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हीमोफीलिया और ज्योतिष आनुवंशिक रोगों के ज्योतिषीय संकेत

Jyotish Sagar

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July 2026

हीमोफीलिया (Hemophilia) एक गम्भीर आनुवंशिक रक्त सम्बन्धी रोग है, जिसमें शरीर में रक्त का थक्का (Blood Clot) सामान्य रूप से नहीं बन पाता।

- • पं. अवनीश पाण्डेय

हीमोफीलिया और ज्योतिष आनुवंशिक रोगों के ज्योतिषीय संकेत

सामान्य व्यक्ति के शरीर में चोट लगने पर कुछ ही समय में रक्तस्राव रुक जाता है, क्योंकि रक्त में उपस्थित विशेष प्रोटीन 'क्लॉटिंग फैक्टर्स' रक्त को जमाने का कार्य करते हैं, लेकिन हीमोफीलिया से पीड़ित व्यक्ति के शरीर में ये क्लॉटिंग फैक्टर्स पर्याप्त मात्रा में नहीं बनते, जिसके कारण मामूली चोट भी लम्बे समय तक रक्तस्राव का कारण बन सकती है। कई बार बिना किसी बाहरी चोट के भी शरीर के भीतर रक्तस्राव होने लगता है, जो अत्यन्त खतरनाक सिद्ध हो सकता है।

हीमोफीलिया क्या है?

हमारे रक्त में कई प्रकार के क्लॉटिंग फैक्टर्स होते हैं, जिन्हें Factor I, II, VIII, IX आदि नामों से जाना जाता है। इनमें से किसी विशेष फैक्टर की कमी होने पर रक्त जमने की प्रक्रिया प्रभावित होती है। हीमोफीलिया मुख्यतः दो प्रकार का होता है-

1. हीमोफीलिया A : यह सबसे सामान्य प्रकार है। इसमें Factor VIII की कमी होती है।

2. हीमोफीलिया B : इसमें Factor IX की कमी होती है। इसे 'क्रिसमस रोग' (Christmas Disease) भी कहा जाता है।

इसके अतिरिक्त एक दुर्लभ प्रकार 'हीमोफीलिया C' भी होता है, जिसमें Factor XI की कमी पाई जाती है।

आनुवंशिक रोग

हीमोफीलिया कोई संक्रामक रोग नहीं है। यह छूने, साथ बैठने, भोजन करने या हवा से नहीं फैलता। यह मुख्यतः आनुवंशिक (Genetic) रोग है, जो माता-पिता से बच्चों में पहुँचता है। यह रोग X-क्रोमोसोम से जुड़ा होता है। पुरुषों में केवल एक X-क्रोमोसोम होता है, इसलिए उनमें यह रोग अधिक दिखाई देता है। महिलाएँ सामान्यतः इस रोग की 'वाहक' (Carrier) होती हैं, अर्थात् वे स्वयं गम्भीर रूप से प्रभावित नहीं होतीं, लेकिन अपने बच्चों को यह रोग दे सकती हैं।

यदि माता 'वाहक' हो, तो पुत्र में हीमोफीलिया होने की संभावना रहती है। ब्रिटेन की महारानी विक्टोरिया के वंशजों में यह रोग फैलने के कारण यह स्पेन, रूस और जर्मनी के राजपरिवारों तक पहुँच गया और इसे 'रॉयल डिजीज' के नाम से भी जाना गया। कुछ मामलों में यह रोग बिना पारिवारिक इतिहास के भी उत्पन्न हो सकता है, जिसे 'स्पॉन्टेनियस म्यूटेशन' कहा जाता है।

प्रमुख लक्षण

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यह कहानी Jyotish Sagar के July 2026 संस्करण से ली गई है।

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