ब्रेन एन्यूरिज्म है जानलेवा सिरदर्द
Sadhana Path
|April 2025
ब्रेन एन्यूरिज्म एक प्रकार का सिर दर्द है, जिसमें ब्रेन हैम्ब्रेज जैसी स्थिति बनने लगती है। इस बीमारी में व्यक्ति के मस्तिष्क में खून की नसें कमजोर होने लगती हैं, जिसमें अक्सर डॉक्टर आपको सर्जरी करने की सलाह देते हैं।
कुछ अरसे पहले सोशल मीडिया में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और 'गेम ऑफ थ्रोन्स’ की अभिनेत्री एमिलिया क्लार्क को ब्रेन एन्यूरिज्म की खबर काफी सुर्खियों में रही। एमिलिया ने अपना अनुभव सांझा करते हुए बताया कि वो ब्रेन की दो सर्जरी के बाद सामान्य जिंदगी जी रही हैं जबकि जिनपिंग सर्जरी के बिना ही इससे बाहर आए हैं। ब्रेन एन्यूरिज्म गंभीर जानलेवा बीमारी है। सौ में से 3-4 लोगों में यह बीमारी मिल जाती है। इससे पीड़ित 40-45 प्रतिशत मरीजों की मृत्यु होने की संभावना रहती है।
वैसे तो हर किसी ने कभी न कभी छोटा-मोटा सिरदर्द महसूस किया होगा। ज्यादा भागदौड़ या तनाव के कारण भी सिरदर्द की स्थिति पैदा हुई होगी। लेकिन अगर व्यक्ति को सिर में इतना तेज दर्द हो कि उसे लगे मानो सिर ही फट जाएगा। साथ ही गर्दन भी अकड़ी हुई महसूस हो तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए क्योंकि व्यक्ति ब्रेन एन्यूरिज्म का शिकार हो सकता है।
क्या है ब्रेन एन्यूरिज्म
ब्रेन एन्यूरिज्म दिमाग में मौजूद खून की नसों की कमजोरी है। ब्रेन के अंदर मौजूद नसें घुमावदार मोड़ लिए होती हैं। दिल की धड़कनों से आता खून का फ्लो नसों के घुमावदार मोड़ पर दवाब डालता है जिससे नसों की वॉल कमजोर हो जाती है। कमजोर पड़ी नस फूल जाती है और कई बार बाहर की तरफ छोटे-से गुब्बारे की तरह फूल जाती है। यह गुब्बारा धीरे-धीरे बड़ा होता जाता है, लेकिन फटता नहीं है। ऐसे एन्यूरिज्म दिमाग को दबाने लगते हैं। वो जिस हिस्से को दबाते हैं, उसके फंक्शन में दिक्कत आती है और मरीज को तेज सिर दर्द जैसी समस्याएं होने लगती हैं।
कई मामलों में एन्यूरिज्म के लक्षणों को सिरदर्द मानकर अनदेखी करने और समुचित उपचार न किए जाने पर देरी हो जाती है। एन्यूरिज्म गुब्बारा फट भी जाता है, जिसकी वजह से ब्रेन में इंटरनल हैमरेजिक ब्लीडिंग हो जाती है। केवल एक-तिहाई मरीज ही सही समय पर अस्पताल पहुंच पाते हैं जिनका उपचार हो पाता है। कुछ मरीजों की तुरंत मौत हो जाती है, जबकि कुछ मरीज सही समय पर अस्पताल न पहुंचने के कारण कोमा में चले जाते हैं।
क्या है कारण- ब्लड प्रेशर लंबे समय से कंट्रोल में न होना।
Diese Geschichte stammt aus der April 2025-Ausgabe von Sadhana Path.
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