Denemek ALTIN - Özgür
बूँद का कमाल
Shaikshanik Sandarbh
|September - October 2021
विज्ञान ज्ञान का पीरियड लग चुका था। मास्साब कक्षा में घुसे तो देखा कि बच्चे फ्यूज़ बल्ब में पानी भरकर अवलोकन कर रहे हैं।
कुर्सी पर बैठकर, अपनी दोनों कुहनियों को टेबल पर टिकाते हुए, मास्साब बोले, “अच्छा तो आज एक और प्रयोग करेंगे।” मास्साब एक-एक काँच की पट्टी को खिड़की में से आ रही रोशनी के विरुद्ध उठाकर, और उनमें से झाँक-झाँककर, अपने रूमाल से साफ कर रहे थे।
Bu hikaye Shaikshanik Sandarbh dergisinin September - October 2021 baskısından alınmıştır.
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Shaikshanik Sandarbh
हँसाते - रुलाते, रिश्ते - नाते
किशोरावस्था में लड़के अनेक शारीरिक व भावनात्मक बदलावों से गुजर रहे होते हैं। पितृसत्तात्मक सामाजिक ताने-बाने में अक्सर इन बदलावों पर खुलकर बातचीत कर पाना और एक स्वस्थ नज़रिया विकसित कर पाना सम्भव नहीं होता। इसी कमी को ध्यान में रखकर एकलव्य ने बेटा करे सवाल किताब विकसित की है जिसके अलग-अलग अध्यायों में किशोरावस्था के विभिन्न आयामों व उनके सामाजिक-सांस्कृतिक, शारीरिक व भावनात्मक पहलुओं की चर्चा की गई है। आइए, पढ़ते हैं इस किताब का एक महत्वपूर्ण हिस्सा।
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