मौसमी तेवर बढ़ा सकते हैं ब्रोंकाइटिस की समस्या
Sadhana Path
|December 2022
सर्दियों का मौसम दस्तक दे रहा है। गिरते तापमान और प्रदूषण के बढ़ते स्तर के कारण खांसी-जुकाम की समस्या देखने को मिलती है। अकसर हम इसे मामूली बीमारी समझकर ओवर-द-काउंटर दवाइयों का सेवन कर लेते हैं हैं। जबकि कई बार छोटी-सी लगने वाली खांसी आगे चलकर ब्रोंकाइटिस का रूप ले लेती है।
वास्तव में ब्रोंकाइटिस सर्दियों में होने वाली एक श्वसन तंत्र संबंधी समस्या है। इसमें कई कारणों से व्यक्ति के फेफड़ों तक ऑक्सीजन पहुंचाने वाली ब्रोंकाई ट्यूब में इंफेक्शन हो जाता है । इंफेक्शन होने पर ब्रोंकाई ट्यूब में सूजन आ जाती है और जलन होती है यानी ऑक्सीजन का मार्ग यानी श्वसन तंत्र सिकुड़ जाता है। फेफड़ों तक ऑक्सीजन समुचित मात्रा में न पहुंच पाने पर फेफड़ों के टिशूज में लचीलापन कम होने लगता है और व्यक्ति को सांस लेने में दिक्कत होती है।
ब्रोंकाइटिस के कारण
जो लोग धूम्रपान ज्यादा करते हैं या फिर अस्थमा के मरीज हैं, उन्हें श्वसन तंत्र संबंधी संक्रमण बार-बार होते रहते हैं। वातावरण में मौजूद प्रदूषक तत्वों की वजह से एलर्जी होना। सर्दी के बदलते मौसम में बैक्टीरियल या वायरल इंफेक्शन ज्यादा होते हैं। जब व्यक्ति वातावरण में मौजूद श्वसन तंत्र को संक्रमित करने वाले बैक्टीरिया या वायरस के संपर्क में आता है, तो उसे भी एक्यूट ब्रोंकाइटिस या खांसी-जुकाम हो जाता है। इनमें इंफ्लूएंजा ए और बी, पैराइंफ्लूएंजा, कोरोनावायरस, राइनोवायरस, रेस्पिरेटरी सिंकाइटियल वायरस, ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस जैसे वायरस प्रमुख हैं। एक्यूट ब्रोंकाइटिस के लिए काली खांसी के बोर्डेटेला पर्टुसिस, निमोनिया के माइकोप्लाज्मा और क्लैमाइडिया बैक्टीरिया भी जिम्मेदार होते हैं।
जब व्यक्ति बीड़ी-सिगरेट पीने, चिमनी, चूल्हे से निकलने वाली हानिकारक गैसों, प्रदूषित हवा, धूल-मिट्टी के कणों के संपर्क में आता है या ऐसे वातावरण में लंबे समय तक काम करता है। ये प्रदूषक तत्व उसके श्वसन तंत्र यानी ब्रोन्कियल ट्यूब को संक्रमित कर सकते हैं। जिससे उसके फेफड़ों तक ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती और उसे सांस लेने में दिक्कत होती है।
इसके अलावा किसी ब्रोंकाइटिस के मरीज के संपर्क में ज्यादा रहने से दूसरा व्यक्ति भी संक्रमित हो सकता है, जिससे सांस लेने की समस्याएं बढ़ जाती हैं। ब्रोंकाइटिस के वायरस या बैक्टीरिया संक्रमित व्यक्ति के खांसने-छींकने पर निकलने वाले ड्रॉपलेट्स के माध्यम से दूसरे व्यक्ति में फैलते हैं।
Bu hikaye Sadhana Path dergisinin December 2022 baskısından alınmıştır.
Binlerce özenle seçilmiş premium hikayeye ve 9.000'den fazla dergi ve gazeteye erişmek için Magzter GOLD'a abone olun.
