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आभूषण धारण क्यों करें?

Rishi Prasad Hindi

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August 2024

(अंक ३७८ से आगे) आभूषणों की महत्ता व उपयोगिता के बारे में पूज्य बापूजी के सत्संग में आता है :

आभूषण धारण क्यों करें?

"अँगूठी : इससे ऊर्जा का विकास होता है, मानसिक तनाव से व्यक्ति दूर रहता है, कामवासना पर नियंत्रण होता है। इसे पहनने से जीवनीशक्ति की सुरक्षा होती है, पाचन-तंत्र मजबूत बनता है, गठिया में लाभ होता है। परंतु अँगूठी सोने की हो और उसमें अन्य धातु का टाँका न लगा हो।

बाजूबंद : इससे महिलाओं में वीरता का गुण विकसित होता है। पाचन-तंत्र ठीक रहता है रक्त-संचरण अच्छी तरह से होता है । ये शरीर को सुडौल करने में मदद करते हैं।

कर्ण-कुंडल (बाली या झुमके ) : जो महिलाएँ कानों में कर्ण-कुंडल पहनती हैं वे भावना के साथ विचारशक्ति, बुद्धिशक्ति, निर्णायक शक्ति की धनी बनती हैं। उच्छृंखलता में नियंत्रण और वाणी का संयम होता है। गर्भाशय के रोग, हिस्टीरिया, हर्निया आदि दूसरे रोग उनको जल्दी नहीं होते हैं। दमा में लाभ होता है। कंधों व पीठ का दर्द कम होता है। कर्ण-मार्ग से संबंधित तकलीफें कम होती हैं। कान की चेतना बनी रहती है। मेरी माँ ८६ साल की थी, ठीक से सुनती थी। कैसी खोज है अपने ऋषि-मुनियों की!

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