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पशुओं में सामान्य व्याधियां एवं उपचार
Modern Kheti - Hindi
|15th February 2022
अगर आप एक पशुपालक हैं तो आपको पशुओं में होने वाली सामान्य बीमारियों/व्याधियों तथा उनके इलाज के बारे में कुछ जानकारी होनी चाहिए। क्योंकि पशुओं के बीमार होने पर हर समय चिकित्सक को बुला नहीं सकते हैं। एक कहावत प्रसिद्ध है 'समय से पहले चेते किसान' इसलिए पशुपालकों को जागरूक रहना चाहिए, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान न हो।
1. घाव : घाव से खून बन्द करने के लिए रुई को 1% फिटकरी या फिनायल के घोल में मिलाकर व निचोड़ कर घाव में भर कर तथा 10-15 मिनट तक इस रूई को हाथ से दबाए रखो। खून बन्द होने पर प्रतिदिन 1 भाग फिनाइल 8 भाग सरसों या अलसी के तेल में घोल बनाया हुआ लेप लगाकर पट्टी बाँधनी चाहिए। खुर पर घाव होने पर खुर को 1% तूतिया के घोल में 15-20 मिनट प्रतिदिन डुबोना चाहिए।
Bu hikaye Modern Kheti - Hindi dergisinin 15th February 2022 baskısından alınmıştır.
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पृथ्वी की मिट्टी में मौजूद कार्बन की मात्रा वायुमंडल और सभी पौधों में मौजूद कार्बन से तीन गुना अधिक है। इसका अर्थ यह है कि मिट्टी में कार्बन को समझना और उसे नियंत्रित करना जलवायु परिवर्तन के मुकाबले में बेहद महत्वपूर्ण है। मिट्टी में रहने वाले सूक्ष्मजीव (माइक्रोब्स) मृत पौधों और अन्य जैविक पदार्थों को तोड़ते हैं। इस प्रक्रिया में कभी-कभी कार्बन सीओ2 के रूप में वायुमंडल में वापस चला जाता है और कभी-कभी यह मिट्टी में लंबे समय तक सुरक्षित हो जाता है। हाल ही में कॉर्नेल विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने पाया है कि जब सूक्ष्मजीव मृत पौधों को अपघटित करते हैं, तो मिट्टी में मॉलिक्यूलर विविधता (मॉलिक्यूल की विविधता) पहले बढ़ती है, फिर एक महीने के बाद स्थिर हो जाती है और उसके बाद घटने लगती है। शोध पत्र में शोधकर्ता के हवाले से कहा गया है कि यह सवाल बेहद महत्वपूर्ण है कि क्या हम मिट्टी से कार्बन का नुकसान कम कर सकते हैं या इसे बढ़ा सकते हैं, जिससे वायुमंडल में सीओ2 नियंत्रित रहेगा। क्योंकि मिट्टी में इतनी बड़ी मात्रा में कार्बन मौजूद है, छोटी-छोटी बदलाव भी वायुमंडल पर बड़ा असर डाल सकते हैं। दशकों तक वैज्ञानिकों का मानना था कि मिट्टी में कार्बन मुख्य रूप से ऐसे पौधों से जमा होता है जिनके अवयव कठिन अपघटन वाले होते हैं। लेकिन 2011 में शोधकर्ताओं ने एक अहम शोध प्रकाशित किया जिसमें यह सिद्ध हुआ है कि यह सच नहीं है। वास्तव में मिट्टी में कार्बन का भंडारण सूक्ष्मजीव, अणु और खनिजों के जटिल पारिस्थितिकी तंत्र पर निर्भर करता है।
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