जीवनशैली में बदलाव लाकर बनाएं पैन्क्रियाज को सेहतमंद
Sadhana Path
|January 2025
पाचन संबंधी परेशानियां हैं तो पेट से संबंधित कोई भी छोटी-सी समस्या को न करें नजरअंदाज, ऐसा न हो कि पैन्क्रियाटाइटिस या पैन्क्रियाटिक कैंसर जैसे रोग का करना पड़े सामना। सावधान रहें, स्वच्छ और पौष्टिक आहार को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।
कहने को तो पैन्क्रियाज पेट में दाईं ओर स्थित एक छोटा-सा अंग है। लेकिन ऊपर वाले की बनाई, इस शरीर रूपी मानव मशीन में इस अंग को योगदान भी कुछ कम नहीं। जब इस अंग में कोई छोटी-सी भी समस्या होती है तो पूरा शरीर ही इससे प्रभावित होता है। यह अंग न केवल हम जो भी भोजन ग्रहण करते हैं उसे पचाने वाले एंजाइम का उत्पादन करता है, बल्कि उन हार्मोंस का उत्पादन भी करता है, जो शरीर में ग्लूकोज बनने की क्रिया को नियंत्रित करते हैं। एंजाइम और पाचक रस, पैनक्रियाज से निकलकर छोटी आंत में भेजे जाते हैं, जहां पर यह पेट में भोजन को लगातार बारीक करने का काम करते हैं। इस अंग के खराब होने से अगर प्रमुख रोगों की बात करें तो वह पैनक्रियटाइटिस और इस अंग का कैंसर है।
महिला व पुरुष दोनों
ऐसा नहीं है कि पैनक्रियटाइटिस या कैंसर सिर्फ पुरुषों में होता है या महिलाओं में। यह दोनों को हो सकता है। हां, बच्चों में यह समस्या नहीं होती। बच्चों में अगर इस अंग से संबधित कोई समस्या होती है तो वह है कोई जन्मजात विकार। सबसे पहले विश्लेषण करेंगे पैनक्रियटाइटिस के बारे में-
जब पेट फूलने
हममें से न जाने कितने लोग हैं जिन्हें पाचन से संबंधित समस्या होती है। पेट फूला-सा लगता है, नाभि के ऊपर कुछ दर्द महसूस होता है, हर समय उल्टी जैसा मन होता है। कई बार दर्द निवारक दवाई लेने के बाद भी यह दर्द जस का तस बना रहता है, बुखार भी होता है। चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, ऐसा भी हो सकता है कि यह बदहजमी के कारण भी हो या आपको किसी किस्म की कोई फूड एलर्जी हो। लेकिन अगर अक्सर ही आप ऐसा महसूस करते हैं तो डॉक्टर से परामर्श लेने में कोई बुराई नहीं।
पित्त की पथरी न करें नजरअंदाज
Bu hikaye Sadhana Path dergisinin January 2025 baskısından alınmıştır.
Binlerce özenle seçilmiş premium hikayeye ve 9.000'den fazla dergi ve gazeteye erişmek için Magzter GOLD'a abone olun.
Zaten abone misiniz? Oturum aç
Sadhana Path'den DAHA FAZLA HİKAYE
Sadhana Path
ओशो शब्दों के सम्राट हैं
पहली बात तो ओशो एक विचारक हैं, महान विचारक। जो किसी धर्म से नहीं विचारों से जुड़ा रहा। विचारों से जुड़ने का मतलब है सत्य से जुड़ना। जो सत्य से जुड़ता है सब उसके दुश्मन हो जाते हैं, यही कारण था कि ओशो के इतने दुश्मन पैदा हुए। ओशो के साथ बस एक दिक्कत रही कि 99 प्रतिशत वह लोग उनके खिलाफ रहे जिन्होंने उन्हें न कभी सुना है, न ही कभी पढ़ा है।
3 mins
December 2025
Sadhana Path
अद्भुत बौद्धिक क्षमता से युक्त व्यक्ति
मेरी दृष्टि में ओशो अपने समय के सबसे ज्यादा बौद्धिक क्षमता से युक्त व्यक्ति थे जिनमें ज्ञान और विज्ञान को अपने तर्कों के माध्यम से प्रस्तुत करने की अद्भुत क्षमता थी। आप उनसे सहमत हो या न हो वो अलग बात है। मेरी नजर में उन जैसा कोई दूसरा व्यक्ति नहीं है।
1 mins
December 2025
Sadhana Path
काल की शिला पर अमिट हस्ताक्षर हैं ओशो
