Intentar ORO - Gratis
खेती और मधुमक्खी पालन से सफलता का इतिहास रचने वाले सफल किसान अशोक कुमार शर्मा
Modern Kheti - Hindi
|15th April 2025
जिले के सिंगरावट गांव के रहने वाले किसान अशोक कुमार शर्मा ने यह साबित कर दिया है कि यदि इंसान ठान ले तो हालात कितने भी कठिन क्यों न हों, सफलता जरूर मिलती है।
खाड़ी देशों में 11 वर्ष की नौकरी, परिवार से दूर का जीवन और असफलता की टीस से जूझने के बाद अशोक निराश होकर वापस गांव लौट गए। यहां उन्होंने खेती और मधुमक्खी पालन को जीवन का आधार बनाया। आज वे वार्षिक 15 लाख रुपए से अधिक की आय प्राप्त कर रहे हैं और सैकड़ों किसानों के लिए प्रेरणास्त्रोत बन चुके हैं। अशोक शर्मा ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2012 में खाड़ी देशों में नौकरी करने का निर्णय लिया। सपना था परिवार की स्थिति सुधारने का और लाखों कमाने का, लेकिन वहां बिताए 11 वर्षों में उन्होंने बहुत संघर्ष किया। तनाव, अकेलापन और आर्थिक अनिश्चितता से भरे हुए थे वो दिन। जब कोई ठोस प्रगति नहीं हो पाई, तब वे मायूस होकर वापस गांव लौट आए। वापसी के बाद बेरोजगारी और आत्मविश्वास की कमी ने उन्हें अंदर से तोड़ दिया। धीरे-धीरे उन्होंने घर से निकलना बंद कर दिया था। अशोक ने अपने तीन
Esta historia es de la edición 15th April 2025 de Modern Kheti - Hindi.
Suscríbete a Magzter GOLD para acceder a miles de historias premium seleccionadas y a más de 9000 revistas y periódicos.
¿Ya eres suscriptor? Iniciar sesión
MÁS HISTORIAS DE Modern Kheti - Hindi
Modern Kheti - Hindi
सेहत और समृद्धि के लिए स्वीट कॉर्न की खेती देती फायदा
खेती में निरंतर बढ़ती लागत और घटती आमदनी से परेशान होकर किसानों का खेती किसानी से मोहभंग होता जा रहा है जो देश की खाद्य सुरक्षा के लिए शुभ संकेत नहीं है।
4 mins
15th January 2026
Modern Kheti - Hindi
यूपीएल को सीआईआई इंडस्ट्रियल आईपी अवॉर्ड्स 2025 में मिला 'बेस्ट पेटेंट पोर्टफोलियो' सम्मान
कृषि और लाइफ साइंस क्षेत्र की अग्रणी कंपनी यूपीएल लिमिटेड को इंडस्ट्रियल आईपी अवॉर्ड्स 2025 में बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है।
1 min
15th January 2026
Modern Kheti - Hindi
बीज व्यापार-सील के प्रति ढील
एक उक्ति है कि \"Certification is void with out seal and Tag\" प्रमाणीकरण बिना सील एवं टैग के अवैध हैं। इस अवैध एवं अपराधिक प्रवृत्ति का कार्य करने में निम्न व्यक्तियों/अधिकारियों के हाथ सने हैं:
5 mins
15th January 2026
Modern Kheti - Hindi
सर्दी के मौसम में फसलों को पाले से कैसे बचाएं ?
