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जीवनशैली में बदलाव लाकर बनाए पैन्क्रियाज को सेहतमंद
Sadhana Path
|January 2026
पाचन संबंधी परेशानियां हैं तो पेट से संबंधित कोई भी छोटीसी समस्या को न करें नजरअंदाज, ऐसा न हो कि पैन्क्रियाटाइटिस या पैन्क्रियाटिक कैंसर जैसे रोग का करना पड़े सामना। सावधान रहें, स्वच्छ और पौष्टिक आहार को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।
कहने को तो पैन्क्रियाज पेट में दाईं ओर स्थित एक छोटा-सा अंग है। लेकिन ऊपर वाले की बनाई, इस शरीर रूपी मानव मशीन में इस अंग को योगदान भी कुछ कम नहीं। जब इस अंग में कोई छोटी-सी भी समस्या होती है तो पूरा शरीर ही इससे प्रभावित होता है। यह अंग न केवल हम जो भी भोजन ग्रहण करते हैं उसे पचाने वाले एंजाइम का उत्पादन करता है, बल्कि उन हार्मोंस का उत्पादन भी करता है, जो शरीर में ग्लूकोज बनने की क्रिया को नियंत्रित करते हैं। एंजाइम और पाचक रस, पैनक्रियाज से निकलकर छोटी आंत में भेजे जाते हैं, जहां पर यह पेट में भोजन को लगातार बारीक करने का काम करते हैं। इस अंग के खराब होने से अगर प्रमुख रोगों की बात करें तो वह पैनक्रियटाइटिस और इस अंग का कैंसर है।
महिला व पुरुष दोनों
ऐसा नहीं है कि पैनक्रियटाइटिस या कैंसर सिर्फपुरुषों में होता है या महिलाओं में। यह दोनों को हो सकता है। हां, बच्चों में यह समस्या नहीं होती। बच्चों में अगर इस अंग से संबंधित कोई समस्या होती है तो वह है कोई जन्मजात विकार। सबसे पहले विश्लेषण करेंगे पैनक्रियटाइटिस के बारे में-
जब पेट फूलने
हममें से न जाने कितने लोग हैं जिन्हें पाचन से संबंधित समस्या होती है। पेट फूला-सा लगता है, नाभि के ऊपर कुछ दर्द महसूस होता है, हर समय उल्टी जैसा मन होता है।
कई बार दर्द निवारक दवाई लेने के बाद भी यह दर्द जस का तस बना रहता है, बुखार भी होता है। चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, ऐसा भी हो सकता है कि यह बदहजमी के कारण भी हो या आपको किसी किस्म की कोई फूड एलर्जी हो। लेकिन अगर अक्सर ही आप ऐसा महसूस करते हैं तो डॉक्टर से परामर्श लेने में कोई बुराई नहीं।
पित्त की पथरी न करें नजरअंदाज
Bu hikaye Sadhana Path dergisinin January 2026 baskısından alınmıştır.
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