साहसी उर्विल
Champak - Hindi|September Second 2021
उर्विल और उस के दोस्त उन की बिल्डिंग के नजदीक बस स्टौप पर खड़े थे. वे अपनी स्कूल बस का इंतजार कर रहे थे. कुछ ही देर में अंकल वहां आए और सिगरेट पीने लगे. शायद वे भी अपनी कंपनी की बस का इंतजार कर रहे थे. इतने में उर्विल की स्कूल बस स्टौप पर आ गई.
सिद्धेश भुसाने

लगभग 4-5 दिन तक ऐसा ही चलता रहा. उर्विल और उन अंकल का सुबह एक ही समय था. वे अंकल हर दिन बस स्टौप पर खड़े हो कर सिगरेट पीते थे. उन्हें इस तरह सिगरेट पीते देख एक दिन उर्विल ने अपने दोस्तों से कहा, "हमें इन अंकल से बात करनी चाहिए, क्योंकि इस तरह पब्लिक प्लेस पर सिगरेट पीने से वह अपने साथसाथ हमें और अन्य लोगों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं, जो सिगरेट नहीं पीते. कल शनिवार है और हमारे स्कूल की भी छुट्टी है, इस बारे में उन से बात करने के लिए आज का दिन अच्छा रहेगा. इस बारे में मुझे अपने पापा से भी बात करनी चाहिए.

उर्विल के दोस्त मान गए. उस दिन स्कूल से घर आने के बाद उर्विल ने अपने पापा को यह बात बताई. उर्विल के पापा पुलिस में थे. वे उर्विल की बात सुन कर बोले, “उर्विल, सचमुच यह गलत है. तुम अपने सारे दोस्तों को आज शाम अपने घर बुलाओ. मैं तुम्हें और तुम्हारे दोस्तों को समझाऊंगा कि ऐसे लोगों से कैसे बोलना चाहिए? हमें किसी से डरना नहीं चाहिए." शाम को उर्विल के सभी दोस्त उस के घर आए. उर्विल के पापा बोले, “आओ, बैठो बच्चो. उर्विल ने मुझे बस स्टौप पर उस आदमी के बारे में बताया.

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