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महिलाओं को ही क्यों आते हैं अधिक चक्कर, कहीं ये कारण तो नहीं
Sadhana Path
|September 2025
सुबह उठते ही सिर दर्द होना, नीचे झुकने पर चक्कर आना, हमेशा थका हुआ महसूस करना जैसे लक्षणों का अधिकांश महिलाएं सामना करती हैं।
हालांकि चक्कर आना कोई गंभीर समस्या नहीं है लेकिन कई बार ये किसी बड़ी बीमारी के शुरुआती लक्षण भी हो सकते हैं। चक्कर को कई बार पोषक तत्वों की कमी, प्रेग्नेंसी, सर्वाइकल, एनीमिया और स्ट्रैस जैसे कारणों से भी जोड़ा जाता है। लेकिन यदि ऐसी स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो इसका सही उपचार कराना बेहद जरूरी होता है। कई बार चक्कर आना बेहोशी का भी कारण बन सकता है। तो चलिए जानते हैं कि महिलाओं को चक्कर आने के पीछे क्या कारण जिम्मेदार हो सकते हैं साथ ही जानते हैं इस स्थिति से निपटने के तरीकों के बारे में।
किन कारणों से आते हैं चक्कर पोस्टुरल हाइपोटेंशन
पोस्टुरल हाइपोटेंशन को ऑर्थोस्टैटिक हाइपोटेंशन के रूप में भी जाना जाता है। ये अस्थायी चक्कर है जो बैठने और खड़े होने पर महसूस हो सकते हैं। इसका मुख्य कारण ब्लड प्रेशर का अचानक कम या बढ़ना हो सकता है। ये स्थिति मेनोपॉज और पीरियड के दौरान ट्रिगर कर सकती है।
सर्कुलेटरी प्रॉब्लम
ऐसी स्थितियां जो शरीर में रक्त प्रवाह या हृदय को प्रभावित करती हैं वो चक्कर आने के लक्षण पैदा कर सकती हैं। इसके सामान्य कारणों में अनीमिया, हार्मोनल चेंजेज, डिहाइड्रेशन और खून के थक्के शामिल हैं। ये समस्या अधिकतर महिलाओं को मेनोपॉज की स्थिति में होती है।
तनाव और घबराहट
स्ट्रेस और एंग्जाइटी दो ऐसे शब्द हैं जो हर किसी की जिंदगी का हिस्सा हैं लेकिन महिलाएं इसका अधिक शिकार होती हैं। तनाव और घबराहट का हमारे मस्तिष्क पर गहरा प्रभाव पड़ता है जिस वजह से चक्कर आना, पैनिक अटैक, तनाव व डिप्रेशन जैसे विभिन्न लक्षण महसूस हो सकते हैं। इन कारणों को आमतौर पर नजरअंदाज कर दिया जाता है लेकिन कुछ मामलों में ये लक्षण खतरनाक भी हो सकते हैं।
सर्वाइकल की समस्या
Esta historia es de la edición September 2025 de Sadhana Path.
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