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समय पर बच्चों के नाखून नहीं काटने से हो सकती हैं समस्याएं
Sadhana Path
|October 2025
अगर घर में छोटे बच्चे हैं तो उनके स्वास्थ्य का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। खासतौर पर उनके हाइजीन पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। इसलिए समय-समय पर उनके नाखून काटते रहना चाहिये। कई बार माता-पिता के व्यस्त होने की वजह से बच्चों के नाखून बड़े हो जाते हैं और उनमें मैल फंस जाता है। अगर नाखून बड़े रहते हैं तो मिट्टी और दूसरे हानिकारक जर्म्स भी इन नाखूनों में फंस जाते हैं और उनके शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। इससे बच्चे बार-बार बीमार होने लगते हैं। नाखून समय-समय पर नहीं काटने से बच्चों को ये समस्याएं हो सकती हैं-
इंफेक्शन का खतरा
बच्चे अक्सर मुंह में हाथ देते रहते हैं। अगर छोटे बच्चों के नाखूनों को सही समय पर नहीं काटा तो नाखूनों में जो बैक्टीरिया और फंगस जम जाते हैं वो हाथ मुंह में देने से उनके पेट तक प्रवेश कर जाते हैं, जिससे उनमें इंफेक्शन हो सकता है।
पेट में कीड़े
नाखूनों को सही समय पर नहीं काटना कई बार बच्चों के पेट में कीड़े होने का भी कारण बन सकता है। बच्चे तरह-तरह की चीजों को छूते रहते हैं और उसके बाद हाथ नहीं धोते हैं। इस वजह से नाखूनों में कई बार अंडे या फिर बैक्टीरिया लग जाते हैं। जब बच्चे इन्हीं हाथों से खाना खाते हैं तो ये जर्म्स खाने के साथ पेट तक पहुंच जाते हैं। इससे पेट में अक्सर दर्द होने लगता है।
डायरिया
बच्चों के नाखून ज्यादा बड़े हो जाते हैं तो इनसे बैक्टीरिया मुंह के रास्ते शरीर में प्रवेश कर उनकी गट हेल्थ को प्रभावित कर सकते हैं। इससे तरह-तरह के गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल इन्फेक्शन हो सकते हैं। इससे बच्चों का पाचन भी खराब होता है और कई बार इस कारण डायरिया भी हो जाता है। उल्टी होना और पेट दर्द की शिकायत भी अक्सर होती रहती है।
इम्यूनिटी कमजोर होती है
अगर आप समय पर बच्चों के नाखून नहीं काटते हैं तो इससे बच्चों की इम्यूनिटी भी प्रभावित हो सकती है। इससे बच्चा बार- बार बीमार हो सकता है। इसलिए ऐसे में नाखूनों की साफ-सफाई का ख्याल रखें।
टाइफाइड
बच्चों के नाखून बड़े रहने के कारण शरीर में टाइफाइड और अन्य संक्रमण पैदा करने वाले बैक्टीरिया फंस सकते हैं। एक बार टाइफाइड होने से बच्चे को ठीक होने में काफी समय लग जाता है।
चोट का खतरा
Esta historia es de la edición October 2025 de Sadhana Path.
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