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2025 में एआई को मिला नया मुकाम
Business Standard - Hindi
|December 29, 2025
इस बात पर दो राय नहीं हो सकती कि 2025 आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) को एक नए मुकाम पर पहुंचाने वाला साल रहा है।
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विभिन्न संकेतों और रुझानों से यह बात साबित हो जाती है। एआई तकनीक एवं साधन व्यक्तिगत उपयोगकर्ताओं, डेवलपर और कंटेंट क्रिएटरों के बीच बेहद लोकप्रिय हो गए। इनकी मदद से लोगों के लिए लिखने, कोडिंग, डिजाइन के तौर-तरीकों और खोज (सर्च) में काफी बदलाव आए। मगर बड़े उद्यमों में एआई अब तक फर्राटा नहीं लगा पाई है। भारी भरकम निवेश के बावजूद एआई तकनीक इस्तेमाल और व्यापक व्यावसायिक लाभ देने के स्तर पर संघर्ष करती दिख रही है। इसे देखते हुए एआई को लेकर उत्साह और इसके असर के बीच फर्क साफ दिखने लगा है।
एआई की स्थिति पर मैकिंजी ग्लोबल का सर्वे दर्शाता है कि विश्व स्तर पर लगभग 90 फीसदी उद्यम अपने संगठन के किसी न किसी हिस्से में एआई का उपयोग कर रहे हैं। मगर जब उनसे पूछा गया कि उनमें कितने उद्यम इस तकनीकी के मौजूदा इस्तेमाल को व्यापक स्तर पर ले गए हैं तो आंकड़े उत्साहजनक नहीं रहे। ऐसे उद्यमों की संख्या महज 7 फीसदी रह गई।
एमआईटी प्रोजेक्ट नंदा की रिपोर्ट, 'द जेन एआई डिवाइडः स्टेट ऑफ एआई इन बिजनेस 2025' के निष्कर्ष इस खामी की पुष्ट कर देते हैं। जेनरेटिव एआई में 30-40 अरब डॉलर के निवेश के बावजूद लगभग 95 प्रतिशत संगठनों को न के बराबर फायदा (रिटर्न) मिला है। इसका नतीजा यह हुआ है कि खरीदारों (उद्यमों, मध्यम आकार की कंपनियां और एसएमबी) और निर्माताओं (स्टार्टअप, विक्रेताओं और कंसल्टेंसी कंपनियां) में स्पष्ट अंतर दिख रहा है। केवल 5 फीसद एकीकृत एआई परियोजनाएं लाखों डॉलर कमा रही हैं जबकि ज्यादातर नफा-नुकसान के बहीखाते पर कोई विशेष प्रभाव नहीं छोड़ पा रही हैं।
मैकिंजी ऐंड कंपनी में सीनियर पार्टनर नोशीर काका इन निष्कर्षों से सहमत हैं। काका कहते हैं, 'एआई के इस्तेमाल और वास्तविक लाभ के बीच अंतर तीन मुख्य बातों पर निर्भर करता है। सबसे पहले अधिकांश उद्यम अपने व्यावसायिक खंड की नए सिरे से कल्पना करने में विफल रहते हैं। एआई को बड़े बदलाव लाने नवाचार और विकास का एक मजबूत जरिया समझने के बजाय दक्षता में वृद्धि या लागत में कमी का एक औजार माना जाता है। जो कंपनियां सफल होती हैं उनका लक्ष्य 2 से 10 गुना बदलाव लाना रहता है और इस पर विचार हरेक खंडों के विशेषज्ञों को करना चाहिए न कि प्रौद्योगिकी टीमों द्वारा।'
Diese Geschichte stammt aus der December 29, 2025-Ausgabe von Business Standard - Hindi.
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