Facebook Pixel क्या आपके दिल को सिर्फ कोलेस्ट्रॉल से डरना चाहिए? | Sadhana Path - health - Lee esta historia en Magzter.com
Vuélvete ilimitado con Magzter GOLD

Vuélvete ilimitado con Magzter GOLD

Obtenga acceso ilimitado a más de 9000 revistas, periódicos e historias Premium por solo

$149.99
 
$74.99/Año

Intentar ORO - Gratis

क्या आपके दिल को सिर्फ कोलेस्ट्रॉल से डरना चाहिए?

Sadhana Path

|

August 2024

हार्ट से संबंधित बीमारियां बहुत ही गंभीर होती हैं। हालांकि हृदय को स्वस्थ रखने के लिए कुछ आसान तरीके भी हैं, जिनका उपयोग कर आप अपने दिल को स्वस्थ रख सकते हैं।

क्या आपके दिल को सिर्फ कोलेस्ट्रॉल से डरना चाहिए?

अपनी पूरी जिंदगी हम यह मानते हैं कि कोलेस्ट्रॉल हृदय रोग का एकमात्र कारण है। वास्तव में यह आम धारणा है कि शरीर बहुत अधिक कोलेस्ट्रॉल हमारे हृदय की धमनियों को अवरुद्ध करने के लिए जिम्मेदार हैं, जिसके चलते अक्सर सीने में दर्द होता है और चरम मामले में दिल का दौरा पड़ता है। बहरहाल, सच्चाई इससे कहीं ज्यादा जटिल है।

क्या है कोलेस्ट्रॉल

आइए, सबसे पहले एक नजर डालें कि कोलेस्ट्रॉल वास्तव में है क्या। यह यकृत (लिवर) द्वारा निर्मित एक वसीय पदार्थ है, जिसका उपयोग शरीर के हजारों कार्यों को करने में मदद के लिए होता है। करीब 75न कोलेस्ट्रॉल का उत्पादन लिवर करता है, बाकी हमारे द्वारा खाए गए भोजन से मिलता है। हमारा शरीर कोशिका झिल्लियों (सेल मेम्ब्रेन) के निर्माण में सहायता के लिए इसका इस्तेमाल करता है। इसके बिना हम पर्याप्त हॉर्मोनल संतुलन बनाए नहीं रख पाएंगे। कोलेस्ट्रॉल एक व्यापक पारिभाषिक शब्द है, जो अच्छे कोलेस्ट्रॉल और खराब कोलेस्ट्रॉल दोनों को दर्शाता है। लोग आमतौर पर कोलेस्ट्रॉल शब्द का इस्तेमाल बैड कोलेस्ट्रॉल के लिए ही करते हैं, जिसे अक्सर दिल के रोगों के लिए जिम्मेदार एकमात्र कारक माना जाता है। वैसे, यह सच नहीं है।

MÁS HISTORIAS DE Sadhana Path

Sadhana Path

Sadhana Path

हिंदुत्व की पहचान संस्कार

संस्कार से ही व्यक्तित्व का निर्माण होता है। हमारे वेद पुराणों में भी कई संस्कारों का वर्णन है और यह सभी संस्कार वैज्ञानिक आधारों पर निर्मित हैं। कौन-कौन से हैं संस्कार तथा क्या है इन संस्कारों का महत्त्व ? आइए जानते हैं।

time to read

9 mins

May 2026

Sadhana Path

Sadhana Path

विज्ञान से भी सर्वोपरि ज्योतिष शास्त्र

वर्तमान युग विज्ञान का युग है किंतु हम ज्योतिष को नकार नहीं सकते, या कहें विज्ञान से भी सर्वोपरि है ज्योतिष, कैसे ? आइए जानें इस लेख से।

time to read

5 mins

May 2026

Sadhana Path

Sadhana Path

हिन्दू संस्कृति में रीति रिवाजों का वैज्ञानिक महत्त्व

हम सदियों से विभिन्न परम्पराओं, रीति-रिवाजों को मानते चले आ रहे हैं पर शायद हममें से बहुत कम लोग ही इसके पीछे विद्यमान तथ्यों को जानते होंगे के हम इनका अनुसरण क्यों करते हैं ? आइए लेख के माध्यम से जानें इन परंपराओं एवं रीति-रिवाजों में निहित वैज्ञानिकता को।

time to read

14 mins

May 2026

Sadhana Path

Sadhana Path

भविष्य बताने वाले शुभ-अशुभ संकेत

कहते हैं जो होना है वो तो होकर रहेगा। सब कुछ पहले से ही लिखा जा चुका है, किन्तु फिर भी हमारे जीवन में हमें ऐसे कई संकेत मिलते हैं जिससे हम भविष्य में होने वाली शुभ और अशुभ घटनाओं को पहचान सकें। ऐसे ही कुछ शुभ और अशुभ संकेतों को आइए जानते हैं लेख से।

time to read

8 mins

May 2026

Sadhana Path

Sadhana Path

अध्यात्म की यात्रा

आत्मा - यह शक्ति पुंज, इतना शक्तिशाली, इतना सक्ष्म है कि पर्वत भी हिला दे। इस शक्ति को पहचानो।

time to read

2 mins

May 2026

Sadhana Path

Sadhana Path

पेट की सेहत को सुधारें इन टिप्स से

शरीर को स्वस्थ रखने के लिए आंतों को स्वस्थ रखना बेहद जरूरी है। आंतों को स्वस्थ रखने के लिए खान-पान में बदलाव करें।

time to read

2 mins

May 2026

Sadhana Path

Sadhana Path

कान के दर्द में बड़े काम आएंगे दादी मां के नुस्खे

कान व्यक्ति के शरीर का सबसे संवेदनशील हिस्सा है लेकिन फिर भी हम इसका पूरी तरह ख्याल नहीं रखते हैं, जिसके कारण अकसर हमें कान में दर्द या खुजली की समस्या होती है।

time to read

2 mins

May 2026

Sadhana Path

Sadhana Path

शांति के क्षण

सामान्य रूप से, मन सदा कार्य में लगा रहता है। सदा अस्थिर रहना ही इसकी प्रकृति है।

time to read

2 mins

May 2026

Sadhana Path

Sadhana Path

आत्मसंयम का अभ्यास

प्रायः हम देखते हैं कि परिवार में जीविका चलाने वाले-पिता या पुत्र, या कभी-कभी माता या पुत्री-मानसिक व्यसन की प्रवृत्ति को दर्शाते हैं, क्योंकि उनकी चेतना में है कि वे आदेश देने की स्थिति में हैं।

time to read

2 mins

May 2026

Sadhana Path

Sadhana Path

दोपहर की एक छोटी-सी झपकी रखती है सेहतमंद

अक्सर दोपहर का भोजन करने के उपरात गहरी नींद आती है, यदि इस समय आप कुछ देर विश्राम करते हैं तो निश्चित तौर पर आप हमेशा स्वस्थ रहेंगे। ध्यान रहे कि नींद केवल 30 से 45 मिनट तक की होनी चाहिए, अन्यथा आपको रात में नींद नहीं आएगी !

time to read

3 mins

May 2026

Listen

Translate

Share

-
+

Change font size