सर की सियासत
Outlook Hindi
|September 15, 2025
विपक्ष बनाम चुनाव आयोग का महाराजनीतिक खेल बिहार यात्रा के साथ शुरू, बंगाल अगला युद्धक्षेत्र बनने की तैयारी में
चुनावी राज्य बिहार में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और बिहार में इंडिया ब्लॉक या महागठबंधन के नेता 16 दिनों में 23 जिलों की 1,300 किलोमीटर की यात्रा पर निकले हैं। 17 अगस्त को सासाराम से यात्रा की शुरू हुई, तो राहुल के अलावा राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के तेजस्वी यादव, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी-लिबरेशन) के नेता दीपांकर भट्टाचार्य, विकासशील इंसान पार्टी के मुकेश सहनी और भाकपा तथा माकपा के नेता मौजूद थे, जो पूरी यात्रा में साथ चले।
उनका उत्साह बढ़ाने के लिए राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव भी पहुंचे थे। यह यात्रा अब आधी पूरी कर चुकी है। यह मतदाता अधिकार यात्रा राज्य में चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) अभियान में 'मताधिकार से वंचित करने वाली कवायद' के खिलाफ है।
चुनाव आयोग के मुताबिक, इस अभियान का उद्देश्य मृत, नकली, प्रवासी मतदाताओं और अवैध घुसपैठियों को मतदाता सूची से हटाना है।
लेकिन विपक्ष का आरोप है कि एसआइआर का उद्देश्य केंद्र में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की अगुआई वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के हितों के अनुरूप मतदाता सूची में हेराफेरी करना है।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश इस यात्रा को "बिहार में लाखों मतदाताओं को एसआइआर के जरिए मताधिकार से वंचित करने की भाजपा की चाल" और "देश भर में हो रही 'वोट चोरी' के चौंकाने वाले खुलासों" का जवाब बताते हैं। रमेश कहते हैं कि यह "एक और राजनीतिक यात्रा" नहीं, बल्कि "नैतिक और संवैधानिक धर्मयुद्ध" है।
हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने अभी तक मतदाता सूची में शामिल लोगों की नागरिकता का पता लगाने का प्रयास कर रही एसआइआर प्रक्रिया की संवैधानिक वैधता पर फैसला नहीं सुनाया है। कोर्ट ने चुनाव आयोग को मतदाता सूची संशोधन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की अनुमति दे दी है लेकिन अदालत ने अपने अंतरिम आदेशों में चुनाव आयोग को आधार कार्ड को शामिल स्वीकृत दस्तावेजों में शामिल करने और ड्राफ्ट सूची में नहीं जुड़े वोटरों की फेहरिस्त जारी करने का निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट के दो अंतरिम आदेशों ने स्वाभाविक रूप से विपक्षी खेमे या इंडिया ब्लॉक में अलग तरह का उत्साह भर दिया है, जिसका बिहार का महागठबंधन भी हिस्सा है।
Cette histoire est tirée de l'édition September 15, 2025 de Outlook Hindi.
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