वीर की लिखावट
Champak - Hindi|September Second 2021
वीर एक समझदार छात्र था. वह मददगार और बहुत ही मजाकिया था, लेकिन लापरवाही बहुत करता था. पिछले कुछ दिनों से वह अपनी पढ़ाई पर ध्यान नहीं दे रहा था.
पूनम पांडे

एक दिन वह स्कूल से लौटा तो खुशी से उस ने मां को बताया, “खेल प्रतियोगिता में कबड्डी में उस ने एक मैडल जीता है,” मां मुसकरा दीं. खुश हो कर अपने बैग से मैडल निकाला और मां के सामने पहन कर आ गया.

मां ने खुश हो कर उसे प्यार से गले लगा लिया. उन्हें बहुत खुशी हो रही थी कि वीर खेल में भी बहुत अच्छा है.

वीर खाना खा कर आराम कर रहा था, तो मां ने उस का बैग कुरसी से उठा कर एक तरफ रख दिया. शायद बैग खुला हुआ था इसीलिए बैग से एक कौपी नीचे गिर गई. मां ने कौपी खोली और वीर की खराब लिखावट देख कर उन को बुरा लगा. वे कौपी वापस बैग में रख कर बहुत उदास हो गई थीं. वीर 5वीं कक्षा में पढ़ रहा था और टीचर ने मां को बताया था कि वीर को अपनी लिखावट में सुधार करने की जरूरत है.

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