Facebook Pixel इंडिया गठबंधन: अखिलेश जयंत का नरम-गरम रवैया | DASTAKTIMES - news - Lee esta historia en Magzter.com

Intentar ORO - Gratis

इंडिया गठबंधन: अखिलेश जयंत का नरम-गरम रवैया

DASTAKTIMES

|

November 2023

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने 'इंडिया' गठबंधन की परतें उधेड़ के रख दी हैं। ऐसा इसलिए हुआ था क्योंकि कांग्रेस ने मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के लिए कोई भी सीट छोड़ने से इनकार कर दिया था। इससे अखिलेश यादव की त्योरियां चढ़ गईं। एक समय तो ऐसा लग रहा था कि जिस तरह से कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच मनमुटाव बढ़ता जा रहा है, उससे इंडिया गठबंधन को खतरा हो सकता है।

- संजय सक्सेना

इंडिया गठबंधन: अखिलेश जयंत का नरम-गरम रवैया

राष्ट्रीय स्तर के साथ-साथ देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों पर बीजेपी को कड़ी चुनौती देने के लिए समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और राष्ट्रीय लोकदल ने जो 'इंडिया' गठबंधन तैयार किया है, उसकी तस्वीर अभी तक यूपी में साफ नहीं हो पा रही है। कभी इन दलों के नेता एक-दूसरे की टांग खिंचाई करने लगते हैं तो कभी नरमी अख्तियार कर लेते हैं। स्थिति यह है कि लोकसभा चुनाव सिर पर है और इंडिया गठबंधन अभी तक चुनाव कैसे लड़ा जायेगा, सीटों का बंटवारा किस आधार पर होगा, कौन होगा इंडिया गठबंधन में पीएम चेहरा यह तक नहीं तय कर पाया है। स्थिति यह है कि एक दिन समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव को 'भावी पीएम' बताते हुए बैनर लगाते हैं तो दूसरे ही दिन कांग्रेसी राहुल गांधी को 'भावी पीएम' और यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय को 'भावी सीएम' वाले बैनर पोस्टर टांग देते हैं, जबकि चाहे राहुल गांधी हों या फिर अखिलेश यादव, फिलहाल दोनों की ही प्रधानमंत्री की कुर्सी की दावेदारी दूर की कौड़ी है लेकिन इस तरह की बयानबाजी से दोनों दलों के नेताओं के बीच दूरियां बढ़ती जा रही हैं परंतु बीजेपी का खौफ ऐसा है कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस दोनों ही एक तरफ लड़ते दिख रहे हैं तो दूसरी ओर गठबंधन धर्म निभाने की कसमें भी खा रहे है।

MÁS HISTORIAS DE DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

क्या रंग लाएगा योगी का विकास मॉडल

अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।

time to read

8 mins

January 2026

DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

हेमंत का मास्टर स्ट्रोक झारखंड में 'पेसा' को मंजूरी

लंबी जद्दोजहद के बाद आखिरकार झारखंड कैबिनेट ने पेसा (PESA) नियमावली को मंजूरी दे दी है।

time to read

5 mins

January 2026

DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

खिड़की जो बंद हो गई!

दीवार में एक खिड़की रहती थी। वह जागती आंखों में सपने बुनती थी।

time to read

6 mins

January 2026

DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

अब तक हजारों शिकायतें निस्तारित

यह बेहद सूझबूझ वाला अभिनव कदम है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के इस नए प्रयोग का मकसद शासन-प्रशासन को सीधे जनता के बीच ले जाना है ताकि दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों के लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।

time to read

2 mins

January 2026

DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

एक सदी औरतों के नाम

इसे ऐतिहासिक घटना के रुप में क्यों न देखें हम

time to read

5 mins

January 2026

DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

गांव-गांव चली धामी सरकार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में जन-जन के द्वार 'अभियान से लिखा जा रहा सुशासन का नया अध्याय

time to read

6 mins

January 2026

DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

मासूम तानाशाह

किम जू ऐ की कुमसुसान समाधि स्थल की पहली सार्वजनिक यात्रा ने संकेत दिए कि वह उत्तर कोरिया की बन सकती हैं अगली उत्तराधिकारी

time to read

10 mins

January 2026

DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

पर्वतीय विकास और चारधाम कनेक्टिविटी का नया अध्याय

उत्तराखंड, जिसे देवभूमि के नाम से जाना जाता है, अपनी आध्यात्मिक पहचान, प्राकृतिक सौंदर्य और सामरिक महत्व के लिए देश-दुनिया में जाना जाता है।

time to read

7 mins

January 2026

DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

बिहार के लिए नबीन के मायने

बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नबीन की 23 दिसंबर की पहली बिहार यात्रा औपचारिक रूप से सम्मान समारोह के रूप में प्रस्तुत की गई। लेकिन राजनीतिक तौर पर यह एक सोचा-समझा कदम था जिसका मकसद उनकी सोच, संगठन की प्राथमिकताओं, नेतृत्व शैली और राजनीतिक मिज़ाज को दिखाना था। पटना हवाई अड्डे से लेकर मिलर स्कूल मैदान तक, जहां सम्मान समारोह आयोजित किया गया था, हर दृश्य संतुलित था, उत्सव था, लेकिन शोर-शराबा नहीं, प्रमुखता थी, लेकिन आत्मप्रदर्शन नहीं।

time to read

2 mins

January 2026

DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

राम कृपा नासहिं सब रोगा

प्रत्येक मानव के भीतर परमात्मा की अखण्ड सत्ता विद्यमान है और वही सारी शक्ति, आनन्द, ज्ञान और प्रेम का स्रोत है। भोजन से शक्ति, धन से सुख, पुस्तकों से ज्ञान और सम्बन्धियों से अपनत्व मानना ही इस सत्ता का निरादर एवं पाप है जिसका परिणाम रोग, वियोग, मलिनता और आवागमन है। श्रीमानस में दुःख को पाप का परिणाम कहा गया है।

time to read

2 mins

January 2026

Translate

Share

-
+

Change font size