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हाथ-पैर हो जाते हैं सुन्न तो आजमाएं दादी-नानी के नुस्खे
Sadhana Path
|June 2025
कई बार काम करते-करते या फिर एक ही जगह पर काफी देर बैठे रहने से अथवा रात में सोते वक्त कभी आपको महसूस होता है कि आपके हाथ-पैर की अंगुलियां सुन्न हो गई हैं या फिर अंगुलियों में झनझनाहट महसूस होती है। अगर हां, तो आप बड़ी परेशानी में हो सकते हैं।
कंप्यूटर पर लंबे समय तक काम करना या एक ही अवस्था में लंबे समय हाथ को रखने से यह समस्या बढ़ जाती है। आपके साथ अगर ऐसी ही कोई परेशानी है तो आप तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। नहीं तो कुछ सावधानियों और घरेलू उपायों से भी आप ऐसी परेशानी से निजात पा सकते हैं।
सुन्नपन के कारण
हाथ-पैरों के सुन्न होने के कई कारण हो सकते हैं। इन्हीं में से एक है गुलियन बैरे सिंड्रोम। ये एक प्रकार का इम्यून डिसऑर्डर है, जिससे हमारा इम्यून सिस्टम ही शरीर की नसों को नुकसान पहुंचाता है। जब शरीर में ज्यादा वक्त तक कोई दबाव रहता हो या ब्लड सर्कुलेशन सही से न होने पर नसों पर असर पड़ता है। ऐसे में शरीर के सारे अंगों को सही मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिलती, न ही सही से ब्लड सर्कुलेशन हो पाता है। इसी कारण से हाथ-पैरों में झनझनाहट होने लगती है या फिर वे सुन्न हो जाते हैं। कई बार हाई ब्लड प्रेशर, स्ट्रोक, ब्रेन ट्यूमर, बैकबॉन में ट्यूमर, थायराइड या फिर डायबिटीज के मरीजों को भी यह समस्या हो जाती है।
महिलाओं पर प्रभावयह कड़वी सच्चाई है कि पुरुषों के मुकाबले महिलाओं पर घर की जिम्मेदारी अधिक होती है। वहीं दूसरी ओर अक्सर महिलाएं अपनी सेहत का ध्यान भी कम ही रखती हैं। यही कारण है कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं में सुन्नपन या झनझनाहट का खतरा तीन गुणा ज्यादा होता है। महिलाएं अपनी लाइफ में ऐसे कई पड़ावों से गुजरती हैं, जब उनमें हार्मोनल बदलाव होते हैं। इस दौरान हर महिला को ज्यादा देखभाल की जरूरत होती है। गर्भावस्था के साथ ही पीरियड्स की अनियमित्ता और मेनोपॉज के दौरान या फिर इसके बाद सुन्नपन की परेशानी बढ़ जाती है।
Esta historia es de la edición June 2025 de Sadhana Path.
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