Business
Modern Kheti - Hindi
पर्यावरण दिवस और प्रकृति के महत्व एवं इसके संरक्षण की पहल
पर्यावरण दिवस द्वारा हमें पर्यावरण और प्रकृति के महत्व को समझाया जाता है और देश के प्रयासों को दर्शाया जाता है। हम सभी जानते हैं कि प्रकृति और पर्यावरण हमारे दैनिक जीवन में कितना महत्वपूर्ण है।
6 min |
1st April 2024
Modern Kheti - Hindi
गन्ने और फलों से प्राकृतिक सिरका उत्पादन एक सहायक व्यवसाय
प्रमुख बिंदु - सिरका एक साधारण घरेलू नाम है, जो अपने पोषण गुणों के कारण स्वास्थ्य और प्रतिरक्षा के बारे में बढ़ती जागरूकता के कारण बहुत अधिक महत्व प्राप्त कर रहा है। अधिकतर व्यवसायिक इकाईयां और उद्यमी प्राकृतिक सिरके की उत्पादन तकनीक में निवेश कर रहे हैं और उससे लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
4 min |
1st April 2024
Modern Kheti - Hindi
बैंगन की फसल पर बहुआयामी कीट प्रबंध
यदि किसान को कीटों के बारे जानकारी हो तो इन स्प्रेयों के खर्च और नुक्सान से बचा जा सकता है। हर फसल में यदि फसल को नुक्सान पहुँचाने वाले कीट आते हैं तो इन कीटों को प्राकृतिक तौर पर नियंत्रण में रखने के लिए अनेकों मांसाहारी कीट भी फसल पर आते हैं। जरूरत है इन कीटों की जानकारी और इनके सर्वेक्षण की विधि के ज्ञान के बारे में।
10+ min |
1st April 2024
Modern Kheti - Hindi
मधुमक्खियों पर कीटनाशकों के दुष्प्रभाव की जानकारी एवं बचाव के जरूरी उपाय
मधुमक्खियाँ सर्वोत्तम परागणकर्ता होती हैं और अन्य कीटों की तुलना में इनको सबसे अधिक प्रभावी परागणकर्ता माना जाता है। फसल उत्पादन की दृष्टि से परागण तथा कीट नियंत्रण दोनों ही महत्वपूर्ण कार्य हैं और भरपूर उपज लेने के लिए दोनों में पर्याप्त सामंजस्य होना अनिवार्य है।
4 min |
1st April 2024
Modern Kheti - Hindi
जीएम सरसों मुद्दे पर निर्णय लंबित
2010 में आनुवंशिक रूप से संशोधित बीटी बैंगन के बाद, अब एक और आनुवंशिक रूप से संशोधित फसल, जीएम सरसों बढ़ रही है। भारत के पर्यावरणविद, स्वास्थ्य और प्राकृतिक खेती के समर्थक, किसान, वैज्ञानिक और कार्यकर्ता शाकनाशी सहिष्णु सरसों को मंजूरी देने के मुद्दे पर भारत सरकार के साथ आमने-सामने हैं।
8 min |
1st April 2024
Modern Kheti - Hindi
चूजों में गम्बोरो बीमारी की रोकथाम के लिए नई वैक्सीन
किसी भी पोल्ट्री फार्म में अंडे के लिए पाले जाने वाले चूजों की संख्या पांच हजार से कम नहीं होती है। यदि चिकन वाले ब्रॉयलर चूजों की बात करें तो इनकी संख्या कम से कम 10 से 20 हजार होती है।
3 min |
1st April 2024
Modern Kheti - Hindi
किसानों को जलवायु परिवर्तन से निपटने में मददगार करेगा मौसम पूर्वानुमान
तेलंगाना में हुए एक नए अध्ययन में सामने आया है कि मानसून के सटीक पूर्वानुमान किसानों को बेहतर निर्णय लेने में मददगार साबित होते हैं और इससे उन्हें जलवायु परिवर्तन के अनुकूल ढलने में मदद मिलती है।
2 min |
1st April 2024
Modern Kheti - Hindi
मूंगफली फसल सुरक्षा में एफ्लाटॉक्सिन प्रतिरोधक सिस्टम की खोज
मूंगफली किसानों को फंगल संक्रमण से भारी नुकसान झेलना पड़ता है। यह फंगल संक्रमण एस्परगिलस फ्लेवस के कारण होता है और इसे एफ्लेटॉक्सिन कहते हैं। यह फसल को प्रदूषित और संक्रमित करने के साथ ही मानव स्वास्थ्य के लिए भी खतरा है।
