Facebook Pixel वक्फ बोर्ड के सहारे फलती-फूलती मुस्लिम तुष्टीकरण की सियासत | DASTAKTIMES – news – Lesen Sie diese Geschichte auf Magzter.com

Versuchen GOLD - Frei

वक्फ बोर्ड के सहारे फलती-फूलती मुस्लिम तुष्टीकरण की सियासत

DASTAKTIMES

|

January 2024

केंद्रीय अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री सेंट्रल वक्फ बोर्ड का पदेन अध्यक्ष होता है। ज्यादातर किसी मुसलमान को ही अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री बनाया जाता है। मोदी सरकार में पहले मुख्तार अब्बास नकवी इस पद पर थे, उनके हटने के बाद से स्मृति ईरानी अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हैं। वो पारसी अल्पसंख्यक समुदाय से हैं, मगर खास बात यह है कि सेंट्रल वक्फ बोर्ड का अध्यक्ष तो गैर-मुस्लिम हो सकता है, लेकिन सारे सदस्य मुस्लिम ही होते हैं।

- संजय सक्सेना

वक्फ बोर्ड के सहारे फलती-फूलती मुस्लिम तुष्टीकरण की सियासत

श्मीर से धारा 370 हटाने के बाद अब मोदी सरकार की नजर वक्फ बोर्ड पर लगी है। कांग्रेस शासनकाल में मुस्लिम तुष्टीकरण की सियासत के चलते अस्तित्व में आये वक्फ बोर्ड में पुनर्गठन को लेकर मोदी सरकार बड़ा फैसला ले सकती है। इसकी वजह भी है, वजह जानने से पहले वक्फ बोर्ड के बारे में थोड़ा समझ लेना भी जरूरी है कि कब इसकी स्थापना हुई और वक्फ बोर्ड हमेशा विवादों में क्यों रहता है? दरअसल 1947 में अंग्रेजों से आजादी मिलने के साथ भारत के बंटवारे से पाकिस्तान नया देश बना। तब जो मुसलमान भारत से पाकिस्तान चले गए, उनकी जमीनों को वक्फ संपत्ति घोषित कर दी गई। इसके बाद 1950 में हुए नेहरू-लियाकत समझौते में तय हुआ था कि विस्थापित होने वालों का भारत और पाकिस्तान में अपनी-अपनी संपत्तियों पर अधिकार बना रहेगा। वो अपनी संपत्तियां बेच सकेंगे। हालांकि, पाकिस्तान में नेहरू-लियाकत समझौते के अन्य प्रावधानों का जो हश्र हुआ, वही हश्र इसका भी हुआ। पाकिस्तान में हिंदुओं की छोड़ी जमीनें, उनके मकानों व अन्य संपत्तियों पर वहां की सरकार या स्थानीय लोगों का कब्जा हो गया, लेकिन भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने कहा कि भारत से पाकिस्तान गए मुसलमानों की संपत्तियों को कोई हाथ नहीं लगाएगा। नेहरू द्वारा इन सम्पतियों को वक्फ की सपत्ति घोषित कर दिया गया। तत्पश्चात 1954 में वक्फ बोर्ड का गठन हुआ या यूं कहें कि यहीं से भारत के इस्लामीकरण का एजेंडा शुरू हुआ, क्योंकि दुनिया के किसी इस्लामी देश में वक्फ बोर्ड नाम की कोई संस्था नहीं है, यह सिर्फ भारत में है जो इस्लामी नहीं, धर्मनिरपेक्ष देश है।

WEITERE GESCHICHTEN VON DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

क्या रंग लाएगा योगी का विकास मॉडल

अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।

time to read

8 mins

January 2026

DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

हेमंत का मास्टर स्ट्रोक झारखंड में 'पेसा' को मंजूरी

लंबी जद्दोजहद के बाद आखिरकार झारखंड कैबिनेट ने पेसा (PESA) नियमावली को मंजूरी दे दी है।

time to read

5 mins

January 2026

DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

खिड़की जो बंद हो गई!

दीवार में एक खिड़की रहती थी। वह जागती आंखों में सपने बुनती थी।

time to read

6 mins

January 2026

DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

अब तक हजारों शिकायतें निस्तारित

यह बेहद सूझबूझ वाला अभिनव कदम है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के इस नए प्रयोग का मकसद शासन-प्रशासन को सीधे जनता के बीच ले जाना है ताकि दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों के लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।

time to read

2 mins

January 2026

DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

एक सदी औरतों के नाम

इसे ऐतिहासिक घटना के रुप में क्यों न देखें हम

time to read

5 mins

January 2026

DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

गांव-गांव चली धामी सरकार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में जन-जन के द्वार 'अभियान से लिखा जा रहा सुशासन का नया अध्याय

time to read

6 mins

January 2026

DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

मासूम तानाशाह

किम जू ऐ की कुमसुसान समाधि स्थल की पहली सार्वजनिक यात्रा ने संकेत दिए कि वह उत्तर कोरिया की बन सकती हैं अगली उत्तराधिकारी

time to read

10 mins

January 2026

DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

पर्वतीय विकास और चारधाम कनेक्टिविटी का नया अध्याय

उत्तराखंड, जिसे देवभूमि के नाम से जाना जाता है, अपनी आध्यात्मिक पहचान, प्राकृतिक सौंदर्य और सामरिक महत्व के लिए देश-दुनिया में जाना जाता है।

time to read

7 mins

January 2026

DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

बिहार के लिए नबीन के मायने

बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नबीन की 23 दिसंबर की पहली बिहार यात्रा औपचारिक रूप से सम्मान समारोह के रूप में प्रस्तुत की गई। लेकिन राजनीतिक तौर पर यह एक सोचा-समझा कदम था जिसका मकसद उनकी सोच, संगठन की प्राथमिकताओं, नेतृत्व शैली और राजनीतिक मिज़ाज को दिखाना था। पटना हवाई अड्डे से लेकर मिलर स्कूल मैदान तक, जहां सम्मान समारोह आयोजित किया गया था, हर दृश्य संतुलित था, उत्सव था, लेकिन शोर-शराबा नहीं, प्रमुखता थी, लेकिन आत्मप्रदर्शन नहीं।

time to read

2 mins

January 2026

DASTAKTIMES

DASTAKTIMES

राम कृपा नासहिं सब रोगा

प्रत्येक मानव के भीतर परमात्मा की अखण्ड सत्ता विद्यमान है और वही सारी शक्ति, आनन्द, ज्ञान और प्रेम का स्रोत है। भोजन से शक्ति, धन से सुख, पुस्तकों से ज्ञान और सम्बन्धियों से अपनत्व मानना ही इस सत्ता का निरादर एवं पाप है जिसका परिणाम रोग, वियोग, मलिनता और आवागमन है। श्रीमानस में दुःख को पाप का परिणाम कहा गया है।

time to read

2 mins

January 2026

Listen

Translate

Share

-
+

Change font size