई, आबुधाबी पूंजी निवेश, प्रदेश में औद्योगिक गतिविधि व संरचनात्मक ढांचे का होगा विकास ● राज्य दोगुनी जीडीपी के लक्ष्य को हासिल करेगा, इससे पलायन, बेरोजगारी जैसी समस्याओं से निजात मिलेगी
उत्तराखंड में 8 व 9 दिसंबर को दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर समिट का आयोजन होगा। इसमें देश-विदेश के पूंजीपति उत्तराखंड में दो लाख करोड़ रुपये के निवेश पर आधिकारिक हस्ताक्षर करेंगे। यह अब तक का रिकॉर्ड निवेश होगा। इस निवेश को उत्तराखंड के लिए संजीवनी क्यों माना जा रहा है? आखिर इस निवेश से उत्तराखंड की सूरत कैसे बदलेगी? आइये जानते हैं इन सब कारणों के बारे में, लेकिन इससे पहले हमें निवेश का अर्थ समझना होगा।
किसी भी क्षेत्र के विकास में निवेश की निर्णायक भूमिका होती है। निवेश के माध्यम से आने वाला पैसा क्षेत्र/राज्य अथवा देश के विकास को गति देता है, जिससे संरचनात्मक कार्य, सेवा एवं सुविधाओं का विकास व विस्तार संभव हो पाता है। निजी निवेश की मदद से सरकार भी अनेक सामाजिक परियोजनाओं को पूरा करने में सक्षम होती है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी निवेश के महत्व को भली-भांति समझते हैं, तभी तो लंदन, यूएई व अबूधाबी में रोड शो कर हजारों करोड़ का विदेशी निवेश उत्तराखंड में ला सके हैं। चेन्नई, मुंबई व दिल्ली में भी रोड शो कर देश के बड़े उद्योगपतियों को उत्तराखंड में निवेश का आमंत्रण दिया। पिछले दिनों देहरादून व हरिद्वार के पूंजीपतियों ने 37 हजार करोड़ के निवेश के एमओयू पर हस्ताक्षर किये। इस तरह पुष्कर सिंह धामी प्रदेश में पहली बार दो लाख करोड़ रुपये का निवेश लाने जा रहे हैं, जो यहां के विकास को न सिर्फ गति देगा, बल्कि अनेक समस्याओं के समाधान के साथ जीवन स्तर को भी सुधारने में भी मदद करेगा।
Denne historien er fra December 2023-utgaven av DASTAKTIMES.
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