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चमत्कारिक औषधि अलसी
Sadhana Path
|January 2023
अलसी सिर्फ खाद्य तेल के रूप में ही प्रयुक्त नहीं होती अपितु इसके कई स्वास्थ्यकारी लाभ भी हैं। कैसे अलसी औषधि के रूप में भी काम करती है, जानने के लिए पढ़ें यह लेख।
अलसी एक प्रकार का तिलहन है। इसका बीज सुनहरे रंग का तथा अत्यंत चिकना होता है। फर्नीचर के वार्निश में इसके तेल का अब भी प्रयोग होता है। आयुर्वेदिक मत के अनुसार अलसी वातनाशक, पित्तनाशक तथा कफ निस्सारक भी होती है। मूत्रल असर एवं व्रण रोपण, रक्त शोधक, दुग्धवर्धक, ऋतु स्राव नियामक, चर्म विकार नाशक, सूजन एवं दर्द निवारक, जलन मिटाने वाला होता है। ये यकृत, अमाशय एवं आंतों की सूजन दूर करता है। बवासीर एवं पेट विकार दूर करता है। सुजाक नाशक तथा गुर्दे की पथरी दूर करता है। अलसी में विटामिन बी एवं कैल्शियम, मैग्नीशियम, कॉपर, लोहा, जिंक, पोटेशियम आदि खनिज लवण होते हैं। इसके तेल में 36 से 50 प्रतिशत ओमेगा-3 होता है।
विभिन्न रोगों में उपयोग
गांठ एवं फोड़ा होने पर- अलसी में व्रण रोपण गुण है। गांठ या फोड़ा होने पर अलसी को पीसकर थोड़ा पानी एवं थोड़ा सा दूध मिलाकर उसमें एक ग्राम साफ हल्दी पीसकर मिला दें। सबको एक साथ मिलाकर आग पर पकाएं फिर पान के हरे पत्ते पर पकाए हुए मिश्रण का गाढ़ा लेप लगाकर सहने योग्य गर्म रखें, तब गांठ या फोड़े पर बांध दें। दर्द, जलन, चुभन से राहत मिलेगी और पांच-छह बार यह पुलटिश बांधने पर फोड़ा पक जाएगा या बैठ जाएगा। फूटने पर विकार पीव (बाहर) निकल जाने पर कुछ दिनों तक यही ठंडी पुलटिश बांधने पर घाव जल्दी भरकर ठीक हो जाता है।
त्वचा के जलने पर- आग या गर्म पदार्थों के संपर्क में आकर त्वचा के जलने या झुलसने पर अलसी के साफ तेल में चूने का साफ निथरा हुआ पानी मिलाकर खूब घोंट लेने पर सफेद रंग का मलहम सा बन जाता है। इसे लगाने पर पीड़ा से राहत मिलती है, ठंडक की अनुभूति होती है तथा घाव ठीक होने लगता है।
पुराने जुकाम में- 50 ग्राम अलसी के बीजों को तवे पर सेंककर पीस लें, इसमें बराबर मात्रा में मिसरी पीसकर मिला लें, दोनों को एक साथ मिलाकर शीशी में भरकर रखें, इसकी पांच ग्राम की मात्रा को गर्म पानी के साथ कुछ दिनों तक लेने से कफ बाहर निकल जाता है। अलसी का कफ निस्सारक गुण होने से सारा कफ विकार बाहर निकल जाता है। फेफड़े निरोग हो जाते हैं और जुकाम से मुक्ति मिलती है।
Bu hikaye Sadhana Path dergisinin January 2023 baskısından alınmıştır.
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