Yogya Aarogya Magazine - December 2019Add to Favorites

Yogya Aarogya Magazine - December 2019Add to Favorites

Go Unlimited with Magzter GOLD

Read Yogya Aarogya along with 8,500+ other magazines & newspapers with just one subscription  View catalog

1 Month $9.99

1 Year$99.99 $49.99

$4/month

Save 50% Hurry, Offer Ends in 8 Days
(OR)

Subscribe only to Yogya Aarogya

Buy this issue $0.99

Subscription plans are currently unavailable for this magazine. If you are a Magzter GOLD user, you can read all the back issues with your subscription. If you are not a Magzter GOLD user, you can purchase the back issues and read them.

Gift Yogya Aarogya

In this issue

December 2019

आचार्य खिचड़ी

स्वाद की दुनिया से आचार्य खिचड़ी

आचार्य खिचड़ी

1 min

क्या आपका कनेक्शन सही है

क्या आपका कनेक्णन सही है तीन लोगों से सदा जुड़े रहें - सरश्री

क्या आपका कनेक्शन सही है

1 min

शीत ऋतु में आयुर्वेद से राहत

आयुर्वेद भारत की प्राचीन चिकित्सा पद्धति है। करीब ५००० वर्षों से यह प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति रोगियों के इलाज में प्रयोग की जा रही है।

शीत ऋतु में आयुर्वेद से राहत

1 min

पैरो के दर्द पर होमिओपपैथी उपचार

पैरों के दर्द का कारण अक्सर पैरों की हड्डियों और मांसपेशियों से संबंधित होता है। कभी कभी गंभीर बीमारियों के दौरान पैरों के मज्जातंतुओं को हानि होती है।

पैरो के दर्द पर होमिओपपैथी उपचार

1 min

समय रहते न्यूमोनिया को पहचाने

२ वर्ष का मिहिर उस दिन बुखार में तपी अवस्था में जोरदार खाँसते हुए ही क्लिनीक में दाखिल हुआ । उसे साँस लेने में दिक्कत हो रही थी, श्वासोच्छवास तीत्र गति से कर रहा था और थोड़ी तकलीफ में था। उसे जाँचने के बाद यह तो समझ में आ गया कि ये सारे न्यूमोनिया के लक्षण हैं इसलिए पक्का करने हेतू छाती का एक्स-रे लिया। उसे एडमिट कर तुरंत आगे के उपचार की शुरुआत की गई।

समय रहते न्यूमोनिया को पहचाने

1 min

शालास्सोथेरपी

इस थेरपी में चिकित्सा और अच्छे स्वास्थ्य के लिए समुद्री वातावरण और समुद्री उत्पाद जैसे समुद्री जल, समुद्री मिट्टी, समुद्री शैवाल का उपयोग किया जाता है।

शालास्सोथेरपी

1 min

अजीर्ण रोग का प्राकृतिक उपचार

अजीर्ण पाचन प्रणाली की गड़बड़ी से उत्पन्न प्रमुख उदर रोग है। इसे बदहजमी, अपच आदि भी कहते हैं। खाया हुआ खाना जब जीर्ण नहीं होता यानी बिना पचे रह जाता है तब अजीर्ण रोग की उत्पत्ति होती है। इस रोग में खट्टी डकार, पेट फूलना, जी मिचलाना, शरीर में भारीपन, पेटदर्द इत्यादि विकार उत्पन्न होते हैं ।

अजीर्ण रोग का प्राकृतिक उपचार

1 min

गिलोंय - प्रकृति का एक चमत्कार

आधुनिक युग में कई जड़ी बूटियों का संशोधन हो चुका है। कुछ जड़ी बूटियाँ तो ऐसी हैं जो बहुत लाभदायक हैंव आसानी से उपलब्ध हो जाती हैं। उसी जड़ी बूटियों में से गिलोय भी एक है। यह बेल के रूप में पाई जाती है।

गिलोंय - प्रकृति का एक चमत्कार

1 min

बच्चे और फिटनेस मोटापे से छुटकारा

वर्तमान युग में बच्चों में बढ़ता हुआ मोटापा चिंता का विषय बना हुआ है। बच्चों में स्थूलता आधुनिकता की देन है। इस चिंता से उभरने का सर्वोत्तम तरीका है कि बचपन से ही बच्चों के वज़न पर ध्यान दिया जाए। बच्चों में मोटापे को नियंत्रित करने का उत्तम तरीका है, उन्हें गलत जीवनशैली अपनाने से रोकना एवं सही मार्गदर्शन देना।

बच्चे और फिटनेस मोटापे से छुटकारा

1 min

वात व्याधि में लाभदायी योगासन

योग का संबंध मानव शरीर के समस्त अंगों से है, अतः इसके सतत्‌ अभ्यास से शरीर सदैव स्वस्थ, निरोग एवं संपूर्ण दोषों से मुक्त रहता है। आयुर्वेद में महर्षि चरक ने योग के बारे में लिखा है-

वात व्याधि में लाभदायी योगासन

1 min

Read all stories from Yogya Aarogya

Yogya Aarogya Magazine Description:

PublisherWOW Publishings Pvt Ltd

CategoryHealth

LanguageHindi

Frequency11 Issues/Year

- Do you wish to achieve total health at all levels?
- Do you wish to discover how a perfectly healthy body works?
- Do you wish to attain freedom from lack of ease which is called as disease?
If your answer is “YES”, in that case the Yogya Aarogya magazine is a blessing. It is a highly useful health magazine which is unique due to its attractive presentation and simple language which can be understood by each and everyone. Being a trilingual magazine, every issue provides useful information to its Hindi, English and Marathi readers on various topics such as health, medical awareness about various conditions, and general well-being – not just physically, but mentally, socially and spiritually too. Even though, most of the sections and articles are in Hindi, you can still enjoy some of them in English and Marathi language too.
Another point that makes Yogya Aarogya exceptional is that it helps you attain total health via spiritual understanding. Additionally, what makes this magazine easily applicable by readers is content such as properties and medicinal uses of various naturally occurring substances, benefits of different therapies, and sections like ‘दादीमाँ के smart tips' (Smart tips from Granny – which suggests simple and beneficial household remedies).
Appreciated by thousands of readers, Yogya Aarogya is transcending its limits every year. We are delighted to serve this world and make it a happier and a healthier place to live in. We are also grateful to our readers for their constant support and feedback to make it even better every time.

  • cancel anytimeCancel Anytime [ No Commitments ]
  • digital onlyDigital Only
MAGZTER IN THE PRESS:View All