2 min |
1st April 2024
Modern Kheti - Hindi
नया प्रोटोकॉल अरहर के प्रजनन चक्र को 3-5 साल तक कम कर सकता है
अरहर जिसे भारत में तूअर भी कहा जाता है, देश की पोषण सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण दलहनी फसल है। भारत में मुख्य रूप से दाल के रूप में खाए जाने वाले प्रोटीन युक्त भोजन की मांग अधिक है- देश अनाज का सबसे बड़ा उत्पादक और आयातक भी है।
2 min |
1st April 2024
Modern Kheti - Hindi
क्या मक्का की बिजाई को प्रोत्साहित करने से बचेगा पानी
वर्तमान किसान आंदोलन में किसान संगठनों के साथ हुई कई दौर की वार्ता में केंद्र सरकार के पैरोकारों ने एक प्रस्ताव रखा है, जिसमें सरकार धान के बदले मक्का, कपास, दलहन फसलों को अगले पांच वर्ष तक न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद की गारंटी देगी, लेकिन यह प्रस्ताव तकनीकी तौर पर अव्यावहारिक है।
2 min |
1st April 2024
Modern Kheti - Hindi
पशुपालकों के लिए सिरदर्द पशु का पीछा मारना
दुधारू पशुपालन का व्यवसाय आज बहुत सारे किसान भाइयों के लिए मुक्य व्यवसाय बन चुका है। इसमें होने वाले आर्थिक लाभ से किसानों की उन्नति हो सकती है। आज के समय में बहुत से डेयरी कार्य पर महंगे से महंगे अच्छी नस्ल के पशु रखे जाते हैं।
3 min |
15th March 2024
Modern Kheti - Hindi
वैज्ञानिकों ने आठ नई प्रजातियों का रहस्य सुलझाया
वर्ष 1934 में, अमेरिकी कीट विज्ञानी एलवुड जिम्मरमैन ने पोलिनेशिया के 'मंगरेवन अभियान' में भाग लिया था।
2 min |
15th March 2024
Modern Kheti - Hindi
हरियाणा की कृषि नीति से कृषि उत्पादन में हो सकती है कमी
हरित क्रांति के दौर (वर्ष 1970) से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करने वाले प्रमुख राज्यों में शामिल हरियाणा के कृषि उत्पादन में ठहराव प्रदेश और देश दोनों के लिए चिंता का विषय है।
2 min |
15th March 2024
Modern Kheti - Hindi
जलवायु में बदलाव बढ़ा सकता है टिड्डियों का प्रकोप
एक नए अध्ययन में पाया गया है कि मौसम में बदलाव जैसे-तेज हवा और अत्याधिक बारिश के कारण रेगिस्तानी टिड्डियों के प्रकोप का खतरा बढ़ सकता है।
2 min |
15th March 2024
Modern Kheti - Hindi
एआई टूल देगा पौधों और जीवों की सही जानकारी
शोधकर्ताओं ने मशीन लर्निंग द्वारा उपयोग किए जाने वाले जैविक छवियों का अब तक का सबसे बड़ा डेटासेट बनाया है, साथ ही इससे सीखने के लिए एक नया दिखाई देने वाला कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) उपकरण विकसित किया है। प्रमुख अध्ययनकर्ता सैमुअल स्टीवंस ने कहा कि नए अध्ययन के निष्कर्षो ने इस दायरे को काफी हद तक बढ़ा दिया है। अब वैज्ञानिक नए सवालों के जवाब देने के लिए पौधों, जानवरों और कवक की छवियों का विश्लेषण करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग कर सकते हैं।
2 min |
15th March 2024
Modern Kheti - Hindi
भोजन कैसे उगाया जाए, इस पर फिर से सोचने की जरूरत
बात चाहे यूरोप के अमीर किसानों की हो या भारत में उनके गरीब भाईयों की, हम अक्सर ऐसी तस्वीरें देखते हैं जिनमें वे अपना गुस्सा जाहिर करने के लिए ट्रैक्टरों पर सवार होकर राजमार्गों को अवरुद्ध कर रहे होते हैं और यह इस बात का साफ संकेत है कि वैश्विक कृषि बुरे दौर से गुजर रही है।
