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देश में दंगा 'राजनीति' में उबाल

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April 2023

रामनवमी पर पश्चिम बंगाल, बिहार, महाराष्ट्र जैसे गैर भाजपा शासित राज्यों से तो हिंसा की खबरे सामने आईं ही, गुजरात, कर्नाटक जैसे राज्य भी इस बार हिंसा की चपेट में आ गये। रामनवमी के दिन और उसके बाद लगातार तीन दिनों तक देश के कई राज्य हिंसा में झुलते रहे। छह राज्यों में कम से कम 12 स्थानों पर हिंसक झड़पें हुईं।

- विजय सिंह

देश में दंगा 'राजनीति' में उबाल

देश के कई राज्यों में हर साल बार-बार हिन्दुओं के तीज-त्योहारों पर होने वाली हिंसा पूरे देश और खासकर हिन्दू समाज के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। चिंता इस बात की भी है कि दंगे वाला यह चलन लगातार एक राज्य से दूसरे राज्य में फैलता जा रहा है। रामनवमी पर पश्चिम बंगाल, बिहार, महाराष्ट्र जैसे गैर भाजपा शासित राज्यों से तो हिंसा की खबरे सामने आईं ही, गुजरात, कर्नाटक जैसे राज्य भी इस बार हिंसा की चपेट में आ गये। रामनवमी के दिन और उसके बाद लगातार तीन दिनों तक देश के कई राज्य हिंसा में झुलते रहे। छह राज्यों में कम से कम 12 स्थानों पर हिंसक झड़पें हुईं। इनमें औरंगाबाद, मलाड, जलगांव (महाराष्ट्र), हावड़ा, दलखोला (पश्चिम बंगाल), वडोदरा (गुजरात), हसन (कर्नाटक) और मुंगेर, बिहारशरीफ, सासाराम (बिहार) शामिल हैं, जहां संपत्ति के नुकसान के अलावा कम से कम दो लोग मारे गए और कई लोग घायल हो गए। यह हिंसा पिछले साल की तरह ही भयानक है जब बीते वर्ष 10 अप्रैल, 2022 को गुजरात, मध्य प्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल में सांप्रदायिक हिंसा फैली थी। इसके बाद 16 अप्रैल को दिल्ली, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में हिंसा की घटनाएं हुई थीं। फिर 17 अप्रैल को महाराष्ट्र में हिंसा हुई थी। मौका वही रामनवमी और उसके बाद हनुमान जयंती के जुलूस से जुड़ा था। इन जुलूसों में भी उपद्रवियों की वेशभूषा और भावना समान ही थी, और शायद इरादे भी कुछ वैसे ही थे, शायद इसलिए इनके परिणाम भी समान थे। दंगा सुनियोजित था, अचानक कुछ नहीं हुआ था। यही वजह थी किपश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रामनवनी पर हुए दंगे के बारे में पहले ही भविष्यवाणी कर दी थी, लेकिन दंगे रोकने की बजाए मुख्यमंत्री केन्द्र के खिलाफ न केवल धरने पर बैठी रहीं, बल्कि वहां से दंगाइयों को उकसाती और हिन्दुओं को धमकाती रहीं। ममता बनर्जी ने तो यहां तक कह दिया कि हिन्दू दंगा कराते हैं। वह मुस्लिम इलाकों से शोभायात्रा निकालते हैं। ममता का आरोप था कि राम और वाम मिलकर प्रदेश में दंगा करा रहे हैं।

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