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सोमनाथ को समर्पित वीर योद्धा हमीरजी गोहिल
Kendra Bharati - केन्द्र भारती
|February 2023 Issue
अतीत की यादों को भुलाकर, भविष्य की चिन्ता छोड़, वर्तमान का आनंद लेता, तन से योद्धा, मन से फकीर, युवा राजकुमार थे हमीरजी।
गुजरात के अमरेली के पास अरठिता के भीमजी गोहिल के तीसरे पुत्र थे हमीरजी । हमेशा अपने साथियों के साथ ही दिखते थे। हँसता चेहरा, मित्रों के साथ हंसी मजाक, व्यायाम और युद्ध क्रीड़ा, पूर्वजों की कीर्ति को सुनना, शिव भक्ति उनकी मुख्य प्रवृत्ति थी। उनके मित्र उनसे और वे अपने मित्रों से कभी अलग न होते। एक बार हमीर्जी अपने मित्रों के साथ युद्ध क्रीड़ा खेलकर वापस आए। सभी भूखे थे। हमीरजी खाने के लिए जल्दी करने लगे। भाभी ने कहा कि खाने की इतनी जल्दी क्या है? जल्दी खाना खा कर सोमनाथ को बचाने जाना है क्या? राजनीति की बातों से अनभिज्ञ हमीरजी ने अपनी भाभी से पूछा, “क्या? सोमनाथ पर कोई संकट है? भाभी ने कहा, "बादशाह की सेना सोमनाथ को नष्ट करने के लिए निकल चुकी है। उन्होंने यात्रा शुरू कर दी है। सेना अभी रास्ते में है।"
उस समय मुहम्मद तुगलक दिल्ली की गद्दी पर आसीन था। जूनागढ़ में अपने सूबेदार समसुद्दीन की हार के कारण बादशाह ने जफर खान को गुजरात का सूबेदार नियुक्त किया। समय के साथ जफर खान सुबेदार से स्वतंत्र होकर गुजरात का शासक बन बैठा। जफर खान ने सोमनाथ में एक शाही थाना स्थापित क्रिया और रसूल खान को थानेदार नियुक्त किया। जफर खान मूर्तिपूजा का कट्टर विरोधी था। उसकी नजर सोमनाथ के मन्दिर पर थी, क्योंकि हिन्दुओं की इस मन्दिर में बड़ी आस्था थी।
जफर खान का फरमान छूटा कि मन्दिर में बड़ी संख्या में हिन्दुओं को इकट्टा न होने दिया जाए। ऐसे समय में वहाँ शिवरात्रि का मेला लगा। रसूल खान और उनके आदमियों ने मेले में आए हुए लोगों को भगाना शुरू कर दिया और उनसे लड़ने लगा। इससे स्थिति और बिगड़ गई, लोग भड़क गए। लोगों ने रसूल खान को उसके परिवार और आदमियों समेत मार डाला। जफर खान को जब यह समाचार मिला तो वह क्रोधित हो उठा। मूर्तिपूजा, समसुद्दीन की हार, रसूल खान की मृत्यु कितनी ही बातें उसके हृदय में कांटे की तरह चुभ रही थीं। जफर खान सौराष्ट्र पर चढ़ आया। दरवाजे को तोड़ देनेवाले हाथी साथ में है, बड़ी-बड़ी तोपों के साथ, वह सोमनाथ मन्दिर पर आक्रमण करने के लिए काबुली, मकरानी, अफधानी और पठानी सैनिकों की एक सेना के साथ निकला है।
Esta historia es de la edición February 2023 Issue de Kendra Bharati - केन्द्र भारती.
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