Denemek ALTIN - Özgür

शब्दों की संजीवनी

Jansatta Lucknow

|

July 27, 2025

ब्द, जो कागज पर स्याही के रूप में उतरते हैं, केवल अक्षरों का समूह नहीं होते, बल्कि वे एक ऐसी शक्ति हैं जो मानव मन की गहराइयों को छू सकते हैं।

- रजनीश जैन

छपे हुए शब्द, चाहे वे साहित्य, कविता, दर्शन, या किसी कहानी का हिस्सा हों, हमारे अंतर्मन में छिपी भावनाओं को जागृत करने की अद्भुत क्षमता रखते हैं। ये शब्द न केवल विचारों को व्यक्त करते हैं, बल्कि वे भावनाओं को भी उभारते हैं, जो हमारे अनुभवों, सपनों और आकांक्षाओं से जुड़े होते हैं।

शब्द मानव सभ्यता का आधार हैं। प्राचीन काल से ही, जब मानव ने लेखन की कला विकसित की, शब्दों ने न केवल ज्ञान को संरक्षित किया, बल्कि भावनाओं को भी व्यक्त करने का माध्यम बनाया। एक कविता की पंक्तियां पढ़ते समय हमारी आंखें नम हो सकती हैं, एक उपन्यास का दृश्य हमें हंसा सकता है, या एक दार्शनिक निबंध हमें गहरे आत्मचिंतन में डुबो सकता है। यह शब्दों की जादुई शक्ति है, जो हमें हमारे अपने भावनात्मक संसार से जोड़ती है। जर्मन दार्शनिक मार्टिन हाइडेगर ने कहा था, 'भाषा ही वह घर है जिसमें अस्तित्व निवास करता है।' हाइडेगर के इस कथन में यह निहित है कि शब्द केवल संचार का साधन नहीं हैं, बल्कि वे हमारे अस्तित्व को अर्थ प्रदान करते हैं। जब हम कोई साहित्यिक रचना पढ़ते हैं, तो वह हमें हमारे होने के मूल प्रश्नों से जोड़ती है। यह प्रक्रिया भावनाओं को जागृत करने का एक महत्त्वपूर्ण हिस्सा है।

प्रकृति और मानव-भावनाएं

साहित्य भावनाओं को जागृत करने का एक शक्तिशाली माध्यम है। जब हम कोई उपन्यास या कविता पढ़ते हैं, तो हम लेखक के शब्दों के माध्यम से उनकी दुनिया में प्रवेश करते हैं। उदाहरण के लिए, रवींद्रनाथ ठाकुर की रचना 'गोरा' में सामाजिक और व्यक्तिगत भावनाओं का ऐसा चित्रण है जो पाठक को गहरे चिंतन में ले जाता है। इसी तरह, यूरोपीय साहित्य में विलियम वर्ड्सवर्थ की कविताएं प्रकृति और मानव भावनाओं के बीच एक गहरे रिश्ते को दर्शाती हैं। उनकी कविता 'डैफोडिल्स' पढ़ते समय पाठक के मन में आनंद और शांति की भावना जागृत होती है।

Jansatta Lucknow'den DAHA FAZLA HİKAYE

Jansatta Lucknow

भारतीय सांस्कृतिक केंद्रों में अनियमितताएं पाए जाने पर लोक लेखा समिति ने कहा वाशिंगटन, पेरिस में आइसीसी बनाने की जांच करें

संसद की एक समिति ने 2022 की कैग की एक रपट का हवाला देते हुए अमेरिका और फ्रांस में भारत के मिशनों द्वारा भारतीय सांस्कृतिक केंद्रों (आइसीसी) की स्थापना में अनियमितताओं की ओर इशारा किया है।

time to read

1 mins

February 06, 2026

Jansatta Lucknow

सेहत की कुंजी

प्र कृति प्रदत्त नेमतों की कोई कीमत नहीं।

time to read

3 mins

February 06, 2026

Jansatta Lucknow

अब हर फिल्म का फैसला आंकड़े करते हैं

अभिनेत्री भूमि पेडनेकर ने कहा कि जब अच्छी फिल्में बाक्स आफिस पर बेहतर प्रदर्शन नहीं करती तो दिल दुखता है।

time to read

2 mins

February 06, 2026

Jansatta Lucknow

हर पल देश के लिए; जितने भी नारे लगा लो, मेरी कब्र नहीं खोद पाओगे

देश की सेवा करने के उनके सभी प्रयासों को नकार रहे हैं।

time to read

3 mins

February 06, 2026

Jansatta Lucknow

भारत स्थित गिरोह से जुड़े दो सौ से अधिक वेबसाइट डोमेन जब्त

अमेरिकी संघीय अधिकारियों ने भारत स्थित एक अंतरराष्ट्रीय अपराध संगठन से जुड़े 200 से अधिक वेबसाइट डोमेन जब्त किए हैं।

time to read

1 min

February 06, 2026

Jansatta Lucknow

दिल्ली-एनसीआर और गुजरात में 'भारत टैक्सी' की शुरुआत

केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को देश के पहले सहकारिता-आधारित टैक्सी सेवा मंच 'भारत टैक्सी' की शुरुआत की।

time to read

1 mins

February 06, 2026

Jansatta Lucknow

मुक्त व्यापार और भारत के अंतर्विरोध

विकसित देशों की मजबूत अर्थव्यवस्थाओं और पूंजीवादी समाज के साथ कदमताल मिलाते भारत के विकासशील समाज के लिए चुनौतियां भी कम नहीं हैं। ऐसे में मुक्त व्यापार समझौतों की दिशा में तेजी से आगे बढ़ना भविष्य में आर्थिक अवसरों के साथ कुछ रणनीतिक जोखिम भी पैदा कर सकता है।

time to read

5 mins

February 06, 2026

Jansatta Lucknow

प्रधानमंत्री के जवाब के बिना लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पारित

लोकसभा ने गुरुवार को विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को ध्वनिमत से पारित कर दिया।

time to read

1 min

February 06, 2026

Jansatta Lucknow

पुरानी वेब श्रृंखलाओं की नई कड़ी के मुरीद हुए दर्शक

बीते कुछ साल से दर्शक फिल्मों से ज्यादा ओटीटी पर वेब सीरीज देखना ज्यादा पसंद कर रहे हैं, क्योंकि ओटीटी पर नई कहानियां, सच दिखाने वाली बेधड़क श्रृंखला, कभी देखा या सुना नहीं ऐसी अचंभित करने वाली बातें दर्शकों को आकर्षित करती हैं।

time to read

2 mins

February 06, 2026

Jansatta Lucknow

हमले बढ़ने, आम चुनाव नजदीक आने से बेचैनी हिंदू अल्पसंख्यक समुदाय में डर का माहौल

बांग्लादेश में हाल के महीनों में हिंदुओं पर हुए हमले को मानवाधिकार समूह और हिंदू नेता 12 फरवरी को होने वाले राष्ट्रीय चुनावों से पहले बढ़ते ध्रुवीकरण और इस्लाम समर्थकों के पुनरुत्थान के तौर पर देख रहे हैं।

time to read

2 mins

February 06, 2026

Listen

Translate

Share

-
+

Change font size