Zaten abone misiniz? Oturum aç
Sadhana Path'den DAHA FAZLA HİKAYE
Sadhana Path
ओशो शब्दों के सम्राट हैं
पहली बात तो ओशो एक विचारक हैं, महान विचारक। जो किसी धर्म से नहीं विचारों से जुड़ा रहा। विचारों से जुड़ने का मतलब है सत्य से जुड़ना। जो सत्य से जुड़ता है सब उसके दुश्मन हो जाते हैं, यही कारण था कि ओशो के इतने दुश्मन पैदा हुए। ओशो के साथ बस एक दिक्कत रही कि 99 प्रतिशत वह लोग उनके खिलाफ रहे जिन्होंने उन्हें न कभी सुना है, न ही कभी पढ़ा है।
3 mins
December 2025
Sadhana Path
अद्भुत बौद्धिक क्षमता से युक्त व्यक्ति
मेरी दृष्टि में ओशो अपने समय के सबसे ज्यादा बौद्धिक क्षमता से युक्त व्यक्ति थे जिनमें ज्ञान और विज्ञान को अपने तर्कों के माध्यम से प्रस्तुत करने की अद्भुत क्षमता थी। आप उनसे सहमत हो या न हो वो अलग बात है। मेरी नजर में उन जैसा कोई दूसरा व्यक्ति नहीं है।
1 mins
December 2025
Sadhana Path
काल की शिला पर अमिट हस्ताक्षर हैं ओशो
जब हम किसी भी व्यक्तित्व के बारे में सोचते हैं तो विचारों में सबसे पहले उसकी आकृति उभरती है। ऐसे ही ओशो के बारे में सोचते ही एक चित्र उभरता है, ओशो की घनी दाढ़ी, उन्नत भाल, समुद्र सी गहराई और बाज-सी तीक्ष्ण दृष्टि वाला उनका व्यक्तित्व एक ऐसा आभा मंडल रचता है, कि हम जैसे लोग जिन्होंने उन्हें सिर्फ फोटो में देखा है, उन्हें पढ़ने या सुनने के लिए विवश हो जाते हैं। ओशो की आवाज, वाणी, उनके शब्द, भाषा शैली, अभिव्यक्ति एवं वक्तव्य की बात करूं तो वह अद्वितीय है।
1 mins
December 2025
Sadhana Path
वास्तु उपायों से बनाएं नववर्ष को मंगलमय
नया साल अपने साथ खुशियां और सौहार्द लेकर आता है। ऐसे में पूरे वर्ष को और भी ज्यादा खास बनाने के लिए वास्तु संबंधित कुछ उपाय अपनाए जा सकते हैं। इससे घर की परेशानियां दूर होने के साथ आर्थिक तंगी से भी छुटकारा मिलेगा।
3 mins
December 2025
Sadhana Path
बुद्ध के गुणों का पावन संदेश
जोव्यक्ति बुद्ध होता है, वह सम्यक संबोधि हासिल कर लेता है, वह अनन्त गुणों से भर जाता है। उसके गुणों का ध्यान करते-करते धर्म उजागर होने लगता है। ऐसे में बुद्ध के गुणों का वर्णन करने वाले एक-एक शब्द को समझना आवश्यक है। जो इस प्रकार है-
5 mins
December 2025
Sadhana Path
इस सदी का चमत्कार हैं ओशो
ओशो से मेरा परिचय धर्मयुग के कारण हुआ उसमें उनके लेख, साक्षात्कार छपते थे। और मेरे कॉर्टून जिसमें मेरा डब्बू जी के नाम से एक कॉलम आता था, जिसे ओशो बहुत पसंद करते थे, यहां तक कि वह अपने प्रवचनों के बीच संन्यासियों को हंसाने के लिए उस पत्रिका को हाथ में लेते और कहते 'देखते हैं इस हफ्ते डब्बू जी क्या कहते हैं' और सबको उसमें से कोई लतीफा सुनाते थे। मैंने ओशो को खूब पढ़ा है। मैं उनके प्रवचनों से बहुत प्रभावित रहा हूं।
2 mins
December 2025
Sadhana Path
सर्दियों में बच्चों की इम्यूनिटी बढ़ाने के अचूक उपाय
सर्दियों के दस्तक देते ही सर्द हवाओं का सिलसिला शुरू हो जाता है, जो आगे चलकर बच्चों में सर्दी और खांसी की वजह साबित होता है। ऐसे में अगर बात बच्चों की सेहत की करें तो उनका ख्याल रखना बेहद जरूरी हो जाता है।
3 mins
December 2025
Sadhana Path
सर्दी-खांसी से बचे रहना चाहते हैं तो जरूर खाएं ये सुपरफूड्स
बदलते मौसम में अक्सर इम्युनिटी कमजोर हो जाती है इसलिए इस दौरान ऐसा आहार लेना चाहिए जो आपको भीतर से मजबूत बनाए। चलिए जानते हैं कि सर्दियों में क्या खाएं कि शरीर को शक्ति और ऊर्जा दोनों मिले।
4 mins
December 2025
Sadhana Path
बात जो जरूरी है वो जरा अधूरी है
दूसरे ही पृष्ठ पर सर्वप्रथम मेरा चेहरा देखकर आपका हैरान होना लाजमी है क्योंकि मेरा चेहरा इस विशेषांक के साथ न तो निर्णय करता है, न ही कोई तालमेल बिठाता है। क्योंकि न तो मैं कोई प्रसिद्ध हस्ती हूं न ही बुद्धिजीवियों की श्रेणी में मेरा कहीं कोई स्थान है। तो क्या मैं पत्रिका का संपादक होने के नाते पद और पन्नों का फायदा उठा रहा हूं? नहीं। न तो ऐसी मेरी कोई मंशा है, न ही कोई चाल। सच कहूं तो यह मेरी मजबूरी है। पर मेरी इस मजबूरी का संबंध किसी लाचारी या असहाय जैसी नकारात्मक अवस्था से नहीं है। मेरे लिए मजबूरी का मतलब उस विवशता से है जिसके लिए मेरा लिखना ही एक मात्र विकल्प है और यही विकल्प इस अंक का कई हद तक आधार भी है।
8 mins
December 2025
Sadhana Path
ओशो अस्तित्व की एक अभिव्यक्ति हैं
ओशो से मिलना एक ही शर्त पर होगा- आईना हो जाओ।
3 mins
December 2025
Translate
Change font size
