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विभिन्न धर्मों में ईश्वर की मान्यताएं

Sadhana Path

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June 2025

विश्व भर में बेशक कितने ही धर्म व उनके संस्थापक हों लेकिन ईश्वर के प्रति उनके विचार लगभग एक से ही हैं। आइये, विभिन्न धर्मों के मूल को जानें।

- - जीतपालसिंह सिसौदिया

विभिन्न धर्मों में ईश्वर की मान्यताएं

ईश्वर एक है, भले ही उसकी विवेचना विभिन्न धर्मों में अलगअलग ढंग से की गई हो। कहीं उसे सातवें आसमान में बताया गया है, कहीं उसकी उपस्थिति कण-कण में बताई गई है। कहीं उसे 'रसो वैसः' अर्थात् 'आनंद का स्रोत' बताया गया है। कुछ भी हो ईश्वर के नाम उच्चारण से ही मनुष्य की स्वधर्म में रुचि जागृत हो जाती है। भगवान का स्वरूप हमारे हृदय में प्रकाशित होता है। इससे सच्चा आनंद प्राप्त होता है। अब इसी की आगे विवेचना कर रहे हैं।

इस्लाम धर्म

इस्लाम धर्म में ईश्वर को 'अल्लाह' के नाम से जाना जाता है। वही कयामत-महाप्रलय का मालिक है। वही अव्वल है, वही आखिर है। वही प्रकट है, वही गुप्त है। वह गुप्त रूप से की गई फुसफुसाहट को भी आसानी से सुन लेता है, समझ लेता है। उसकी इच्छा के बिना संसार की कोई भी गति विधि संपन्न नहीं हो सकती है। कुरान में 'रब्ब' शब्द भी देखने को मिलता है, जिसका अर्थ है 'महान'।

यहूदी धर्म

इस धर्म में ईश्वर को यहोवा के नाम से जाना जाता है। हजरत मूसा इसके धर्म संचालक माने जाते हैं। यहूदियों का दृढ़ विश्वास है कि उनका मसीहा इस धरती पर फिर से अवतरित होगा और धार्मिक वातावरण निर्मित करेगा। यहूदी धर्म में मसीहा का बड़ा महात्म्य है। उसे यूनानी भाषा में प्रोफेट के नाम से जाना जाता है। यहूदियों का मूल ग्रंथ 'तोरा' है।

कुंग-फुत्सु

ये चीन के सर्वप्रथम गुरु हैं, इन्हें अंग्रेजी में कन्फ्यूशियस के नाम से जाना जाता है। इनके मतानुसार अपना सुधार ही संसार की सबसे बड़ी सेवा है। उन्होंने नैतिक एवं धार्मिक जीवन को ही ईश्वर का स्वरूप माना है। उनका विश्वास है कि मनुष्य की भौतिकता से परे कोई अदृश्य एवं आध्यात्मिक चेतना अवश्य है जो इसका नियमन एवं नियंत्रण करती है।

ताओ धर्म

इस धर्म के संस्थापक लाओत्से के अनुसार मनुष्य ताओ (ईश्वर) का कोई स्वरूप नहीं बता सकता। उसका कोई नाम नहीं है, जो अपनी भाषा में उसको जानने का प्रयत्न करते हैं वो उससे दूर ही बने रहते हैं। परमशक्ति शब्द व्याख्या से परे है। उसका आदि और अंत नहीं है। सब की उत्पत्ति उसी से होती है, उसकी उत्पत्ति किसी से नहीं होती। वह जन्म-मरन से मुक्त है।

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