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मकर संक्रांति त्यौहार एक, नाम और उत्सव अलग-अलग
Sadhana Path
|January 2025
भारत की सांस्कृतिक विविधता का बेहतरीन उदाहरण है मकर संक्रांति का त्यौहार, जो देश के विभिन्न राज्यों में अलग-अलग तरीके से मनाया जाता है। एक नजर मकर संक्रांति के विविध स्वरूपों पर...
भारत त्यौहारों का देश है, जहां हर काल और मौसम का उत्सव त्यौहार के रूप में मनाया जाता है। जैसे कि माघ माह की कृष्ण पंचमी को बसंत के आगमन का उत्सव मनाया जाता है। ज्योतिष और हिंदू पंचांग के अनुसार इस दिन सूर्य धनु राशि से मकर राशि में परिवर्तन करते हैं, ऐसे में ये त्यौहार मकर संक्रांति कहलाता है। गौरतलब है कि मकर सक्रांति देश के विभिन्न राज्यों में अलग-अलग सांस्कृतिक रूपों में मनाई जाती है। जी हां, आपको बता दें कि मकर संक्रांति है तो एक ही त्यौहार, सिर्फ नाम और इसके मनाने के तरीके अलग-अलग संस्कृति के अनुसार बदल जाते हैं। जैसे तमिलनाडु में पोंगल तो असम में ये बिहू के रूप में मनाई जाती है। तो वहीं उत्तर प्रदेश और बिहार मे जहां ये खिचड़ी के रूप में जानी जाती है, जबकि गुजरात में इसे उत्तरायण के नाम से जाना जाता है। चलिए अलग-अलग राज्यों के अनुसार मकर संक्रांति के अलग-अलग स्वरूपों से आपका परिचय करवाते हैं।
गुजरात में उत्तरायण
गुजरात में मकर संक्रांति का त्यौहार उत्तरायण के रूप में मनाया जाता है, जोकि गुजराती लोगों के लिए बेहद शुभ दिन माना जाता है। इस दिन अच्छे खान-पान के साथ ही यहां पतंग उड़ाने की भी प्रथा है। मकर संक्रांति के दिन हर घरों की छतों पर आपको लोग पतंग की कलाबाजियां करते दिख जाएंगे। इसके आलावा इस दिन सार्वजनिक तौर पर भी पंतगोत्सव का आयोजन किया जाता है, जिसमें दूर-दूर से लोग हिस्सा और ऐसे आयोजन का आनंद लेने आते हैं।

Denne historien er fra January 2025-utgaven av Sadhana Path.
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