Versuchen GOLD - Frei
अब पुरुषों के साथ बढ़ता अन्याय
Sarita
|June Second 2023
कई बार पुरुष चुप रह कर औरतों के शोषण का शिकार हो रहे होते हैं. शर्मिंदगी, समाज के चलते वे अपना दर्द बयां नहीं कर पाते और अंदर ही अंदर घुटते रहते हैं. वे कहां जाएं?
दिल्ली के आत्माराम सनातन धर्म कालेज की आर्ट्स की स्टूडैंट आयुषी भाटिया ने पिछले एक साल में 7 रेप केसेस अलगअलग पुलिस स्टेशनों में दर्ज कराए लेकिन ये सारे फौल्स रेप केसेस थे. सख्ती करने पर पुलिस के सामने आयुषी ने स्वीकार किया कि वह लड़कों पर रेप के झूठे आरोप लगा कर उन से जबरन पैसे वसूलती थी.
उस ने बताया कि कैसे वह जिम, इंस्टा, औनलाइन डेटिंग ऐप पर 20 से 22 साल के लड़कों से दोस्ती करती और फिर उन से मिलती थी. लड़के के साथ फिजिकल रिलेशनशिप और किसी के साथ प्यार के वादे के बाद वह उस पर रेप का आरोप लगा दिया करती थी. सब से अजीब बात तो यह कि उस ने एक साल में 7 झूठे रेप केसेस पुलिस स्टेशनों में दर्ज कराए.
वहीं मेरठ की एक महिला ने सरकारी अस्पताल से फर्जी मैडिकल सर्टिफिकेट बनवा कर अपने पति के खिलाफ थाने में मुकदमा दर्ज करवाया. महिला की बातों में आ कर पुलिस ने उस के पति को गिरफ्तार भी कर लिया लेकिन बाद में इस मामले की जांच में पता चला कि महिला का किसी गैरमर्द से नाजायज संबंध था और जिस के लिए पति उसे मना करता था. अपने पति को रास्ते से हटाने के लिए महिला ने यह योजना बनाई और पति को झूठे केस में फंसा कर उसे जेल करवा दी.
बलात्कार एक घिनौना अपराध तो है ही लेकिन उस से भी ज्यादा घिनौना अपराध यह है कि एक निर्दोष व्यक्ति पर बलात्कारी होने का ठप्पा लग जाना. यहां पर क्योंकि एक निर्दोष व्यक्ति की मानप्रतिष्ठा दांव पर लग जाती है, साथ में, उस की जिंदगी भी नरक बन जाती है.
कुछ सालों पहले नई दिल्ली के करावल नगर के इब्राहिम खान पर बलात्कार का आरोप लगा था और आरोप भी किसी गैर ने नहीं, बल्कि उस की खुद की सगी बेटी ने लगाया था. संगीन आरोप था कि उस ने अपनी बेटी का रेप किया जिस से वह गर्भवती हो गई. इस आरोप के बाद इब्राहिम सामाजिक का बहिष्कार तो हुआ ही, उसे जेल भी हुई. वहां जेल में भी उसे कैदियों ने पीटा.
Diese Geschichte stammt aus der June Second 2023-Ausgabe von Sarita.
Abonnieren Sie Magzter GOLD, um auf Tausende kuratierter Premium-Geschichten und über 9.000 Zeitschriften und Zeitungen zuzugreifen.
Sie sind bereits Abonnent? Anmelden
WEITERE GESCHICHTEN VON Sarita
Sarita
शराब के धंधे में फिल्मों कै धुरंधर
आज का बौलीवुड केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि एक बड़ा व्यापार बन चुका है, जहां कलाकारों की प्राथमिकता समाज नहीं, बल्कि मुनाफा बन गई है.
9 mins
April Second 2026
Sarita
जिंदा लाश
कभी कुछ पल भी नहीं बीतते कि इंसान की जिंदगी क्या से क्या हो जाती है. पल में उजड़ गई थी राजीव की गृहस्थी. वह खुद एक जिंदा लाश बन गया था और बच्चों की सूनी आंखें कई प्रश्नों के जवाब मांग रही थीं.
11 mins
April Second 2026
Sarita
टिप और किराया
नैनीताल की खूबसूरती, मोहक वादियों ने जहां मेरा मन मोह लिया था, वहीं वाहिद की खुद्दारी ने मेरे जेहन में अमिट छाप छोड़ दी थी. कौन था यह वाहिद?
13 mins
April Second 2026
Sarita
कफ़न चोर
जब भरोसा टूटता है तो इंसान टूट कर रह जाता है. डाक्टर्स पर भरोसा कर के रंजना का इलाज शुरू करवा दिया था श्याम ने. लेकिन क्या पता था उन्हें कि वे रंजना को जल्लादों के हाथों में सौंप रहे हैं.
18 mins
April Second 2026
Sarita
एक प्रश्न लगातार
अपने बच्चे को अपना न कहने का दुख एक मां के लिए कितना कष्टदायी होता है, रोहिणी अच्छी तरह समझती थी लेकिन कभीकभी सच को छिपाए रखना सब के हित में होता है, यह भी रोहिणी जानती थी.
11 mins
April Second 2026
Sarita
सोशल मीडिया पर पोस्ट ‘कर’
कभीकभी लगता था कि इस भीड़ भरी दुनिया में हम पूरी तरह अदृश्य हैं. न कोई पूछता, न कोई झांकता. लेकिन जैसे ही सरकारी नजर पड़ी, दिल गदगद हो गया. आखिर किसी ने तो हमारी अहमियत समझी. अब तो इंतजार है उस दिन का जब हमारी सादगी भी फाइलों में दर्ज हो कर विशेष बन जाएगी.
3 mins
April Second 2026
Sarita
कानूनी पचड़ों से बच कर प्लान करें बुढ़ापा
देश के संविधान ने बुजुर्गों के अधिकार और भरणपोषण को ले कर कई कानून बनाए हैं. बुजुर्गों की समस्या कानूनी पचड़ों में पड़ने से नहीं बल्कि युवाओं के साथ मेलजोल से सुलझाना ज्यादा बेहतर होता है.
8 mins
April Second 2026
Sarita
अकेली मुसलिम महिलाओं का मौन संघर्ष
पुरानी दिल्ली में चितली कब्र की संकरी गलियों में से एक गली के आखिरी छोर पर वह आधी किवाड़ लगी अंधेरी व सीलनभरी सीढ़ियों का रास्ता है जो पहली मंजिल पर रह रही रेशमा अंसारी तक ले जाता है.
9 mins
April Second 2026
Sarita
युवाओं को भा रहीं बड़ी उम्र की महिलाएं
लड़कियां कैरियर बनाने के चक्कर में देरी से शादी कर रही हैं. इस वजह से 35-40 वर्ष की कुंआरी लड़कियों की तादाद बढ़ी है. वहीं, युवाओं का उम्र में बड़ी महिलाओं की ओर आकर्षण एक ट्रैंड बनता जा रहा है. यह ट्रैंड सिर्फ बौलीवुड या हौलीवुड की फिल्मों तक सीमित नहीं है बल्कि आम जीवन में भी देखा जा रहा है. सवाल यह है कि आखिर क्यों युवाओं को अपने से उम्र में बड़ी महिलाएं भा रही हैं?
7 mins
April Second 2026
Sarita
अकेली युवतियां
कानून बदले समाज नहीं जिम्मेदारियां बढ़ीं हक नहीं
17 mins
April Second 2026
Translate
Change font size
