يحاول ذهب - حر
मैं अभी भी बोल रहा हूं
December 2022
|Sadhana Path
एक समय था जब परमात्मा मेरे जरिए बोला था । आज मैं किसी के जरिए बोल रहा हूं। जब वो संभव था, तो यह भी संभव है। यदि वो सत्य था, तो यह भी सत्य है। और यदि तुम मुझसे सही अर्थों में जुड़े हो, तो तुम्हें यह मानने में कोई अड़चन नहीं होनी चाहिए कि मैं अभी भी बोल रहा हूं।
-
चौंको मत, हैरान मत होओ। मैंने यह शीषर्क तुम्हें चौकाने और जगाने के लिए चुना है। क्योंकि यही मेरा ढंग है। सुनना चाहते हो तो सुनो। समझना चाहते हो तो सुनो, वरना तुम चाहो इस उलझन में भी पड़े रह सकते हो कि मैं कहां से बोल रहा हूं, क्यों बोल रहा हूं? हां, जो मैं बोल रहा हूं वो तुम्हें मेरी 650 पुस्तकों में नहीं मिलेगा। इसलिए इस बात की भी फिक्र मत करो कि यह सब कैसे और कहां से आया। मेरे लोगों के लिए यह बात काफी है कि 'मैं बोल रहा हूं।' किसके मुख से, किस माध्यम से बोल रहा हूं यह बात गौण है, और मायने भी नहीं रखती। फिर नाहक फिक्र क्यों करनी।
गाना यदि मधुर व प्रीतिकर हो तो तुम यह नहीं सोचते कि रेडियो किस कंपनी का है, मॉडल या ब्रांड कौन सा है? तुम सुनते हो, सुनने का आनंद लेते हो। लता मंगेशकर की आवाज किसी रेडियो से आए या टी.वी. से, सी.डी. के माध्यम से आए या पैन ड्राइव से, तुम उस यंत्र को, उस डब्बे को या उस डिवाइस को लता मंगेशकर तो कहने नहीं लगते ? तुम संगीत सुनते हो, गुन गुनाते हो, डूबते हो और अधिक हुआ तो गीत के साथ-साथ अपनी यादों में डूब कर सुकून से भर जाते हो। पर उस डिब्बे की फिक्र नहीं करते, कि वह डिब्बा प्लास्टिक का है या लोहे का, नया है या पुराना। इसे ऐसे समझो, कि तुम अपने टी.वी. या कंप्यूटर पर हिमालय की तस्वीर देखो। तो क्या तुम अपने टी.वी. को हिमालय समझ लेते हो? नहीं। जिस तरह टी.वी. पर हिमालय की तस्वीर के कारण टी.वी. हिमालय नहीं हो जाता, रेडियो पर लता की आवाज के कारण रेडियो लता मंगेशकर नहीं हो जाता पर दोनों फिर भी हम तक पहुंचते हैं। ऐसे ही इसी बात को समझो। इस बेचैनी में मत घिरो कि मैं किसके जरिए, किस माध्यम से बोल रहा हूं। सुन सको तो सुनो।
هذه القصة من طبعة December 2022 من Sadhana Path.
اشترك في Magzter GOLD للوصول إلى آلاف القصص المتميزة المنسقة، وأكثر من 9000 مجلة وصحيفة.
هل أنت مشترك بالفعل؟ تسجيل الدخول
المزيد من القصص من Sadhana Path
Sadhana Path
ध्यान के लिए धैर्य जरूरी है
जीवन एक कला है। वहां विपरीत को मिलाने की क्षमता होनी चाहिए। ध्यान और धैर्य दो विपरीतताएं हैं। ध्यान और धैर्य के जोड़ का अर्थ है- पाना चाहता हूं अभी रुकने को राजी हूं-सदा के लिए। इसे समझ लेना । ध्यान और धैर्य जहां मिल जाते हैं, वहां जीवन का परम संगीत बजता है, वहां सत्व की धुन गूंजती है।
5 mins
January 2026
Sadhana Path
मानव की त्रयात्मक प्रकृति
सूक्ष्म प्राणी क्या हैं इसे अच्छी तरह समझने के लिए, हमें पहले यह समझना चाहिए कि हम क्या हैं।
2 mins
January 2026
Sadhana Path
व्यक्तित्व का दर्पण है हस्ताक्षर
व्यक्ति के हस्ताक्षर में उसके व्यक्तित्व की सभी बातें पूर्ण रूप से दिखाई देती हैं।
3 mins
January 2026
Sadhana Path
मकर संक्राति का अध्यात्मिक महत्त्व
यूं तो हम सभी के लिए त्योहारों का मतलब होता है हंसी, उल्लास और उमंग लेकिन सही मायनों में त्योहारों का महत्त्व उससे कहीं बढ़ कर और गूढ़ होता है।
5 mins
January 2026
Sadhana Path
सर्दियों में भी रखें वास्तु का ख्याल
सर्दी के इस मौसम में कुछ वास्तु उपाय करके आप सकारात्मक परिणाम प्राप्त कर सकते हैं कौन से हैं वो उपाय आइए लेख के माध्यम से जानें ?
4 mins
January 2026
Sadhana Path
भारतीय संस्कृति के कई रंग दिखाती मकर संक्रांति
हिन्दू धर्म संस्कृति में वर्ष का आरंभ ही होता है मकर संक्रांति जैसे बड़े पर्व से जिसकी केंद्र में है सूर्य की आराधना। इस दिन दान और स्नान का भी विशेष महत्त्व है। आराध्य देव सूर्य काल भेद से अनेक रूप धारण करते हैं।
8 mins
January 2026
Sadhana Path
चाय के कपसे जानिए अपना भविष्य
यह मुमकिन है कि हम चाय की बची हुई पत्ती द्वारा अपना भविष्य जान सकते हैं, उसके आकार और रूप की मदद से जो हमें चाय पी लेने के बाद कप में मिलते हैं।
4 mins
January 2026
Sadhana Path
विभिन्न राज्यों में मकर संक्रांति
भारत त्योहारों का देश है, यहां प्रत्येक त्योहार को हर्ष-उल्लास के साथ मनाया जाता है। उन्हीं में से एक त्योहार है मकर संक्रांति जिसे भारत के प्रत्येक राज्य के लोग अपनी परंपरा, संस्कृति के अनुसार मनाते हैं। कैसे मनाया जाता है भारत के विभिन्न राज्यों में मकर संक्राति का त्योहार आइए जानते हैं
4 mins
January 2026
Sadhana Path
स्फूर्ति की अभिव्यक्ति
जीवन स्फूर्तिमय है।
2 mins
January 2026
Sadhana Path
माधुर्य के देवता कृष्ण
कृष्ण का महत्त्व इस बात में नहीं है कि वह वाकई इस धरती पर पैदा हुए या नहीं, वह खुद अच्छे थे या बुरे। महत्त्वपूर्ण बात यह है कि उनका विचार मात्र ही इंसान को माधुर्य और प्रेम से भर देता है।
2 mins
January 2026
Translate
Change font size