2 min |
15th March 2024
Modern Kheti - Hindi
आईआईएचआर ने विकसित की मिर्च की तीन रोग-प्रतिरोधी किस्में
बेंगलुरु में भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान (आईआईएचआर) के वैज्ञानिकों द्वारा तीन संकर मिर्च की किस्में विकसित की गई हैं, जो फाइटोपथोरा रूट रोट (पीआरआर) और लीफ कर्ल वायरस (एलसीवी) सहित कई बीमारियों के लिए प्रतिरोधी हैं।
1 min |
15th March 2024
Modern Kheti - Hindi
किसानों के लिए वरदान 'जीवाणु खाद'
भारत एक कृषि प्रधान देश है। कृषि भारत की अर्थव्यवस्था का आधार हैं। देश में बढ़ती हुई जनसंख्या के कारण भोजन की कमी को पूरा करने के लिए मनुष्य खाद्य उत्पादन बढ़ाने के लिए कई प्रकार की रासायनिक खादें और जहरीले कीटनाशकों का उपयोग कर रहा है।
3 min |
15th March 2024
Modern Kheti - Hindi
तोरई की उत्तम खेती एवं पैदावार
तोरई की खेती पूरे भारत में की जाती है। लेकिन तोरई की खेती के मुख्य उत्पादक राज्य केरल, उड़ीसा, कर्नाटक, बंगाल और उत्तर प्रदेश हैं। यह बेल पर लगने वाली सब्जी होती है।
4 min |
15th March 2024
Modern Kheti - Hindi
एमएसपी की कानूनी गारंटी खाद्य सुरक्षा और किसान की जीवन रेखा
एमएसपी पर केवल सार्वजनिक खरीद की बजाये, इस बारे व्यापक दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है क्योंकि एमएसपी मूल रूप से भारत की खाद्य सुरक्षा और किसानों की जीवन रेखा सुनिश्चित करने के लिए एक मूल्य गारंटी तंत्र है, जिसे सरकार और बाजार दोनों द्वारा सुनिश्चित किया जाना चाहिए। एमएसपी को कानूनी गारंटी बनाने के लिए एपीएमसी अधिनियम में आवश्यक संशोधन द्वारा एक खंड को शामिल करने की आवश्यकता है कि 'एपीएमसी मंडियों में कृषि उपज की नीलामी घोषित एमएसपी कीमतों से कम पर करने की कानूनी अनुमति नहीं है'।
7 min |
15th March 2024
Modern Kheti - Hindi
आनुवंशिकी नहीं, एफसीओ हैं बढ़ते कुपोषण का मुख्य कारण
हाल ही में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के वैज्ञानिकों द्वारा प्रकाशित शोध में धान और गेहूं में आयरन और जिंक जैसे सूक्ष्म खनिज पोषक तत्वों में कमी और विषाक्त तत्वों की वृद्धि सुर्खियों में रही। शोध के अनुसार, देश के प्रमुख खाद्य अनाजों में खनिज पोषक तत्वों की लोडिंग बढ़ाने से संबंधित आनुवंशिक लक्षणों की उपेक्षा के कारण आवश्यक खनिजों में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
6 min |
15th March 2024
Modern Kheti - Hindi
मृदा परीक्षण उद्देश्य, आवश्यकता एवं नमूना लेने का तरीका
मिट्टी में पोषक तत्वों के स्तर की जांच करके फसल एवं किस्म के अनुसार तत्वों की सन्तुलित मात्रा का निर्धारण कर खेत में खाद एवं उर्वरक मात्रा की सिफारिश हेतु।
5 min |
15th March 2024
Modern Kheti - Hindi
कपास फसल की सिफारिशें
रेतीली, लूणी और सेम वाली भूमि को छोड़कर सभी प्रकार की भूमि में की जा सकती हैं। जमीन अच्छी प्रकार से तैयार करने के लिए 3-4 जुताईयां काफी हैं।
2 min |
15th March 2024
Modern Kheti - Hindi
थ्रेशिंग उपकरण का समायोजन, संचालन और रखरखाव
