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सुरक्षित रहे भाषा की शब्द-संपदा
Panchjanya
|September 18, 2022
क्लिष्टता के नाम पर हिंदी की शब्द-संपदा को कमजोर करने वाले अंग्रेजी के कठिन शब्दों को सहजता से स्वीकार कर लेते हैं। लेकिन हिंदी को लेकर अशुद्धता के दुराग्रह पर जोर देते हैं जो बहुत खतरनाक चलन है
कई ऐसे देश हैं जिनकी अपनी कोई राष्ट्रीय राजभाषा नहीं है। कुछ लोगों को यह जानकर आश्चर्य हो सकता है कि संयुक्त राज्य यानी अमेरिका उनमें से एक है। राजकाज के लिए वहां अधिकांशतः अंग्रेजी का उपयोग किया जाता है, लेकिन संघीय (यानी पूरे संयुक्त राज्य अमेरिका) स्तर पर उनकी कोई घोषित राजभाषा नहीं है। हां, उसके कुछ राज्यों में दूसरी भाषाएं भी चलती हैं। उसके 31 राज्यों में कानून बनाने की घोषित भाषा अंग्रेजी है और यह भी वास्तव में एक राजनीतिक आंदोलन का परिणाम है। एक राज्य ऐसा भी है जहां लगभग 20 भाषाओं को राजभाषा के रूप में मान्यता प्राप्त है। यह राज्य है अलास्का। ठहरिए, अमेरिका अकेला ऐसा देश नहीं है। विकसित माने जाने वाले देशों में गिने जाने वाले ऑस्ट्रेलिया और स्वीडन की भी कोई घोषित राजभाषा नहीं है। इसके अलावा इरिट्रिया, लग्जमबर्ग और टिवलू की स्थिति भी यही है। यह उनके लिए न तो किसी लज्जा का विषय है और न आश्चर्य का। फिर क्या कारण है कि हमें हमारी भाषायी विविधता, जो कि वास्तव में हमारी समृद्धि है, के नाम पर भी धकियाने का प्रयास किया जाता है ?
हिंदी के साथ षड्यंत्र
このストーリーは、Panchjanya の September 18, 2022 版からのものです。
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