Intentar ORO - Gratis
सर्दियों में दिखाई देने वाला घना स्मॉग, कोहरा या प्रदूषण
Sadhana Path
|December 2025
सर्दी की सुबह, जब बाहर सफेद चादर फैली हो, तो यह दृश्य आकर्षक लगता है। लेकिन जब यह हवा आपकी सांसों में घुलने लगे और आंखों में जलन हो, तो समझ जाइए कि यह ठंड नहीं, बल्कि खतरनाक और जहरीला स्मॉग है। स्मॉग अब एक गंभीर समस्या बन चुका है।
हर साल सर्दियों की शुरुआत होते ही, उत्तर भारत के बड़े शहर, खासकर दिल्ली, एक मोटी धुंध की चादर में लिपट जाती है। यह धुंध सिर्फ ठंड का संकेत नहीं है, बल्कि यह एक खतरनाक सच का पर्दाफाश करती है।
यह धुंध कुछ और नहीं, बल्कि 'स्मॉग' है, जो कि वायु प्रदूषण का वह खतरनाक मिश्रण है जो हर सांस के साथ हमारे स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक भारत के कई शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) अब खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है और यह स्थिति हर साल बढ़ती जा रही है। लेकिन
क्या आप जानते हैं कि इस फोग और स्मॉग में असल में अंतर क्या है?
फोग (कोहरा): यह ठंडी हवा में नमी के कारण बनने वाला प्राकृतिक कोहरा है। छोटे-छोटे जलकणों से यह बनता है, जो आमतौर पर हानिरहित होते हैं। कोहरा अक्सर सिर्फ दृश्यता में बाधा डालता है और किसी बड़ी समस्या का कारण नहीं बनता।
स्मॉग (धुआं और कोहरा): अब यह कोई साधारण कोहरा नहीं है। स्मॉग कोहरे और वायु प्रदूषण का खतरनाक मिश्रण है। यह धुएं, कार्बन डाइऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड और अन्य प्रदूषकों के कारण बनता है। स्मॉग से आंखों में जलन, सांस लेने में कठिनाई और हृदय और फेफड़ों से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।
वायु प्रदूषण के पीछे की वजह
आईएमडी की रिपोर्ट के अनुसार, नवंबर और दिसंबर में प्रदूषण के स्तर में वृद्धि केवल ठंडी हवाओं का नतीजा नहीं है, बल्कि इसके पीछे कई अन्य जटिल कारण भी हैं। ये सभी कारण मिलकर हवा को अधिक जहरीला और हमारे स्वास्थ्य के लिए खतरनाक बना देते हैं। आइए जानें, यह प्रदूषण आखिर क्यों और कैसे बढ़ रहा है-
पराली जलाना
हर साल अक्टूबर और नवंबर में पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसान खेतों में पराली जलाते हैं। जैसे ही आग की लपटें उठती हैं, यह धुआं हवा में घुलकर दिल्ली समेत अन्य शहरों में फैल जाता है। इससे हवा में घना धुंआ भर जाता है और यह सफेद चादर एक विषैली चादर बन जाती है।
ठंड और स्थिर हवा
Esta historia es de la edición December 2025 de Sadhana Path.
Suscríbete a Magzter GOLD para acceder a miles de historias premium seleccionadas y a más de 9000 revistas y periódicos.
¿Ya eres suscriptor? Iniciar sesión
MÁS HISTORIAS DE Sadhana Path
Sadhana Path
आहार जो दिमाग और याददाश्त बढ़ाए
यदि कार्य या पढ़ाई के दौरान लगातार ऊर्जा मिलती रहे तो दिमाग तंदुरुस्त व उत्साहवर्धक बना रहता है।
8 mins
April 2026
Sadhana Path
क्या थायरॉइड है मां न बनने का कारण
मां बनना किसी भी महिला के जीवन की सबसे बड़ी खुशी होती है, लेकिन आजकल कई महिलाएं यंग एज में भी इस खुशी से दूर हैं। हाल के शोध से सामने आया है कि ज्यादातर वह महिलाएं संतान सुख से वंचित हैं, जिन्हें थायरॉइड की समस्या है।
3 mins
April 2026
Sadhana Path
इन 6 तरीकों से केले के छिलके से दूर करें मुंहासे
आमतौर पर केला खाने के बाद हम उसके छिलके को ऐसे ही फेंक देते हैं।
2 mins
April 2026
Sadhana Path
आपके लिए ये हैं प्रोटीन के बढ़िया विकल्प
प्रोटीन महत्वपूर्ण पोषक तत्वों में से एक है। हर मनुष्य को इसकी जरूरत होती है। एक स्वस्थ व्यक्ति को हर रोज अपने शरीर के वजन के प्रति किलोग्राम पर 0.8 ग्राम प्रोटीन के सेवन की जरूरत होती है। अंडा प्रोटीन का सबसे अच्छा स्रोत है। इसके अलावा ये खाद्य पदार्थ भी आपके शरीर में प्रोटीन की मात्रा बढ़ाते हैं ...
4 mins
April 2026
Sadhana Path
संवेदनाओं के प्रकार अनेक
संवेदनाओं का खेल तो सतत् चलता रहता है। तनिक ध्यान से देखें तो अनुभव होगा कि शरीर के रोम-रोम में ऊर्जा प्रवाहित होती ही रहती है।
2 mins
April 2026
Sadhana Path
विद्यार्थियों के लिए उपयोगी फेंगशुई
विभिन्न समस्याओं से मुक्ति पाने के लिए 'फेंगशुई' का प्रयोग आजकल बहुत तेजी से बढ़ा है लेकिन क्या आप जानते हैं 'फेंगशुई' का प्रयोग हम एकाग्रता बढ़ाने के लिए भी कर सकते हैं। कैसे ? जानते हैं इस लेख के माध्यम से।
1 min
April 2026
Sadhana Path
गेस्ट रूम के मानक नियम
प्रत्येक भवन अथवा प्रतिष्ठान में प्रायः अतिथि कक्ष (गेस्ट रूम) अवश्य बनवाया जाता है। इसका कारण यह है कि सभी परिवारों में उनके कुछ संबंधी, मित्र आदि अथवा प्रतिष्ठान से जुड़े लोग प्रायः दो-चार दिन के लिए किसी कार्य वश आते रहते हैं।
2 mins
April 2026
Sadhana Path
मद्यपान-दुखों की खान
दस रुपये से दस हजार रुपये तक रोज खर्च करने वाले करीब चालीस करोड़ से भी अधिक भारतीय शराब, सिगरेट, बीड़ी, तम्बाकू, गुटखा, गांजा, भांग, पान मसाला, ब्राउन शुगर, स्मैक, अफीम, चरस, हेरोइन जैसी चीजों के आदती हैं।
4 mins
April 2026
Sadhana Path
क्या बच्चे एनर्जी ड्रिंक ले सकते हैं ?
गले को ठंडक देने के लिए बच्चों के लिए एनर्जी ड्रिंक काफी नुकसानदायक हैं। यहां जान लें बच्चों के लिए हेल्दी ड्रिंक के ऑप्शन ।
2 mins
April 2026
Sadhana Path
ऐसे करें ब्रेस्ट कैंसर की जांच जानें लक्षण और उपचार
हर दिन की भाग दौड़ भरी जिंदगी में महिलाएं अपने ऊपर ध्यान नहीं दे पाती हैं, इसी कारण उन्हें कई स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है । आज के दौर में महिलाओं के लिए ब्रेस्ट कैंसर की समस्या भी बढ़ती जा रही है।
3 mins
April 2026
Listen
Translate
Change font size