हवा में मौजूद नमी ओस में तब्दील न होकर बर्फ के छोटे-छोटे कणों में बदल जाती है, जिससे पौधों की पत्तियों का पानी जम जाता है। इससे कोशिकाएं फट जाती हैं और पत्तियां सूख जाती हैं। इसे ही पाला पड़ना कहते हैं।
2 mins
15th January 2026
Modern Kheti - Hindi
जैविक खेती विज्ञानी जी.नमलवर
जी.नमलवर एक भारतीय जैविक कृषि विज्ञानी थे।
2 mins
15th January 2026
Modern Kheti - Hindi
हरी खाद मृदा के लिए एक वरदान
कृषि में हरी खाद उस सहायक फसल को कहते हैं जिससे खेती मुख्यतः भूमि में पोषक तत्वों को बढ़ाने तथा उसमें जैविक पदार्थों की पूर्ति करने के उद्देश्य से की जाती है। प्रायः इस तरह की फसल को इसके हरी स्थिति में ही हल चलाकर मिट्टी में मिला दिया जाता है। हरी खाद से भूमि की उपजाऊ शक्ति बढ़ने के साथ-साथ भूमि की रक्षा भी होती है।
4 mins
15th January 2026
Modern Kheti - Hindi
जैविक खेती में सफलता प्राप्त करने वाले सफल किसान विज्ञान शुक्ला
खेती में रासायनिक खादों के अंधाधुंध इस्तेमाल से मिट्टी की घटती उर्वराशक्ति और आमजन की बिगड़ती सेहत का जज्बा समझते हुए बांदा जिले के अतर्रा गांव के युवा किसान विज्ञान शुक्ला ने एक ऐसी राह चुनी जो खुद के लिए तो मील का पत्थर साबित हुई और अन्य किसानों के लिए भी खेती में नई राह दिखाने का काम कर रही है।
2 mins
15th January 2026
Modern Kheti - Hindi
गेहूं का करनाल बंट रोग से बचाव के उपाय
निओवोसिया इण्डिका (टिलेशिया इण्डिका) नामक कवक द्वारा ग्रसित गेहूं का करनाल बंट रोग आशिंक बंट के नाम से भी जाना जाता है।
5 mins
15th January 2026
Modern Kheti - Hindi
जेके टायर एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड को ईकोवैडिस से मिली सिल्वर रेटिंग
भारत की अग्रणी टायर निर्माता कंपनी जेके टायर एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने सतत विकास और जिम्मेदार व्यवसायिक प्रथाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।
1 min
15th January 2026
Modern Kheti - Hindi
भूमि कैसे कर सकती है जलवायु परिवर्तन का मुकाबला
पृथ्वी की मिट्टी में मौजूद कार्बन की मात्रा वायुमंडल और सभी पौधों में मौजूद कार्बन से तीन गुना अधिक है। इसका अर्थ यह है कि मिट्टी में कार्बन को समझना और उसे नियंत्रित करना जलवायु परिवर्तन के मुकाबले में बेहद महत्वपूर्ण है। मिट्टी में रहने वाले सूक्ष्मजीव (माइक्रोब्स) मृत पौधों और अन्य जैविक पदार्थों को तोड़ते हैं। इस प्रक्रिया में कभी-कभी कार्बन सीओ2 के रूप में वायुमंडल में वापस चला जाता है और कभी-कभी यह मिट्टी में लंबे समय तक सुरक्षित हो जाता है। हाल ही में कॉर्नेल विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने पाया है कि जब सूक्ष्मजीव मृत पौधों को अपघटित करते हैं, तो मिट्टी में मॉलिक्यूलर विविधता (मॉलिक्यूल की विविधता) पहले बढ़ती है, फिर एक महीने के बाद स्थिर हो जाती है और उसके बाद घटने लगती है। शोध पत्र में शोधकर्ता के हवाले से कहा गया है कि यह सवाल बेहद महत्वपूर्ण है कि क्या हम मिट्टी से कार्बन का नुकसान कम कर सकते हैं या इसे बढ़ा सकते हैं, जिससे वायुमंडल में सीओ2 नियंत्रित रहेगा। क्योंकि मिट्टी में इतनी बड़ी मात्रा में कार्बन मौजूद है, छोटी-छोटी बदलाव भी वायुमंडल पर बड़ा असर डाल सकते हैं। दशकों तक वैज्ञानिकों का मानना था कि मिट्टी में कार्बन मुख्य रूप से ऐसे पौधों से जमा होता है जिनके अवयव कठिन अपघटन वाले होते हैं। लेकिन 2011 में शोधकर्ताओं ने एक अहम शोध प्रकाशित किया जिसमें यह सिद्ध हुआ है कि यह सच नहीं है। वास्तव में मिट्टी में कार्बन का भंडारण सूक्ष्मजीव, अणु और खनिजों के जटिल पारिस्थितिकी तंत्र पर निर्भर करता है।
2 mins
15th January 2026
Listen
Translate
Change font size

