कोशिश गोल्ड - मुक्त

सुविधा की सियासत

Jansatta Lucknow

|

December 14, 2025

जानती हूं कि जो बात आज कहने वाली हूं इस लेख में, उसको बहुत बार कह चुकी हूं, लेकिन क्या करूं?

राहुल गांधी का लोकसभा में भाषण सुनने के बाद दोबारा कहने पर मजबूर हूं कि नेता प्रतिपक्ष अपने प्रधानमंत्री की सबसे बड़ी शक्ति हैं। जब भी बोलते हैं, खासतौर पर संसद के अंदर, साबित करते हैं कि उनको गंभीरता से लेना मुश्किल नहीं, नामुमकिन है। इस बार बहस का विषय उनके कहने पर तय हुआ था।

एसआइआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) पर संसद में बहस करवाने के लिए महीनों से प्रदर्शन करते आए हैं कांग्रेसी सांसद संसद के परिसर में। ऐसे प्रदर्शन हुए हैं राहुल गांधी के कहने पर, इसलिए सोचा था मैंने कि इस बार उनकी तरफ से ऐसा भाषण सुनने को मिलेगा, जिसको याद किया जाएगा इतिहास के पन्नों में।

इस उम्मीद से मैंने उनका पूरा भाषण शुरू से अंत तक सुना, लेकिन शुरू जब उन्होंने खादी कपड़ा और कांजीवरम साड़ियों से किया, मैं हैरान हुई। फिर उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालयों के कुलपति आजकल चुने जाते हैं सिर्फ ऐसे लोग, जिनकी सोच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा से मेल खाती है, तो सोचने लगी कि शायद विषय को भूल गए हैं।

सभापति को भी अब तक ऐसा लगने लगा था, तो उन्होंने नेता प्रतिपक्ष को टोकते हुए याद दिलाया कि बहस किस विषय पर हो रही थी। तिलमिलाकर राहुल गांधी ने कहा कि उनको विषय याद है और उस पर ही आने वाले हैं।

यहां उन्होंने याद दिलाया कि ब्राजील की एक महिला ने हरियाणा के चुनावों में बाईस बार वोट डाला था। इससे साबित होता है, उन्होंने आगे कहा, कि हरियाणा का चुनाव चोरी से भारतीय जनता पार्टी ने जीता है। ऐसा महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में भी हुआ है उनके हिसाब से और हाल में बिहार में भी वोट चोरी करके भाजपा जीती है। फिर धमकी दी चुनाव आयुक्त को कि उनका जब समय आएगा सत्तापक्ष में बैठने का तो उनको ढूंढ़कर दंडित कराएंगे। उनके इस भाषण को सुनकर तय कर लिया मैंने कि राहुल गांधी को वास्तव में गंभीरता से लेना नामुमकिन है। बहस के अंत में जब गृहमंत्री ने तगड़ा जवाब दिया उनके आरोपों का, तो नेता प्रतिपक्ष अपने सांसदों को लेकर 'वाकआउट' कर गए। जाते-जाते गृहमंत्री को धमकी देते गए कि उनमें हिम्मत नहीं है उनके तीन 'परमाणु बम वाली' प्रेस वार्ताओं पर बहस करवाएं। अब खबर यह है कि संसद सत्र के बीच ही वह निकल गए हैं विदेश।

Jansatta Lucknow से और कहानियाँ

Jansatta Lucknow

जलवायु परिवर्तन से बढ़ा मानव-वन्यजीव संघर्ष

सूखा प्राकृतिक संसाधनों को घटाकर वन्यजीवों को मानव बस्तियों की ओर धकेलता है, जिससे संघर्ष बढ़ता है और संरक्षण की चुनौतियां गहराती हैं।

time to read

2 mins

January 13, 2026

Jansatta Lucknow

भारत की 'जेन जी' रचनात्मकता और ऊर्जा से भरी है : प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत की 'जेन जी' रचनात्मकता, नवाचार विचार, ऊर्जा और किसी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए युवा आगे बढ़ रहे हैं।

time to read

1 min

January 13, 2026

Jansatta Lucknow

नरेंद्र कुमार : मेक्सिको की सबसे ऊंची चोटी फतह कर इतिहास रचा

भारतीय पर्वतारोही नरेंद्र कुमार के नेतृत्व में एक दल ने हाल में मेक्सिको की सबसे ऊंची चोटी पिको डी ओरिजाबा को फतह किया है।

time to read

1 mins

January 13, 2026

Jansatta Lucknow

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और आयोग को भेजा नोटिस, मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने संसद द्वारा पारित उस कानून की वैधता की जांच करने पर सहमति जताई है।

time to read

1 min

January 13, 2026

Jansatta Lucknow

उपग्रहों को निर्धारित कक्षा में स्थापित करने में विफल

निर्धारित कक्षा में स्थापित करने का मिशन पूरा नहीं हो सका और सभी 16 उपग्रह अंतरिक्ष में खो गए।

time to read

1 mins

January 13, 2026

Jansatta Lucknow

खुदरा महंगाई दिसंबर में तीन माह के उच्च स्तर पर

कीमतों में वृद्धि के कारण खुदरा मुद्रास्फीति दर 1.33% रही

time to read

1 mins

January 13, 2026

Jansatta Lucknow

हिमाचल : चिट्टा तस्करी में शामिल 11 पुलिस कर्मी बर्खास्त

हिमाचल प्रदेश सरकार ने चिट्टा और नशे के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है।

time to read

1 min

January 13, 2026

Jansatta Lucknow

विरोध की चिंगारी

ईरान की सड़कों पर फिर से सत्ता विरोधी हुंकार सुनाई देने लगी है।

time to read

2 mins

January 13, 2026

Jansatta Lucknow

ठेकेदार के कर्मचारी सरकारी लाभों के हकदार नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि ठेकेदार या तीसरे पक्ष की एजेंसियों के जरिए नियुक्त किए गए कर्मचारी नियमित सरकारी कर्मचारियों के समान सेवा लाभ और दर्जे का दावा नहीं कर सकते।

time to read

1 min

January 13, 2026

Jansatta Lucknow

एससी-एसटी आरक्षण से मलाईदार तबके को हटाने की मांग वाली याचिका पर नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने एससी-एसटी आरक्षण से मलाईदार तबके को हटाने की मांग वाली याचिका पर नोटिस जारी किया है।

time to read

1 min

January 13, 2026

Listen

Translate

Share

-
+

Change font size