रैस्प-बार टाइप, वायर लूप टाइप और एक्सियल फ्लो टाइप थ्रेशर धान के लिए उपयुक्त हैं और ये महीन पुआल नहीं बनाते हैं। रास्पबार प्रकार के थ्रेशर का उपयोग अन्य फसलों की थ्रेशिंग के लिए किया जा सकता है, लेकिन किसान इस मशीन को पसंद नहीं करते क्योंकि यह 'भूसा' नहीं बनाती है; और इसके भारी आकार के कारण लागत बहुत अधिक है। हालांकि हैमर मिल प्रकार के थ्रेशर अच्छी गुणवत्ता वाले 'भूसा' का उत्पादन कर सकते हैं, लेकिन उच्च शक्ति की आवश्यकता के कारण इसका उपयोग दिन-ब-दिन कम होता जा रहा है।
8 min |
15th March 2024
Modern Kheti - Hindi
भूमि सुधार के लिए एकीकृत पोषण प्रबंधन
कृषि खोज बताती है कि फसलों से अधिक उत्पादन लेने के लिए एवं भूमि की उपजाऊ शक्ति को सदीवी बरकरार रखने के लिए रासायनिक खादों के साथ-साथ जैविक खादों का प्रयोग भी आवश्यक है। भूमि की उपजाऊ शक्ति को बनाये रखने के लिए देसी खादों का बहुत महत्व है।
4 min |
15th March 2024
Modern Kheti - Hindi
उत्तम बीज की पहचान तथा विशेषताएं
अच्छी उपज के लिए प्रमाणित बीज का प्रयोग करें, जो कि अच्छे संस्थान से ही प्राप्त हो सकता है। इससे अच्छा जमाव और बीज की किस्म की उत्तमता के विषय में सुनिश्चितता होती है, साथ-साथ बीज शारीरिक बीमारियों से मुक्त होता है।
5 min |
15th February 2024
Modern Kheti - Hindi
नील हरित शैवाल एक जैविक खाद
एक बार जिस खेत में नील हरित काई जैविक खाद का प्रयोग किया गया हो वहां यही कोशिश रहे कि उस खेत में लगातार 3 से 4 वर्षों तकइस जैविक खाद का उपयोग होता रहे। इससे आने वाले वर्षों में इस काई के पुर्नउपचार की आवश्यकता नहीं होती। साथ ही उस भूमि की उर्वरता बनी रहती है।
6 min |
15th February 2024
Modern Kheti - Hindi
अंगूर के पौधों की काट-छांट और सधाई कैसे करें; भरपूर उत्पादन हेतु
अंगूर की सफल बागवानी तथा अधिक फल उत्पादन हेतु बहुत कारगर है। इसमें पण्डालनुमा ढांचा बनाया जाता है। पण्डाल 6 और 10 नम्बर वाले तारों को बुनकर जालीनुमा तैयार किया जाता है और इसे लोहे या कंकरीट के खम्भों के सहारे टिकाया जाता है। तार खड़े और पड़े दोनों तरफ से 45 से 60 सैंटीमीटर की दूरी पर खींचे जाते हैं। बेलों की रोपाई 4x5 मीटर की दूरी पर करते हैं।
6 min |
15th February 2024
Modern Kheti - Hindi
बसन्त ऋतु में पशुओं की मुख्य समस्या-खुरपका मुँहपका
रोग से पीड़ित पशुओं के आहार पर विशेष ध्यान देना चाहिए। पशु को जो भी आ दिया जाये, वह पौष्टिक एवं मुलायम होना चाहिए। हरे चारे व गुड़ के साथ मिश्रित चावल का घूटा काफी लाभप्रद है। शीरे के साथ मिलाकर माड़ी भी चटाई जा सकती है। रोग का प्रकोप यदि अयन पर भी हो तो दूध निकालने के लिए बन साइफन का प्रयोग करना चाहिए।
4 min |
15th February 2024
Modern Kheti - Hindi
अदरक फसल के कीट एवं रोग और उनका जैविक प्रबंधन कैसे करें
हमारे देश में अदरक की फसल एक महत्वपूर्ण मसाला फसल है। अदरक के विशिष्ट गुणों की वजह से मसाला परिवार में इसका महत्वपूर्ण स्थान है। लेकिन इस फसल को अनेक कीट एवं रोग और सूत्रकृमि प्रभावित करते है जिससे इसके उत्पादन पर काफी विपरीत प्रभाव पड़ता है। इसलिए इन कीट एवं रोग की रोकथाम आवश्यक है। इस लेख में अदरक की फसल के प्रमुख रोग और उनका जैविक प्रबंधन कैसे करें का विस्तार से उल्लेख किया गया है।
4 min |
