Sarita Magazine - January First 2024Add to Favorites

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In this issue

For more than 6 decades, Sarita has been one of the most trusted voices of social change.. The magazine features insightful commentary on social and political issues, thoughtful and entertaining fiction, as well as a distinctive mix of articles on subjects ranging from economy, travel, health, poetry, life and entertainment. It has remained one of most widely read Hindi magazines over the last seven decades.

लोकसभा चुनाव 2024 चुनावी बिसात पर कैसे हैं मोहरे

आम चुनाव 2024 को ले कर विपक्षी एकता से भाजपा आजकल घबराई हुई है क्योंकि इस से उसे नुकसान होने का अंदेशा है. उस के पास राममंदिर का निर्माण पूरा करने के अलावा कोई और उपलब्धि है नहीं. नरेंद्र मोदी को वजीर की तरह पेश कर बाजी जीतने के भाजपा के मंसूबों को गठबंधन के मजबूत चेहरे क्या 2024 के चुनावी शतरंज में धराशायी कर पाएंगे?

लोकसभा चुनाव 2024 चुनावी बिसात पर कैसे हैं मोहरे

7 mins

एडल्ट्री पर रार क्यों

पहले जीवनसाथी से भले ही तलाक न हुआ हो, नए के साथ घर और दुनिया बसा लेना क्यों अपराध नहीं माना जाना चाहिए, इस पर बहस की तमाम गुंजाइशें हैं जो लिवइन के चलन के बाद लगातार हो भी रही हैं लेकिन कोई हल निकलता दिखाई नहीं दे रहा.

एडल्ट्री पर रार क्यों

8 mins

कब तक चलेंगे ऐसे विवाद अयोध्या काशी के बाद अब मथुरा

राममंदिर पर कोर्ट के फैसले के बाद आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि ऐसे विवादों से बचना चाहिए. इस के बाद भी काशी और मथुरा में मंदिर विवाद अदालत तक पहुंच गया. आने वाले कुछ सालों में इन के मुकदमे भी फैसले का आधार ले लेंगे. यहां एक सवाल प्रमुख है कि इस का अंत क्या होगा? क्या एक के बाद एक ऐसे विवाद बढ़ेंगे. सब से बड़ी बात इस से हासिल क्या होगा?

कब तक चलेंगे ऐसे विवाद अयोध्या काशी के बाद अब मथुरा

7 mins

निलंबन तो बहाना था बिल पास कराना था

दोतिहाई सांसदों को हल्ला मचाने के आरोप में सदन से निलंबित कर सरकार ने अपराध से जुड़े 3 महत्त्वपूर्ण बिल बिना किसी बहस के पास करा लिए. क्या यह लोकतंत्र की आत्मा को छलनी कर तानाशाही की ओर बढ़ने का संकेत नहीं है?

निलंबन तो बहाना था बिल पास कराना था

3 mins

डोनाल्ड ट्रंप अब राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ पाएंगे या नहीं

जिन लोगों ने अमेरिका को समझने की कोशिश अभीअभी या कुछ वर्षों पहले ही शुरू की है उन्हें पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नाम से ही लगता है कि अमेरिका उतना उदार है नहीं जितना उस के बारे में हल्ला मचाया जाता है. एक अदालती फैसले के बाद ट्रंप की उम्मीदवारी पर खतरा तो मंडराया है.

डोनाल्ड ट्रंप अब राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ पाएंगे या नहीं

7 mins

भाजपा का धर्मजाल कैसे तोड़ेगी कांग्रेस

योजनाओं के लाभार्थियों का ढिंढोरा भाजपा ऐसे पीटती है मानो सभी को घर और अन्न मिल रहा हो और अब लोगों को पैसा कमाने के लिए मेहनत नहीं करनी पड़ती. इसे किसी चमत्कार से कम कह कर प्रचारित नहीं किया जाता और लोग इस झांसे में आ भी रहे हैं. ऐसे में कांग्रेस और इंडिया गठबंधन असमंजस में हैं कि क्या करें?

भाजपा का धर्मजाल कैसे तोड़ेगी कांग्रेस

6 mins

खतरनाक रेबीज लाइलाज रोग

रेबीज दुनिया की सब से खतरनाक बीमारियों में से एक है. यदि यह बीमारी किसी को होती है तो 99 फीसदी चांस है कि व्यक्ति की मौत हो जाए. ऐसी लाइलाज बीमारी से बचने के क्या हैं उपाय?

खतरनाक रेबीज लाइलाज रोग

5 mins

मैडिकल क्लेम के लिए अब 24 घंटे एडमिट रहना जरूरी नहीं

क्लेम तो आसानी से मिलता नहीं, फिर हैल्थ इंश्योरेंस लेने से क्या फायदा? आम लोगों की स्वास्थ्य बीमा न लेने की एक बड़ी वजह यह मानसिकता भी है जो गलत नहीं है लेकिन इरडा के नए फैसले से लोगों के को उम्मीद बंधी है कि अब मैडिकल क्लेम के लिए 24 घंटे अस्पताल में भरती रहना जरूरी नहीं.

मैडिकल क्लेम के लिए अब 24 घंटे एडमिट रहना जरूरी नहीं

3 mins

आदमी के अंदर का हिंसक जानवर परदे पर

फिल्म 'एनिमल' में भयानक हिंसा और सैक्स सीन दिखाए गए हैं. फिल्मों का इस तरह का कंटैंट पैसा कमाने का जरिया बन गया है, लेकिन ऐसी फिल्में दर्शकों के मनोविज्ञान पर क्या असर छोड़ रही हैं, इस की जिम्मेदारी न निर्देशक लेने को तैयार हैं और न ही कलाकार.

आदमी के अंदर का हिंसक जानवर परदे पर

6 mins

"जो बिकता है वही दिखता है पर छाप नहीं छोड़ पाता" -राजेश्वरी सचदेव

राजेश्वरी सचदेव संजीदा अभिनेत्री रही हैं. उन के हिस्से कई ऐसी फिल्में आईं जो क्रिटिकली सराही गईं. श्याम बेनेगल व बासु चटर्जी के साथ उन्होंने काफी काम किया. छोटी सी उम्र से अभिनय करने वाली राजेश्वरी की जर्नी कैसी रही, जानें.

"जो बिकता है वही दिखता है पर छाप नहीं छोड़ पाता" -राजेश्वरी सचदेव

8 mins

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Sarita Magazine Description:

PublisherDelhi Press

CategoryNews

LanguageHindi

FrequencyFortnightly

Sarita Magazine is a fortnightly Hindi magazine published by the Delhi Press Group. It was first published in 1945. The magazine targets women, and embodies the ideology of social and familial reconstruction.

Sarita Magazine is known for its wide range of content, including:

* Family stories: Sarita Magazine features stories about family relationships, including parent-child relationships, husband-wife relationships, and sibling relationships.
* Social issues: Sarita Magazine also covers a variety of social issues, such as gender equality, women's empowerment, and child welfare.
* Culture and tradition: Sarita Magazine also features articles on Indian culture and tradition, including festivals, customs, and beliefs.
* Health and lifestyle: Sarita Magazine also covers health and lifestyle topics, such as nutrition, fitness, and beauty.
* Fashion and entertainment: Sarita Magazine also features articles on fashion and entertainment, including the latest trends in clothing, movies, and music.

Sarita Magazine is a valuable resource for women who are interested in a variety of topics, including family, society, culture, health, lifestyle, fashion, and entertainment. It is a must-read for any woman who is looking to stay informed about the latest trends and developments in these areas.

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