Facebook Pixel चलते चलते पिटते मजदूर बेरहम सरकार | Saras Salil - Hindi - Entertainment - Bu hikayeyi Magzter.com'da okuyun
Magzter GOLD ile Sınırsız Olun

Magzter GOLD ile Sınırsız Olun

Sadece 9.000'den fazla dergi, gazete ve Premium hikayeye sınırsız erişim elde edin

$149.99
 
$74.99/Yıl

Denemek ALTIN - Özgür

चलते चलते पिटते मजदूर बेरहम सरकार

Saras Salil - Hindi

|

June First 2020

भारत में जब कोरोना महामारी के बाद लौकडाउन शुरू हुआ था, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कहने पर लोगों का चलना रुक गया था, रात को दीए जलाए गए थे और तालियां पीटी गई थीं. तब लगा था कि पूरा देश एक है और हम सब मिल कर इस मुसीबत से लोहा ले लेंगे.

- शैलेंद्र सिंह, भारत भूषण श्रीवास्तव और रोहित

चलते चलते पिटते मजदूर बेरहम सरकार

कुछ दिन तो लौकडाउन का पौजिटिव असर दिखा, पर जैसे ही इस देश की रीढ़ कहे जाने वाले मजदूर तबके के सब्र का बांध टूटा और वह दूसरे शहरों में भुखमरी के चलते अपने गांवघर जाने को उतावला हुआ, तो पूरे देश का मंजर ही बदल गया.

Saras Salil - Hindi'den DAHA FAZLA HİKAYE

Saras Salil - Hindi

Saras Salil - Hindi

भोजपुरी सिनेमा की टूटती जोड़ियां

भोजपुरी सिनेमा में यह बात जगजाहिर है कि हीरोइनों का कैरियर केवल भोजपुरी ऐक्टरों के बलबूते ही चलता रहा है, क्योंकि ज्यादातर मामलों में भोजपुरी के टौप ऐक्टरों के हिसाब से ही फिल्मों में हीरोइनों को कास्ट किया जाता है.

time to read

4 mins

February Second 2023

Saras Salil - Hindi

Saras Salil - Hindi

गुंजन जोशी तो 'फाड़' निकले

\"दिल्ली के नैशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से ऐक्टिंग की ट्रेनिंग ले कर आया तो था ऐक्टर बनने, पर बन गया फिल्म स्टोरी राइटर. इस फील्ड में भी मुझे दर्शकों और फिल्म इंडस्ट्री के लोगों का प्यार मिला, क्योंकि मेरा शौक एक आर्टिस्ट बनना ही था, जिस में राइटिंग, डायरैक्शन, ऐक्टिंग सब शामिल रहा है. मेरे आदर्श गुरुदत्त हैं, क्योंकि उन्होंने लेखन से ले कर अभिनय तक सब किया और दोनों में कामयाब रहे,\" यह कहना है गुंजन जोशी का.

time to read

3 mins

February Second 2023

Saras Salil - Hindi

Saras Salil - Hindi

सैक्स रोगों की अनदेखी न करें

सैक्स से जुड़े रोग आदमी और औरत दोनों में सैक्स के प्रति अरुचि बढ़ाते हैं. इस के साथ ही ये शारीरिक और मानसिक दोनों ही तरह की परेशानियों को भी बढ़ाते हैं.

time to read

3 mins

February Second 2023

Saras Salil - Hindi

Saras Salil - Hindi

एक थप्पड़ की कीमत

वैसे तो रवि अपने एकलौते बेटे सोहम को प्यार करता था, पर जबतब उसे थप्पड़ भी मार देता था. एक दिन उस ने फिर वही सब दोहराया, लेकिन यह थप्पड़ उस पर ही भारी पड़ गया. लेकिन कैसे?

time to read

3 mins

February Second 2023

Saras Salil - Hindi

Saras Salil - Hindi

वर्मा साहब गए पानी में

वर्मा साहब की रिटायरमैंट गाजेबाजे के साथ हुई. घर पर दावत भी दी गई, पर उस के बाद उन की पत्नी ने ऐसा बम फोड़ा कि वर्मा साहब के कानों तले की जमीन खिसक गई...

time to read

5 mins

February Second 2023

Saras Salil - Hindi

Saras Salil - Hindi

नाजायज संबंध औनलाइन ज्यादा महफूज

सदियों से मर्दऔरतों में नाजायज संबंध बनते आए हैं. अब तो इस तरह के एप आ गए हैं, जहां औनलाइन डेटिंग की जा सकती है. इसे एक सुरक्षित तरीका बताया जाता है. क्या वाकई में ऐसा है?

time to read

5 mins

February Second 2023

Saras Salil - Hindi

Saras Salil - Hindi

कत्ल करने से पीछे नहीं हट रही पत्नियां

एक पारिवारिक झगड़े के मसले पर फैसला देते हुए कोर्ट ने टिप्पणी की है कि \"बीते डेढ़ दशक में प्रेम प्रसंगों के चलते होने वाली हत्याओं की दर बढ़ी है, जिस से समाज पर बुरा असर पड़ा है. इस पर गंभीरता से विचार करना जरूरी है.'

time to read

5 mins

February Second 2023

Saras Salil - Hindi

Saras Salil - Hindi

आसाराम का ढहता साम्राज्य

आसाराम के संदर्भ में आज का समय हमेशा याद रखने लायक हो गया है, क्योंकि धर्म के नाम पर अगर कोई यह समझेगा कि वह देश की जनता और कानून को ठेंगा बताता रहेगा, तो उस की हालत भी आसाराम बापू जैसी होनी तय है.

time to read

3 mins

February Second 2023

Saras Salil - Hindi

Saras Salil - Hindi

अडाणीजी यह राष्ट्रवाद क्या है ?

जिस तरह भारत के बड़े रुपएपैसे वाले, चाहे अडाणी हों या अंबानी की जायदाद बढ़ती चली जा रही है और दुनिया के सब से बड़े पूंजीपतियों की गिनती में इन को शुमार किया जाने लगा है, उस से यह संकेत मिलने लगा था कि कहीं न कहीं तो दो और दो पांच है.

time to read

3 mins

February Second 2023

Saras Salil - Hindi

Saras Salil - Hindi

सोशल मीडिया: 'पठान' के बहाने नफरती ट्रैंड का चलन

सुनामी चाहे कोई समुद्र उगले या कोई फिल्म, ज्वार का जोश ठंडा होने पर ही पता चलता है कि तबाही किस हद तक की थी. कुछ ऐसा ही महसूस हुआ फिल्म 'पठान' को ले कर.

time to read

4 mins

February Second 2023

Translate

Share

-
+

Change font size