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उस एक को नहीं जाना तो सब जानकर भी क्या जाना ?

Rishi Prasad Hindi

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May 2022

देवर्षि नारदजी जयंती : १७ मई

- पूज्य बापूजी

उस एक को नहीं जाना तो सब जानकर भी क्या जाना ?

देवर्षि नारदजी ने बहुत-बहुत परोपकार किये, बहुत शास्त्र पढ़े, बहुत लोक-मांगल्य के काम किये। नारदजी के लोक-मांगल्य का पुण्य उदय हुआ, उनके मन में विचार उठा कि 'जिसको पाने के बाद कुछ पाना बाकी नहीं रहता, जिसको जानने के बाद कुछ जानना बाकी नहीं रहता और जिसको जानने से व्यक्ति शोकमुक्त हो जाता है वह तो मैंने नहीं जाना, नहीं पाया ।'

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