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देश के बेहतरीन संस्थान

India Today Hindi

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August 13, 2025

इंडिया टुडे-एमडीआरए बेस्ट यूनिवर्सिटी सर्वे उच्च शिक्षा के पारिस्थितिकी तंत्र में एक नई गतिशीलता को दर्शाता है. इसमें स्थिरता के साथ ही कई जगह उलटफेर भी साफ नजर आ रहा

- कौशिक डेका

देश के बेहतरीन संस्थान

भारत के उच्च शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक परिवर्तनशीलता साफ नजर आती है. यह महत्वाकांक्षाओं से भरा है, काफी जनाकीर्ण और अतिव्यस्त है. फिर भी विडंबना ही है कि बेहद महत्वपूर्ण होने के बावजूद संसाधनों की कमी से जूझ रहा है. ऐसी उथल-पुथल वाली परिस्थितियों के बीच भी उत्कृष्टता अपनी अलग ही छाप छोड़ती है. इंडिया टुडे-एमडीआरए बेस्ट यूनिवर्सिटी सर्वे 2025 ऐसे जटिल परिदृश्य के बीच एक ऐसा मूल्यांकनपरक दृष्टिकोण सामने लाता है, जो अनुभवों पर आधारित है और बोधगम्य है. यह सर्वे देश के विश्वविद्यालय पारिस्थितिकी तंत्र का सबसे विश्वसनीय मूल्यांकन सामने रखता है. अब अपने 16वें वर्ष में यह सर्वेक्षण नीति निर्माताओं, भर्ती करने वालों और छात्रों के साथ-साथ दिग्गज संस्थानों के लिए भी एक मानक बन चुका है. बात सिर्फ रैंकिंग में हासिल स्थान तक सीमित नहीं है बल्कि यह रैंकिंग उनकी दिशा, आकांक्षाओं और संस्थागत कुशलताओं के बारे में भी बहुत कुछ बताती है.

imageमूलतः यह सर्वेक्षण एक रैंकिंग से कहीं ज्यादा मायने रखता है. यह बताता है कि भारतीय संस्थानों की उत्कृष्टता एक सतत प्रक्रिया है. वे निरंतर सुधार करते रहते हैं. पुनर्कल्पना और पुनर्खेज की यह प्रक्रिया लगातार चलती रहती है. इस वर्ष सामान्य श्रेणी में यूनिवर्सिटी रैंकिंग यही दर्शाती है. सामान्य श्रेणी के सरकारी विश्वविद्यालयों में दिल्ली यूनिवर्सिटी (डीयू) को पहली बार शीर्ष स्थान मिला, जिसने जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) को पछाड़ दिया. शीर्ष पर 2018 से ही जेएनयू ने अपना एकाधिकार जमा रखा था. 2021 से दूसरे स्थान पर रहा डीयू अब सार्वजनिक विश्वविद्यालय क्षेत्र में उत्कृष्टता का नया मानक बनकर उभरा है.

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