जब हम किसी भी व्यक्तित्व के बारे में सोचते हैं तो विचारों में सबसे पहले उसकी आकृति उभरती है। ऐसे ही ओशो के बारे में सोचते ही एक चित्र उभरता है, ओशो की घनी दाढ़ी, उन्नत भाल, समुद्र सी गहराई और बाज-सी तीक्ष्ण दृष्टि वाला उनका व्यक्तित्व एक ऐसा आभा मंडल रचता है, कि हम जैसे लोग जिन्होंने उन्हें सिर्फ फोटो में देखा है, उन्हें पढ़ने या सुनने के लिए विवश हो जाते हैं। ओशो की आवाज, वाणी, उनके शब्द, भाषा शैली, अभिव्यक्ति एवं वक्तव्य की बात करूं तो वह अद्वितीय है।
1 mins
December 2025
Sadhana Path
वास्तु उपायों से बनाएं नववर्ष को मंगलमय
नया साल अपने साथ खुशियां और सौहार्द लेकर आता है। ऐसे में पूरे वर्ष को और भी ज्यादा खास बनाने के लिए वास्तु संबंधित कुछ उपाय अपनाए जा सकते हैं। इससे घर की परेशानियां दूर होने के साथ आर्थिक तंगी से भी छुटकारा मिलेगा।
3 mins
December 2025
Sadhana Path
बुद्ध के गुणों का पावन संदेश
जोव्यक्ति बुद्ध होता है, वह सम्यक संबोधि हासिल कर लेता है, वह अनन्त गुणों से भर जाता है। उसके गुणों का ध्यान करते-करते धर्म उजागर होने लगता है। ऐसे में बुद्ध के गुणों का वर्णन करने वाले एक-एक शब्द को समझना आवश्यक है। जो इस प्रकार है-
5 mins
December 2025
Sadhana Path
इस सदी का चमत्कार हैं ओशो
ओशो से मेरा परिचय धर्मयुग के कारण हुआ उसमें उनके लेख, साक्षात्कार छपते थे। और मेरे कॉर्टून जिसमें मेरा डब्बू जी के नाम से एक कॉलम आता था, जिसे ओशो बहुत पसंद करते थे, यहां तक कि वह अपने प्रवचनों के बीच संन्यासियों को हंसाने के लिए उस पत्रिका को हाथ में लेते और कहते 'देखते हैं इस हफ्ते डब्बू जी क्या कहते हैं' और सबको उसमें से कोई लतीफा सुनाते थे। मैंने ओशो को खूब पढ़ा है। मैं उनके प्रवचनों से बहुत प्रभावित रहा हूं।
2 mins
December 2025
Sadhana Path
सर्दियों में बच्चों की इम्यूनिटी बढ़ाने के अचूक उपाय
सर्दियों के दस्तक देते ही सर्द हवाओं का सिलसिला शुरू हो जाता है, जो आगे चलकर बच्चों में सर्दी और खांसी की वजह साबित होता है। ऐसे में अगर बात बच्चों की सेहत की करें तो उनका ख्याल रखना बेहद जरूरी हो जाता है।
3 mins
December 2025
Sadhana Path
सर्दी-खांसी से बचे रहना चाहते हैं तो जरूर खाएं ये सुपरफूड्स
बदलते मौसम में अक्सर इम्युनिटी कमजोर हो जाती है इसलिए इस दौरान ऐसा आहार लेना चाहिए जो आपको भीतर से मजबूत बनाए। चलिए जानते हैं कि सर्दियों में क्या खाएं कि शरीर को शक्ति और ऊर्जा दोनों मिले।
4 mins
December 2025
Sadhana Path
बात जो जरूरी है वो जरा अधूरी है
दूसरे ही पृष्ठ पर सर्वप्रथम मेरा चेहरा देखकर आपका हैरान होना लाजमी है क्योंकि मेरा चेहरा इस विशेषांक के साथ न तो निर्णय करता है, न ही कोई तालमेल बिठाता है। क्योंकि न तो मैं कोई प्रसिद्ध हस्ती हूं न ही बुद्धिजीवियों की श्रेणी में मेरा कहीं कोई स्थान है। तो क्या मैं पत्रिका का संपादक होने के नाते पद और पन्नों का फायदा उठा रहा हूं? नहीं। न तो ऐसी मेरी कोई मंशा है, न ही कोई चाल। सच कहूं तो यह मेरी मजबूरी है। पर मेरी इस मजबूरी का संबंध किसी लाचारी या असहाय जैसी नकारात्मक अवस्था से नहीं है। मेरे लिए मजबूरी का मतलब उस विवशता से है जिसके लिए मेरा लिखना ही एक मात्र विकल्प है और यही विकल्प इस अंक का कई हद तक आधार भी है।
8 mins
December 2025
Sadhana Path
ओशो अस्तित्व की एक अभिव्यक्ति हैं
ओशो से मिलना एक ही शर्त पर होगा- आईना हो जाओ।
3 mins
December 2025
Listen
Translate
Change font size
